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घोषणा पत्र में शामिल करें एमएसएमई की समृद्घि के प्रस्ताव
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सहारनपुर। आईआईए के चैप्टर चेयरमैन प्रमोद सडाना ने कहा कि सभी राजनीतिक दल लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योगों की बेहतरी के लिए विभिन्न प्रस्तावों को अपने चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करें। एमएसएमई सेक्टर प्रदेश के करीब 10 करोड़ लोगों को सीधे रोजगार मुहैया करा रहा है। उन्होंने विधान परिषद में शिक्षकों और स्नातकों की तर्ज पर उद्यमियों के लिए कम से कम आठ सीटें देने की भी मांग की।
मंगलवार को प्रताप मार्केट स्थित इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के कार्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता में चैप्टर चेयरमैन ने कहा कि सभी राजनीतिक दल विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं। जल्द ही वे अपना घोषणापत्र भी जारी करेंगे। उन्होंने उम्मीद जतायी कि सभी सियासी दल उनके नौ प्रस्तावों को घोषणा पत्र में शामिल करेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों एवं स्वायत्तशासी निकायों द्वारा की जाने वाली खरीद का कम से कम 30 प्रतिशत एमएसएमई सेक्टर से किया जाए। उन्होंने एमएसएमई की लीज होल्ड भूमि को फ्री होल्ड करने, औद्योगिक परिसंपत्तियों/ भवनों पर हाउस टैक्स को आवासीय भवनों से कम करने, क्लीन एनर्जी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए रुफ टॉप सोलर सिस्टम को प्रोत्साहित कर नेट मीटरिंग की सुविधा को पुन: बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदेश त्वरित औद्योगिक विकास के लिए पूर्वांचल एवं गंगा एक्सप्रेस वे पर नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएं। उन्होंने एमएसएमई में पर्यावरण, विद्युत एवं अग्नि सुरक्षा के निरीक्षण के लिए गुजरात की तर्ज पर थर्ड पार्टी निरीक्षण की व्यवस्था लागू करने, मंडी शुल्क को समाप्त करने और पीएनजी को ईंधन के रूप में बढ़ावा देने के लिए दस प्रतिशत से घटाकर तीन फीसदी करने की मांग की। इस दौरान केआर सिंघल, आरके धवन, अशोक बजाज, अशोक गांधी, हरजीत सिंह, प्रियेश गर्ग, सुनील सैनी, विनय दहूजा, परमजीत सिंह, सतीश अरोड़ा, सुरेंद्र मोहन कालरा, संदीप गुप्ता, राही मक्कड़ आदि रहे।
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मंगलवार को प्रताप मार्केट स्थित इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के कार्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता में चैप्टर चेयरमैन ने कहा कि सभी राजनीतिक दल विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं। जल्द ही वे अपना घोषणापत्र भी जारी करेंगे। उन्होंने उम्मीद जतायी कि सभी सियासी दल उनके नौ प्रस्तावों को घोषणा पत्र में शामिल करेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों एवं स्वायत्तशासी निकायों द्वारा की जाने वाली खरीद का कम से कम 30 प्रतिशत एमएसएमई सेक्टर से किया जाए। उन्होंने एमएसएमई की लीज होल्ड भूमि को फ्री होल्ड करने, औद्योगिक परिसंपत्तियों/ भवनों पर हाउस टैक्स को आवासीय भवनों से कम करने, क्लीन एनर्जी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए रुफ टॉप सोलर सिस्टम को प्रोत्साहित कर नेट मीटरिंग की सुविधा को पुन: बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदेश त्वरित औद्योगिक विकास के लिए पूर्वांचल एवं गंगा एक्सप्रेस वे पर नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएं। उन्होंने एमएसएमई में पर्यावरण, विद्युत एवं अग्नि सुरक्षा के निरीक्षण के लिए गुजरात की तर्ज पर थर्ड पार्टी निरीक्षण की व्यवस्था लागू करने, मंडी शुल्क को समाप्त करने और पीएनजी को ईंधन के रूप में बढ़ावा देने के लिए दस प्रतिशत से घटाकर तीन फीसदी करने की मांग की। इस दौरान केआर सिंघल, आरके धवन, अशोक बजाज, अशोक गांधी, हरजीत सिंह, प्रियेश गर्ग, सुनील सैनी, विनय दहूजा, परमजीत सिंह, सतीश अरोड़ा, सुरेंद्र मोहन कालरा, संदीप गुप्ता, राही मक्कड़ आदि रहे।
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