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एनसीसी के जरिए दाखिलों और नौकरियों में पा सकते हैं महत्व
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सहारनपुर। एनसीसी (नेशनल कैडेट कोर) भर्ती के शिविर विद्यालयों में शुरू हो चुके हैं। एनसीसी में सर्टिफिकेट यानी प्रमाणपत्र प्राप्त कर विद्यार्थी अगली कक्षाओं में दाखिले और सरकारी नौकरियों में महत्व पा सकते हैं।
जनपद में 83 यूपी बटालियन एनसीसी, 86 यूपी बटालियन एनसीसी और 26 यूपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी कार्य कर रहे हैं। तीनों इकाइयां प्रत्येक वर्ष विद्यालयों में शिविर लगाकर कैडेट्स की भर्ती करते हैं। विद्यालयों में दाखिले के साथ ही कैडेट्स की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। जुलाई तक कैडेट भर्ती कर लिए जाते हैं, लेकिन कोरोना की वजह से इस बार भर्ती प्रक्रिया दो माह लेट हो गई है। छात्रों में एनसीसी के प्रति रुझान की बात करें तो 50 फीसदी ही छात्र एनसीसी में आना चाहते हैं। इसका बेहतर उदाहरण यह है कि एसएएम इंटर कॉलेज में सात सितंबर मंगलवार को एनसीसी की भर्ती का शिविर लगाया गया। कक्षा आठ से दस के 360 विद्यार्थियों में से 110 ही ने हिस्सा लिया। इनमें से 50 छात्रों का चयन किया गया है। एनसीसी अधिकारियों की मानें तो एनसीसी कैडेट्स के रूप में सर्टिफिकेट प्राप्त कर विद्यार्थी आगामी कक्षाओं और सरकारी नौकरियों में महत्व पा सकते हैं। ऐसे में उन्हें एनसीसी के लिए आगे आना चाहिए।
एनसीसी में मिलते हैं तीन सर्टिफिकेट
एनसीसी कैडेट्स को ए, बी और सी सर्टिफिकेट मिलते हैं। ए सर्टिफिकेट के लिए कक्षा आठ से दस तक के विद्यार्थियों को लिया जाता है। बी सर्टिफिकेट के लिए इंटरमीडिएट के छात्र होते हैं, जबकि सी सर्टिफिकेट महाविद्यालय स्तर पर दिया जाता है।
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मिलता है यह लाभ
एनसीसी के प्रमाणपत्र धारकों खासकर बी और सी सर्टिफिकेट वालों को अगली कक्षाओं में दाखिले में महत्व मिलता है। जैसे बी सर्टिफिकेट वाले 12वीं पास विद्यार्थियों को स्नातक में दो प्रतिशत तथा स्नातक में सर्टिफिकेट प्राप्त विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर में तीन प्रतिशत का महत्व मिलता है। इसके अलावा इनको कई सरकारी विभागों की नौकरियों में भी महत्व दिया जाता है। सी सर्टिफिकेट वालों को सेना और पुलिस सिपाही भर्ती में लिखित परीक्षा नहीं देनी पड़ती है, साथ ही आईएमए (इंडियन मिलिट्री एकेडमी) में उनके लिए सीटें आरक्षित होती हैं।
अनुशासन भी सिखाती है एनसीसी
एकता और अनुशासन एनसीसी का सबसे बड़ा अंग है। कैैडेट्स को संगठित होकर काम करने और अनुशासित होकर काम करना एनसीसी में सिखाया जाता है। इसके अलावा देशभक्ति की भावना, व्यक्तित्व विकास आदि चीजें भी बच्चे एनसीसी में सीखते हैं।
कोर्स में शामिल होगा एनसीसी
एसएएम इंटर कॉलेज में एनसीसी के एसोसिएट अधिकारी बृजेश पुंडीर ने बताया कि सरकार एनसीसी को पाठ्यक्रम में शामिल करने जा रही है। यह स्वैच्छिक विषय के रूप में रहेगा। इच्छुक विद्यार्थी इसे ले सकेंगे।
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जनपद में 83 यूपी बटालियन एनसीसी, 86 यूपी बटालियन एनसीसी और 26 यूपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी कार्य कर रहे हैं। तीनों इकाइयां प्रत्येक वर्ष विद्यालयों में शिविर लगाकर कैडेट्स की भर्ती करते हैं। विद्यालयों में दाखिले के साथ ही कैडेट्स की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। जुलाई तक कैडेट भर्ती कर लिए जाते हैं, लेकिन कोरोना की वजह से इस बार भर्ती प्रक्रिया दो माह लेट हो गई है। छात्रों में एनसीसी के प्रति रुझान की बात करें तो 50 फीसदी ही छात्र एनसीसी में आना चाहते हैं। इसका बेहतर उदाहरण यह है कि एसएएम इंटर कॉलेज में सात सितंबर मंगलवार को एनसीसी की भर्ती का शिविर लगाया गया। कक्षा आठ से दस के 360 विद्यार्थियों में से 110 ही ने हिस्सा लिया। इनमें से 50 छात्रों का चयन किया गया है। एनसीसी अधिकारियों की मानें तो एनसीसी कैडेट्स के रूप में सर्टिफिकेट प्राप्त कर विद्यार्थी आगामी कक्षाओं और सरकारी नौकरियों में महत्व पा सकते हैं। ऐसे में उन्हें एनसीसी के लिए आगे आना चाहिए।
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एनसीसी में मिलते हैं तीन सर्टिफिकेट
एनसीसी कैडेट्स को ए, बी और सी सर्टिफिकेट मिलते हैं। ए सर्टिफिकेट के लिए कक्षा आठ से दस तक के विद्यार्थियों को लिया जाता है। बी सर्टिफिकेट के लिए इंटरमीडिएट के छात्र होते हैं, जबकि सी सर्टिफिकेट महाविद्यालय स्तर पर दिया जाता है।
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मिलता है यह लाभ
एनसीसी के प्रमाणपत्र धारकों खासकर बी और सी सर्टिफिकेट वालों को अगली कक्षाओं में दाखिले में महत्व मिलता है। जैसे बी सर्टिफिकेट वाले 12वीं पास विद्यार्थियों को स्नातक में दो प्रतिशत तथा स्नातक में सर्टिफिकेट प्राप्त विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर में तीन प्रतिशत का महत्व मिलता है। इसके अलावा इनको कई सरकारी विभागों की नौकरियों में भी महत्व दिया जाता है। सी सर्टिफिकेट वालों को सेना और पुलिस सिपाही भर्ती में लिखित परीक्षा नहीं देनी पड़ती है, साथ ही आईएमए (इंडियन मिलिट्री एकेडमी) में उनके लिए सीटें आरक्षित होती हैं।
अनुशासन भी सिखाती है एनसीसी
एकता और अनुशासन एनसीसी का सबसे बड़ा अंग है। कैैडेट्स को संगठित होकर काम करने और अनुशासित होकर काम करना एनसीसी में सिखाया जाता है। इसके अलावा देशभक्ति की भावना, व्यक्तित्व विकास आदि चीजें भी बच्चे एनसीसी में सीखते हैं।
कोर्स में शामिल होगा एनसीसी
एसएएम इंटर कॉलेज में एनसीसी के एसोसिएट अधिकारी बृजेश पुंडीर ने बताया कि सरकार एनसीसी को पाठ्यक्रम में शामिल करने जा रही है। यह स्वैच्छिक विषय के रूप में रहेगा। इच्छुक विद्यार्थी इसे ले सकेंगे।