फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Impact of the news: Dead cattle were buried, officials noticed the shortcomings of the cowshed

खबर का असर: मृत गोवंश को दफनाया, अधिकारियों ने गोशाला की खामियां देखीं

Sun, 28 Apr 2024 08:00 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 28 Apr 2024 08:00 PM IST
सार

सहारनपुर में गोवंशों के गोशाला में मृत पाए जाने की खबर प्रकाशित होते ही अधिकारियों पर असर हो गया। एसडीएम रामपुर मनिहारान व मुख्य पशु चिकित्साधिकारी टीम के साथ पहुंचे और गांव नवादा भजडू व नंदपुर में गोशाला में व्यवस्थाएं दुरूस्त करने के दिए निर्देश दिए।

विज्ञापन
Impact of the news: Dead cattle were buried, officials noticed the shortcomings of the cowshed
गोशाला के निरीक्षण करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सहारनपुर जनपद के रामपुर मनिहारान ब्लाॅक के गांव नवादा भजडू और नंदपुर स्थित अस्थाई गोशाला का एसडीएम रामपुर मनिहारान व मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने निरीक्षण किया। नवादा भजडू में जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर मृत गोवंश को नियमानुसार दफनाया गया। इसके साथ ही खामियों को दूर करने के निर्देश दिए। वहीं, नंदपुर स्थित गोशाला में व्यवस्थाएं देखी।
विज्ञापन


रविवार को अमर उजाला में रामपुर मनिहारान ब्लॉक की ग्राम पंचायत नैनखेड़ा के गांव नवादा भजडू में स्थित अस्थाई गोशाला में नियमित चारा न मिलने और बीमारी से हो रही गोवंश की मौत की खबर प्रकाशित होने के बाद अधिकारियों ने इसका संज्ञान लिया। एसडीएम रामपुर मनिहारान सुरेंद कुमार और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एमपी सिंह गौड़ ने नवादा भजडू गोशाला में टीम के साथ पहुंचे। यहां गोशाला की व्यवस्थाएं देखी।
विज्ञापन

मृत दो गोवंश को जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर दफनाया गया। इसके साथ ही बीमार गोवंश का चिकित्सकों ने ईलाज शुरू किया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी एमपी सिंह गौड़ ने बताया कि ग्राम प्रधान को निर्देश दिए गए कि उपलब्ध चारागाह की भूमि पर सिंचाई की समुचित व्यवस्था कराकर गोवंश के लिए नेपियर ग्रास और हरा चारे बोए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने दावा किया कि गोशाला में पर्याप्त दवाएं, भूसा और हरा चारा उपलब्ध है। चिकित्सक भी बीमार गोवंश का ईलाज करते हैं।

इसके अलावा अधिकारियों ने नंदपुर स्थित अस्थाई गोशाला का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पानी, चारा, पंखे, बिजली व्यवस्था का जायजा लिया। साथ ही किसानों को गोशाला में भूसा दान देने के लिए कहा। उन्होंने सरकारी चारागाह की भूमि की जानकारी ली, जिसमें नेपियर घास और हरा चारा उगाने के निर्देश दिए।

यह था मामला
शनिवार को अमर उजाला टीम ने गोशाला की स्थिति देखी तो व्यवस्था बदहाल नजर आई है। ग्रामीण डॉ. ओमकार सिंह ने आरोप लगाया था कि गोशाला में रोजाना गोवंश चारा और ईलाज न मिलने की वजह से मर रहे हैं। एक माह में दस से अधिक गोवंश की मौत हो चुकी है।

बड़ी संख्या में गोवंश बीमार हैं। ग्रामीण विरेंद्र चौधरी का कहना था कि तड़प-तड़प गोवंश की जान जा रही है। कोई सुध लेने वाला नहीं है। ग्रामीण साहब सिंह और अंशुल चौधरी ने गोशाला में गोवंश की बदहाली का आरोप लगाया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed