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Saharanpur News: औद्योगिक क्षेत्रोंं के निर्धारण में गड़बड़ी, नगर आयुक्त ने बिठाई जांच
Tue, 23 Dec 2025 01:22 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 23 Dec 2025 01:22 AM IST
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नगर निगम का गृहकर एवं जलकर अनुभाग।
सहारनपुर। दिल्ली रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र और कामधेनु काॅम्प्लेक्स में भवनों के कर निर्धारण की जांच होगी। कार्यकारिणी समिति की बैठक में कर निर्धारण में गड़बड़ी के आरोप लगने के बाद महापौर के निर्देश पर नगर आयुक्त ने जांच समिति गठित कर दी है।
कार्यकारिणी समिति की बैठक 18 दिसंबर को हुई थी। इसमें सदस्य मंसूर बदर ने पूछा था कि कामधेनु कॉम्प्लेक्स कितने वर्ग गज में फैला है और कितने भवनों पर कितना टैक्स लगा है। जांच कराकर यह बताया जाए। उन्होंने कार्यकारिणी समिति के तीन सदस्यों की समिति बनाकर अवर अभियंताओं ने नपाई कराने की मांग की थी, साथ ही दिल्ली रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र में औद्योगिक भवनों के कर निर्धारण में अनियमितता होने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि कोई भी औद्योगिक भवन 500 वर्ग गज से कम नहीं है, लेकिन 100 से 200 वर्ग गज का टैक्स लगाया गया है। उन्होंने मांग की थी कि नगर आयुक्त इसकी जांच कराएं।
इसके बाद महापौर डॉ. अजय कुमार ने दोनों जगहों की जांच के लिए समिति गठित करने के निर्देश नगर आयुक्त शिपू गिरि को दिए थे। इसके बाद नगर आयुक्त ने तीन सदस्यों की जांच समिति गठित करते हुए जल्द से जल्द आख्या प्रस्तुत करने को कहा है। जांच समिति में सहायक नगर आयुक्त विकासधर दुबे, कर अधीक्षक सुधीर शर्मा और अवर अभियंता अनुज कुमार को शामिल किया गया है।
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पूर्व में भी उठते रहे हैं सवाल
व्यावसायिक भवनों के कर निर्धारण पर पूर्व में भी सवाल उठते रहे हैं। दिल्ली रोड स्थित एक होटल पर कम टैक्स लगाने का मामला करीब पांच वर्ष पहले चर्चाओं में रहा था, जिसके बाद टैक्स ठीक किया गया था। दिल्ली रोड पर ही एक बड़ी सोसायटी और उसमें बने व्यावसायिक भवन से अभी तक टैक्स वसूली नहीं की गई है। कई अन्य होटलों पर भी टैक्स निर्धारण में गड़बड़ी किए जाने की शिकायतें हैं।
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जीआईएस सर्वे आधारित नोटिस का वितरण शुरू
नगर निगम ने 72 हजार आवासीय भवनों का जीआईएस सर्वे आधारित टैक्स नोटिस के बिल जारी करना शुरू कर दिए हैं। सभी राजस्व निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने अधीनस्थ कर संग्रहकर्ताओं द्वारा प्रतिदिन वितरित किए गए नोटिसों की जानकारी मुख्य कर निर्धारण अधिकारी को देंगे। यदि किसी ने नोटिस वितरित किए हैं और जानकारी नहीं दी है तो उसके नोटिस वितरित करना नहीं माना जाएगा।
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कार्यकारिणी समिति की बैठक 18 दिसंबर को हुई थी। इसमें सदस्य मंसूर बदर ने पूछा था कि कामधेनु कॉम्प्लेक्स कितने वर्ग गज में फैला है और कितने भवनों पर कितना टैक्स लगा है। जांच कराकर यह बताया जाए। उन्होंने कार्यकारिणी समिति के तीन सदस्यों की समिति बनाकर अवर अभियंताओं ने नपाई कराने की मांग की थी, साथ ही दिल्ली रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र में औद्योगिक भवनों के कर निर्धारण में अनियमितता होने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि कोई भी औद्योगिक भवन 500 वर्ग गज से कम नहीं है, लेकिन 100 से 200 वर्ग गज का टैक्स लगाया गया है। उन्होंने मांग की थी कि नगर आयुक्त इसकी जांच कराएं।
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इसके बाद महापौर डॉ. अजय कुमार ने दोनों जगहों की जांच के लिए समिति गठित करने के निर्देश नगर आयुक्त शिपू गिरि को दिए थे। इसके बाद नगर आयुक्त ने तीन सदस्यों की जांच समिति गठित करते हुए जल्द से जल्द आख्या प्रस्तुत करने को कहा है। जांच समिति में सहायक नगर आयुक्त विकासधर दुबे, कर अधीक्षक सुधीर शर्मा और अवर अभियंता अनुज कुमार को शामिल किया गया है।
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पूर्व में भी उठते रहे हैं सवाल
व्यावसायिक भवनों के कर निर्धारण पर पूर्व में भी सवाल उठते रहे हैं। दिल्ली रोड स्थित एक होटल पर कम टैक्स लगाने का मामला करीब पांच वर्ष पहले चर्चाओं में रहा था, जिसके बाद टैक्स ठीक किया गया था। दिल्ली रोड पर ही एक बड़ी सोसायटी और उसमें बने व्यावसायिक भवन से अभी तक टैक्स वसूली नहीं की गई है। कई अन्य होटलों पर भी टैक्स निर्धारण में गड़बड़ी किए जाने की शिकायतें हैं।
जीआईएस सर्वे आधारित नोटिस का वितरण शुरू
नगर निगम ने 72 हजार आवासीय भवनों का जीआईएस सर्वे आधारित टैक्स नोटिस के बिल जारी करना शुरू कर दिए हैं। सभी राजस्व निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने अधीनस्थ कर संग्रहकर्ताओं द्वारा प्रतिदिन वितरित किए गए नोटिसों की जानकारी मुख्य कर निर्धारण अधिकारी को देंगे। यदि किसी ने नोटिस वितरित किए हैं और जानकारी नहीं दी है तो उसके नोटिस वितरित करना नहीं माना जाएगा।