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Saharanpur News: टेक्सटाइल पार्क बने तो सुधरे होजरी उद्योग की सूरत
Tue, 25 Mar 2025 12:38 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 25 Mar 2025 12:38 AM IST
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सहारनपुर। मुख्यमंत्री के प्रदेश में दस नए टेक्सटाइल पार्क बनाने की घोषणा के बाद जनपद के होजरी उद्यमियों की उम्मीद भी जग गई है। जनपद में होजरी की करीब 550 पंजीकृत इकाइयां हैं। इसके अलावा भी छोटी-छोटी इकाइयां चल रही हैं।
हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में हुए एक कार्यक्रम में प्रदेश में दस जिलाें में नए टेक्सटाइल पार्क बनाने की घोषणा की है। जनपद के होजरी उद्यमी लंबे समय से होजरी कलस्टर, कॉमन फैसेलिटी सेंटर बनाने और होजरी को दूसरे चरण में एक जनपद-एक उत्पाद में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जनपद में एक टेक्सटाइल पार्क बन जाए जो होजरी कारोबार तेजी से तरक्की करेगा। जनपद में होजरी की छोटी-बड़ी करीब 700 इकाइयां हैं, जिनका सालाना टर्नओवर करीब एक हजार करोड़ रुपये का है। इस उद्योग से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर 70 से 80 हजार लोगों को रोजगार मिल रहा है।
होजरी उद्योग की अधिकांश इकाइयां पुराने शहर में हैं। जहां उन्हें विभिन्न समस्याओं से जूझना पड़ता है। कारोबारी लंबे समय से काष्ठ हस्तशिल्प उद्योग की तर्ज पर होजरी उद्योग के लिए कलस्टर एवं कॉमन फेसिलिटी सेंटर बनाने की मांग कर रहे हैं, जिससे होजरी की इकाइयां एक ही परिसर में आ जाएं। इससे उद्यमियों को एक ही स्थान पर आधुनिक और महंगी मशीनों के साथ ही डिजाइनिंग सेंटर सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध हो जाएगी। यहां का होजरी उद्योग प्रदेश में कानपुर के बाद दूसरे नंबर पर है। उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, दिल्ली और बिहार आदि राज्यों में यहां से होजरी उत्पादों की सप्लाई होती है।
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बोले उद्यमी--
जनपद में एक टेक्सटाइल पार्क बन जाए तो होजरी उद्याेग तेजी से तरक्की करेगा। होजरी उद्योग के लिए टेक्सटाइल पार्क बनाने और इसे ओडीओपी में शामिल करने की मांग लंबे समय से की जा रही है।
-- - मनजीत सिंह अरोड़ा, अध्यक्ष सहारनपुर होजरी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन।
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टेक्सटाइल पार्क बनने से होजरी उद्योग को प्रशिक्षित श्रमिक आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे। इससे न सिर्फ होजरी उद्योग की तरक्की होगी, बल्कि जनपद के युवाओं को बडे़ स्तर पर रोजगार के अवसर मुहैया होंगे।-- - हाजी कुतबुददीन उद्यमी।
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हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में हुए एक कार्यक्रम में प्रदेश में दस जिलाें में नए टेक्सटाइल पार्क बनाने की घोषणा की है। जनपद के होजरी उद्यमी लंबे समय से होजरी कलस्टर, कॉमन फैसेलिटी सेंटर बनाने और होजरी को दूसरे चरण में एक जनपद-एक उत्पाद में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जनपद में एक टेक्सटाइल पार्क बन जाए जो होजरी कारोबार तेजी से तरक्की करेगा। जनपद में होजरी की छोटी-बड़ी करीब 700 इकाइयां हैं, जिनका सालाना टर्नओवर करीब एक हजार करोड़ रुपये का है। इस उद्योग से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर 70 से 80 हजार लोगों को रोजगार मिल रहा है।
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होजरी उद्योग की अधिकांश इकाइयां पुराने शहर में हैं। जहां उन्हें विभिन्न समस्याओं से जूझना पड़ता है। कारोबारी लंबे समय से काष्ठ हस्तशिल्प उद्योग की तर्ज पर होजरी उद्योग के लिए कलस्टर एवं कॉमन फेसिलिटी सेंटर बनाने की मांग कर रहे हैं, जिससे होजरी की इकाइयां एक ही परिसर में आ जाएं। इससे उद्यमियों को एक ही स्थान पर आधुनिक और महंगी मशीनों के साथ ही डिजाइनिंग सेंटर सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध हो जाएगी। यहां का होजरी उद्योग प्रदेश में कानपुर के बाद दूसरे नंबर पर है। उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, दिल्ली और बिहार आदि राज्यों में यहां से होजरी उत्पादों की सप्लाई होती है।
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बोले उद्यमी
जनपद में एक टेक्सटाइल पार्क बन जाए तो होजरी उद्याेग तेजी से तरक्की करेगा। होजरी उद्योग के लिए टेक्सटाइल पार्क बनाने और इसे ओडीओपी में शामिल करने की मांग लंबे समय से की जा रही है।
टेक्सटाइल पार्क बनने से होजरी उद्योग को प्रशिक्षित श्रमिक आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे। इससे न सिर्फ होजरी उद्योग की तरक्की होगी, बल्कि जनपद के युवाओं को बडे़ स्तर पर रोजगार के अवसर मुहैया होंगे।