{"_id":"65b699ea7018ee09ef0d8024","slug":"if-the-blood-group-of-the-parents-is-different-then-it-is-necessary-to-get-the-child-tested-saharanpur-news-c-30-1-sah1001-117260-2024-01-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: माता-पिता का ब्लड ग्रुप अलग तो बच्चे की जांच कराना जरूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: माता-पिता का ब्लड ग्रुप अलग तो बच्चे की जांच कराना जरूरी
Sun, 28 Jan 2024 11:46 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 28 Jan 2024 11:46 PM IST
विज्ञापन
सहारनपुर। सहारनपुर ऑब्स एवं गायनी सोसायटी के बैनर तले आयोजित गोष्ठी में दिल्ली और एम्स ऋषिकेश से आए चिकित्सकों ने जन्मजात बीमारियों और बच्चे के विकास बारे में जानकारी दी। बताया कि अगर माता-पिता का ब्लड ग्रुप अलग तो बच्चे का ब्लड ग्रुप कराना भी जरूरी है।
रविवार को दिल्ली रोड स्थित एक सभागार में गोष्ठी का शुभारंभ महापौर डॉ. अजय कुमार, सीएमओ डॉ. संजीव मांगलिक, एसीएमओ डॉ. संजय यादव, डिप्टी सीएमओ डॉ. कुनाल जैन, डॉ. कृष्ण गोपाल, डॉ. लतिका चावला, डॉ. भावना अग्रवाल, सोसायटी अध्यक्ष डॉ. नैना मिगलानी व सचिव डॉ. गुनिता मेहता ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान राष्ट्रीय फीट्स (भ्रूण) मेडिसिन सोसायटी कध्वाइस प्रेसिडेंट डॉ. कृष्ण गोपाल ने बताया कि जुड़वा बच्चों में न्यूरल ट्यूब दोष जैसे स्पाइना वाइफिडा, हृदय संबंधित बीमारियों लगभग दो गुना बढ़ जाती है। दिल्ली एम्स की डॉ. भावना अग्रवाल ने जन्मजात विसंगतियों की जानकारी दी।
एम्स ऋषिकेश से आई डॉ. लतिका चावला ने निगेटिव ब्लड ग्रुप के बारे में बताया। निगेटिव रक्त आमतौर पर स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता है, लेकिन माता-पिता का ब्लड ग्रुप अलग है तो बच्चे का ब्लड ग्रुप कराना बेहद जरूरी होता है। शिशु से खून की कमी हो सकती है। सोसायटी अध्यक्ष डॉ. नैना मिगलानी ने बताया कि हर गर्भवती महिला को डॉक्टर की सलाह से लेवल-वन अल्ट्रासाउंड कराना चाहिए। गोष्ठी में डॉ. संजीव मिगलानी, डॉ. नीलम गर्ग, डॉ. अनुश्री पांडेय, डॉ. पूनम कुमार, डॉ. इंद्रा भार्गव, डॉ. अनिता मलिक, डॉ. दीपा अनेजा, डॉ. चित्रा मनचंदा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार को दिल्ली रोड स्थित एक सभागार में गोष्ठी का शुभारंभ महापौर डॉ. अजय कुमार, सीएमओ डॉ. संजीव मांगलिक, एसीएमओ डॉ. संजय यादव, डिप्टी सीएमओ डॉ. कुनाल जैन, डॉ. कृष्ण गोपाल, डॉ. लतिका चावला, डॉ. भावना अग्रवाल, सोसायटी अध्यक्ष डॉ. नैना मिगलानी व सचिव डॉ. गुनिता मेहता ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान राष्ट्रीय फीट्स (भ्रूण) मेडिसिन सोसायटी कध्वाइस प्रेसिडेंट डॉ. कृष्ण गोपाल ने बताया कि जुड़वा बच्चों में न्यूरल ट्यूब दोष जैसे स्पाइना वाइफिडा, हृदय संबंधित बीमारियों लगभग दो गुना बढ़ जाती है। दिल्ली एम्स की डॉ. भावना अग्रवाल ने जन्मजात विसंगतियों की जानकारी दी।
विज्ञापन
एम्स ऋषिकेश से आई डॉ. लतिका चावला ने निगेटिव ब्लड ग्रुप के बारे में बताया। निगेटिव रक्त आमतौर पर स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता है, लेकिन माता-पिता का ब्लड ग्रुप अलग है तो बच्चे का ब्लड ग्रुप कराना बेहद जरूरी होता है। शिशु से खून की कमी हो सकती है। सोसायटी अध्यक्ष डॉ. नैना मिगलानी ने बताया कि हर गर्भवती महिला को डॉक्टर की सलाह से लेवल-वन अल्ट्रासाउंड कराना चाहिए। गोष्ठी में डॉ. संजीव मिगलानी, डॉ. नीलम गर्ग, डॉ. अनुश्री पांडेय, डॉ. पूनम कुमार, डॉ. इंद्रा भार्गव, डॉ. अनिता मलिक, डॉ. दीपा अनेजा, डॉ. चित्रा मनचंदा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन