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कहीं पानी टपकता मिला तो कहीं खाली मिले रैन बसेरे
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रेलवे रोड स्थित निगम का रैनबसरे में रूकते यात्री
- फोटो : SAHARANPUR
कहीं पानी टपकता मिला तो कहीं खाली मिले रैन बसेरे
सहारनपुर। सर्दी और बूंदाबांदी के सितम के बीच महानगर में नगर निगम की ओर से बनाए गए रैन बसेरों में लोगों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा। किसी रैनबसेरे की छत से बारिश का पानी टपकता मिला, तो कई रैनबसेरे खाली हो गए। फुटपाथ पर सोने वाले गरीब लोग भी इधर-उधर भटककर खुद ही अलाव का सहारा लेते दिखे। इसके अलावा अग्रसैन चौक पर अलाव जलता मिला, लेकिन अन्य जगहों पर लकड़ी नहीं डाली गई।
सोमवार को देर रात तक बारिश होती रही। बूंदाबांदी के बीच अमर उजाला की टीम ने रैन बसेरों और अलाव की व्यवस्था देखी तो कई जगहों पर खामियां मिलीं। जीपीओ तिराहे पर नगर निगम की ओर से अलाव की लकड़ी नहीं डाली गई। दीवानी कचहरी फुटपाथ पर कोई व्यक्ति बैठा नहीं मिला, जबकि रोजाना रात में यहां खुले आसमान के नीचे रात बिताने वाले लोगों की भीड़ रहती है और वे लकड़ी जलाकर ठंड से बचाव के इंतजाम करते हुए नजर आते हैं। जीपीओ मार्ग पर महिला गंगा अपने बच्चों के साथ खुद ही लकड़ी का इंतजाम कर आग जलाकर हाथ तापते हुई मिली। गंगा से पूछा गया कि वह रैन बसेरे में क्यों नहीं जाती तो बोली कि उसे नहीं पता कि रैन बसेरा कहां है। इसी मार्ग पर दो महिलाएं बारिश के बीच सड़क किनारे बैठी हुई मिलीं। एक ने अपना नाम राजरानी तो दूसरी ने संगीता बताया। इन महिलाओं का कहना था कि वे खाने का इंतजार कर रही हैं। खाना मिलने के बाद ही रैन बसेरे में जाएंगी।
इसके अलावा दूसरी तरफ फुटपाथ पर राजेश, गोपाल, सलीम खान सहित कई लोग बूंदाबांदी की वजह से परेशान दिखे। अग्रसैन चौक पर अलाव जलता हुआ मिला, लेकिन इससे पूर्व जीपीओ तिराहा, रेलवे रोड, कलेक्ट्रेट और दीवानी तिराहे पर अलाव की लकड़ी सोमवार को नगर निगम की ओर से नहीं डाली गईं। जनमंच के पास बनाए गए रैन बसेरे में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं। यहां दिल्ली निवासी यात्री आदिल, फिरोज और फैज आराम करते मिले, जबकि अन्य बिस्तर खाली पड़े थे। चौकी कैंप के नजदीक तंबू गाड़कर बनाए रैन बसेरे में बारिश का पानी टपक रहा था। इस कारण वहां रुके बिहार निवासी मजदूर महमूद अहमद, कुरुक्षेत्र निवासी राजकुमार, मुजफ्फरनगर निवासी आशु सहित करीब दस लोग परेशान नजर आए। उनका कहना था कि बारिश का पानी टपकने की वजह से उनका बिस्तर भी गीला हो गया है।
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- ठंड से बचाव के लिए नगर निगम की ओर से दो रैन बसेरे बनाए गए हैं। इनमें एक स्थायी और एक अस्थायी है। इनके अलावा दो दर्जन से अधिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था की गई है। इसकी प्रतिदिन मानीटरिंग की जाती है। साथ ही शहर में हर वार्ड में गरीब लोगों के लिए कंबल वितरण की व्यवस्था की जा रही है। यदि कहीं दिक्कत है तो उसे भी दूर कराया जाएगा।
- ज्ञानेंद्र सिंह, नगर आयुक्त, सहारनपुर
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सहारनपुर। सर्दी और बूंदाबांदी के सितम के बीच महानगर में नगर निगम की ओर से बनाए गए रैन बसेरों में लोगों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा। किसी रैनबसेरे की छत से बारिश का पानी टपकता मिला, तो कई रैनबसेरे खाली हो गए। फुटपाथ पर सोने वाले गरीब लोग भी इधर-उधर भटककर खुद ही अलाव का सहारा लेते दिखे। इसके अलावा अग्रसैन चौक पर अलाव जलता मिला, लेकिन अन्य जगहों पर लकड़ी नहीं डाली गई।
सोमवार को देर रात तक बारिश होती रही। बूंदाबांदी के बीच अमर उजाला की टीम ने रैन बसेरों और अलाव की व्यवस्था देखी तो कई जगहों पर खामियां मिलीं। जीपीओ तिराहे पर नगर निगम की ओर से अलाव की लकड़ी नहीं डाली गई। दीवानी कचहरी फुटपाथ पर कोई व्यक्ति बैठा नहीं मिला, जबकि रोजाना रात में यहां खुले आसमान के नीचे रात बिताने वाले लोगों की भीड़ रहती है और वे लकड़ी जलाकर ठंड से बचाव के इंतजाम करते हुए नजर आते हैं। जीपीओ मार्ग पर महिला गंगा अपने बच्चों के साथ खुद ही लकड़ी का इंतजाम कर आग जलाकर हाथ तापते हुई मिली। गंगा से पूछा गया कि वह रैन बसेरे में क्यों नहीं जाती तो बोली कि उसे नहीं पता कि रैन बसेरा कहां है। इसी मार्ग पर दो महिलाएं बारिश के बीच सड़क किनारे बैठी हुई मिलीं। एक ने अपना नाम राजरानी तो दूसरी ने संगीता बताया। इन महिलाओं का कहना था कि वे खाने का इंतजार कर रही हैं। खाना मिलने के बाद ही रैन बसेरे में जाएंगी।
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इसके अलावा दूसरी तरफ फुटपाथ पर राजेश, गोपाल, सलीम खान सहित कई लोग बूंदाबांदी की वजह से परेशान दिखे। अग्रसैन चौक पर अलाव जलता हुआ मिला, लेकिन इससे पूर्व जीपीओ तिराहा, रेलवे रोड, कलेक्ट्रेट और दीवानी तिराहे पर अलाव की लकड़ी सोमवार को नगर निगम की ओर से नहीं डाली गईं। जनमंच के पास बनाए गए रैन बसेरे में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं। यहां दिल्ली निवासी यात्री आदिल, फिरोज और फैज आराम करते मिले, जबकि अन्य बिस्तर खाली पड़े थे। चौकी कैंप के नजदीक तंबू गाड़कर बनाए रैन बसेरे में बारिश का पानी टपक रहा था। इस कारण वहां रुके बिहार निवासी मजदूर महमूद अहमद, कुरुक्षेत्र निवासी राजकुमार, मुजफ्फरनगर निवासी आशु सहित करीब दस लोग परेशान नजर आए। उनका कहना था कि बारिश का पानी टपकने की वजह से उनका बिस्तर भी गीला हो गया है।
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- ठंड से बचाव के लिए नगर निगम की ओर से दो रैन बसेरे बनाए गए हैं। इनमें एक स्थायी और एक अस्थायी है। इनके अलावा दो दर्जन से अधिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था की गई है। इसकी प्रतिदिन मानीटरिंग की जाती है। साथ ही शहर में हर वार्ड में गरीब लोगों के लिए कंबल वितरण की व्यवस्था की जा रही है। यदि कहीं दिक्कत है तो उसे भी दूर कराया जाएगा।
- ज्ञानेंद्र सिंह, नगर आयुक्त, सहारनपुर

रेलवे रोड स्थित निगम का रैनबसरे में टपकता पानी और जमीन पर सौते लोग- फोटो : SAHARANPUR

रेलवे रोड स्थित निगम का रैनबसरे में टपकता पानी और जमीन पर सौते लोग- फोटो : SAHARANPUR