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Saharanpur News: शुगर मरीजों पर महंगाई की मार, दवा और इंसुलिन के दाम बढ़े

Mon, 11 May 2026 01:10 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 11 May 2026 01:10 AM IST
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Inflation hits diabetic patients, medicine and insulin prices rise
- इंसुलिन इंजेक्शन में छह से सात और दवा की कीमतों में 15 फीसदी तक उछाल
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- अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण विभिन्न कंपनियों ने बढ़ाए हैं दाम

संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण जीवनशैली से जुड़ी बीमारी शुगर अब सेहत के साथ आम आदमी की जेब पर भारी चोट कर रही है। शुगर की दवाओं पर 15 फीसदी और इंसुलिन इंजेक्शन पर छह से सात प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो मरीज पहले अपनी दवाओं पर सीमित खर्च करते थे, उनका मासिक बजट अब कई गुना बढ़ गया है।

जिले में छह हजार से फुटकर मेडिकल स्टोर, 350 से 400 थोक की दुकानें संचालित हैं। इनके अलावा 150 से अधिक निजी अस्पताल और क्लीनिक चल रहे। दवा विक्रेताओं के मुताबिक, मेडिकल स्टोर और अस्पतालों में शुगर की दवाओं का मासिक टर्नओवर एक करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया है। इसमें टैबलेट, कैप्सूल और इंसुलिन इंजेक्शन शामिल हैं। दवा विक्रेता सुनील राणा का कहना है कि कच्चा माल (रॉ मैटेरियल) और लॉजिस्टिक्स की लागत बढ़ने के कारण कंपनियां दाम बढ़ाने पर मजबूर हैं। वहीं, लोगों को महंगी कीमतों में दवाएं खरीदनी पड़ रही है। इससे मरीजों और उनके तीमारदारों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है।
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-- बिगड़ रहा हर महीने का बजट
सर्किट हाउस रोड निवासी अंकित का कहना है कि शुगर की नियमित दवा चल रही है। दवा का खर्चा तो बढ़ रहा है। इसके अलावा शुगर टेस्ट स्ट्रिप, ग्लूकोमीटर, डॉक्टर को दिखाना और नियमित जांच का खर्च भी जुड़ता है। अगर किसी के घर में एक से ज्यादा सदस्य लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे हो तो दवा का मासिक बजट तेजी से बढ़ जाता है।
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-- 20 फीसदी को लगता है इंसुलिन
जिले की आबादी करीब 40 लाख है। 10 लाख शुगर के मरीजों में करीब 20 फीसदी को इंसुलिन इंजेक्शन लगता है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक जिले के सरकारी अस्पतालों में 29,841 शुगर मरीजों ने इलाज पाया, जबकि प्राइवेट अस्पतालों में शुगर मरीजों की संख्या पांच से छह गुना अधिक हैं।
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