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भवन सर्वे के नाम पर हो रही अवैध वसूली
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सहारनपुर। महानगर में भवन सर्वे के नाम पर जनता से अवैध वसूली हो रही है। सर्वे टीम जनता को ही नहीं बल्कि निगम को भी चूना लगा रही है। कारण है कि लोगों से हाउस टैक्स कम कराने और कामर्शियल भवन को आवासीय में दिखाने के नाम पर मोटी रकम वसूली जा रही है। काफी शिकायतों के बाद अब निगम प्रशासन ने संज्ञान लिया है। उप नगरायुक्त ने सर्वे करने वाली कंपनी को पत्र भेजकर जहां कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं वहीं कंपनी से भी जवाब मांगा है।
महानगर के सभी छूटे भवनों पर टैक्स लगाया जा सके और निगम की आय बढ़ाई जा सके। इसके लिए आवासीय और कामर्शियल भवनों का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे की जिम्मेदारी गुरुग्राम की एक प्राइवेट कंपनी को दी गई है। कंपनी के कर्मचारी शहर भर की कॉलोनियों और व्यवसायिक क्षेत्रों में जाकर भवनों के क्षेत्रफल आदि का मुआयना कर सर्वे कर रहे हैं। उनकी रिपोर्ट के बाद सभी भवनों पर नए सिरे से टैक्स लगेगा। सर्वे टीम में शामिल कर्मचारी भवन स्वामियों से अवैध वसूली कर रहे हैं। इसकी शिकायत निगम अधिकारियों से की गई है। कुछ ऑडियो क्लिप भी उपलब्ध कराए हैं। नगर निगम ने मामले की जांच करने के साथ ही संबंधित कंपनी के अधिकारियों को भी घटनाक्रम से अवगत कराया है। कंपनी को संबंधित के विरुद्घ कार्रवाई करने के साथ ही एफआईआर भी कराने को कहा गया है।
शहर में 1.29 लाख भवन पंजीकृत
नगर निगम के रिकॉर्ड में शहर में 1.29 लाख भवन पंजीकृत हैं, जिनमें आवासीय, व्यावसायिक और सरकारी भवन सभी शामिल हैं। जबकि धरातल पर भवनों की संख्या 1.5 लाख से अधिक हो चुकी है। सर्वे कराने का मकसद नए भवनों को कर के दायरे में लाना भी है।
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----- वर्जन
- सर्वे में जुटे कुछ कर्मियों की शिकायत मिली है। इस संबंध में कर्मियों से पूछताछ की गई है, वह जवाब नहीं दे रहे हैं। इस संबंध में कंपनी के उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। कार्रवाई की जाएगी।
-- दिनेश कुमार यादव, उप नगरायुक्त।
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महानगर के सभी छूटे भवनों पर टैक्स लगाया जा सके और निगम की आय बढ़ाई जा सके। इसके लिए आवासीय और कामर्शियल भवनों का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे की जिम्मेदारी गुरुग्राम की एक प्राइवेट कंपनी को दी गई है। कंपनी के कर्मचारी शहर भर की कॉलोनियों और व्यवसायिक क्षेत्रों में जाकर भवनों के क्षेत्रफल आदि का मुआयना कर सर्वे कर रहे हैं। उनकी रिपोर्ट के बाद सभी भवनों पर नए सिरे से टैक्स लगेगा। सर्वे टीम में शामिल कर्मचारी भवन स्वामियों से अवैध वसूली कर रहे हैं। इसकी शिकायत निगम अधिकारियों से की गई है। कुछ ऑडियो क्लिप भी उपलब्ध कराए हैं। नगर निगम ने मामले की जांच करने के साथ ही संबंधित कंपनी के अधिकारियों को भी घटनाक्रम से अवगत कराया है। कंपनी को संबंधित के विरुद्घ कार्रवाई करने के साथ ही एफआईआर भी कराने को कहा गया है।
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शहर में 1.29 लाख भवन पंजीकृत
नगर निगम के रिकॉर्ड में शहर में 1.29 लाख भवन पंजीकृत हैं, जिनमें आवासीय, व्यावसायिक और सरकारी भवन सभी शामिल हैं। जबकि धरातल पर भवनों की संख्या 1.5 लाख से अधिक हो चुकी है। सर्वे कराने का मकसद नए भवनों को कर के दायरे में लाना भी है।
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----- वर्जन
- सर्वे में जुटे कुछ कर्मियों की शिकायत मिली है। इस संबंध में कर्मियों से पूछताछ की गई है, वह जवाब नहीं दे रहे हैं। इस संबंध में कंपनी के उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। कार्रवाई की जाएगी।
-- दिनेश कुमार यादव, उप नगरायुक्त।