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बच्चों में असहमति का भाव और चिड़चिड़ापन बढ़ा

Wed, 09 Jun 2021 10:51 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 09 Jun 2021 10:51 PM IST
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Increased dissatisfaction and irritability in children
सहारनपुर। कोरोना काल में बच्चे घरों में रहकर ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। जिस कारण उन्हें मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल करना पड़ रहा है। बच्चों को बाहर खेलने का जो वातावरण मिल जाता था, स्कूल में खेलने, पढ़ने और संगी साथियों के साथ जो माहौल मिलता था, वह अब नहीं मिल पा रहा है। इस कारण बच्चों के मानसिक स्तर पर प्रभाव पड़ रहा है।
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बच्चों में अभिभावकों के प्रति असहमति का भाव पनपा है तो चिड़चिड़ापन बढ़ गया है। ऐसे मामले मनोचिकित्सकों के पास भी पहुंच रहे हैं, जिसमें अभिभावक कहते हैं कि बच्चा बहुत जिद्दी हो गया है, बाहर खेलने की जिद करता है और अपनी बात अड़ने लगा है। ऐसे में अभिभावकों को जरूरत है कि बच्चों के साथ मैत्रीपूर्ण माहौल बनाएं और उनको इंडोर गेम्स में व्यस्त करें।
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बच्चे जिद्दी हो रहे हैं, बाहर जाना चाहते हैं। ज्यादातर समय मोबाइल पर ऑनलाइन पढ़ाई में लगे रहने से यह दिक्कत हुई है। क्योंकि कोरोना संक्रमण की वजह से स्कूल बंद होने से बच्चे घर से बाहर ही नहीं निकल पा रहे हैं। -- मीना, मक्खन कॉलोनी
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बच्चे स्कूल जाते हैं तो सुबह जल्दी उठ जाते हैं। स्कूल जाने आने में शारीरिक श्रम होता था, मगर अब ज्यादा समय घर में ही रहने के कारण इम्युनिटी भी प्रभावित हुई है। इसलिए बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान देना पड़ रहा है। -- सौरभ गुप्ता, शारदानगर
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पढ़ाई ऑनलाइन बेशक चल रही है, मगर ज्यादा समय फोन पर लगे रहने से दिक्कत हो रही है। बच्चे बाहर खेलने की जिद करते हैं, मगर कोरोना संक्रमण के डर की वजह से बच्चों को बाहर नहीं निकलने देती हूं। -- सोनिया अग्रवाल, शारदानगर
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सारा दिन घर पर रहकर बच्चे एक मानसिक दबाव महसूस कर रहे हैं। अभिभावक भी बच्चों के प्रति चिंतित हैं। स्थितियां काफी गंभीर हो चुकी हैं बच्चों को मनोवैज्ञानिक रूप से भी काउंसिलिंग की आवश्यकता महसूस की जा रही है। -- यशोधरा, श्यामनगर
वर्जन
कोरोना काल में घर में ही रहने से बच्चों में चिड़चिड़ापन बढ़ा है। बच्चे खेलने कूदने जैसी अपनी इच्छाएं पूरी करना चाहते हैं। अभिभावकों के प्रति असहमति का भाव बच्चों में पैदा हुआ है। ऐसे बच्चे और अभिभावक सलाह लगातार आ रहे हैं। -- डॉ. राजकुमार सिंह, मनोचिकित्सक
ऐसा करने से ठीक होगी स्थिति
-- इंडोर गेम्स में बढ़ाएं रुचि
-- अभिभावकों को चाहिए कि बच्चों को इंडोर गेम्स में ज्यादा से ज्यादा शामिल करें और खुद भी उनके साथ खेलें। इनमें लूडो, कैरम आदि खेल खेले जा सकते हैं।
-- कहानी सुनाने के हैं फायदे
-- पुराने समय में दादी, नानी परिवार के बच्चों को कहानियां सुनाती थीं। अभिभावक उसी भूमिका में आकर बच्चों को रामायण, महाभारत या अन्य कोई पुरानी कहानी सुनाएं, ताकि बच्चों का मनोरंजन और ज्ञानवर्द्धन हो।
-- कलात्मक स्वभाव बढ़ाएं
-- अभिभावकों को बच्चों के साथ अपने अनुभव साझा करने चाहिए। ड्राइंग, डांसिंग, सिंगिंग आदि जिसमें भी बच्चों की रुचि है, उसको ध्यान में रखते हुए बच्चों के साथ करें।

-- मोबाइल और लैपटॉप के ज्यादा प्रयोग से बचें
-- जब बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर लें और अपना काम निपटा लें तो उन्हें ज्यादा समय तक मोबाइल अथवा लैपटॉप के साथ व्यस्त न रहने दें।
रोग प्रतिरोधक क्षमता का रखें ध्यान
खेल से दूर होने पर बच्चों की इम्युनिटी भी प्रभावित हुई है। इसलिए बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान दिया जाए। बच्चों के भोजन में प्रोटींस, विटामिंस को अवश्य शामिल करें। फल और जूस रोजाना दें। किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर प्रशिक्षित चिकित्सक की सलाह से दवा दिलाएं।
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