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पत्नी की हत्या में पति को आजीवन कारावास
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सहारनपुर। पत्नी की हत्या में दोषी पाए गए पति को जनपद न्यायाधीश अश्वनी कुमार त्रिपाठी ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके लिए उस पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। वहीं महिला के सास और ससुर को भी एक-एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है। उन पर भी पांच सौ रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार देवबंद कोतवाली के गांव साखन कलां निवासी मोनिका की शादी ग्राम महंगी थाना तीतरो निवासी नीरज उर्फ मोनू के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले कम दहेज लाने के कारण मोनिका के साथ मारपीट किया करते थे। मोनिका के पिता समय-समय पर ससुराल वालों की दहेज की मांग पूरी करते थे। इसके बाद ससुराल वाले ऑल्टो कार की मांग कर रहे थे, जब उन्होंने ना कर दी तो ससुराल वालों ने मोनिका को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। 27 मई 2015 को मोनिका के पिता मुकेश कुमार शर्मा को किसी ने बताया कि ससुराल वालों ने मोनिका की हत्या कर दी है। मायके वाले जब मौके पर पहुंचे तो मोनिका को मृत पाया। घटना की रिपोर्ट मोनिका के पिता मुकेश कुमार शर्मा ने उसी दिन थाना तीतरो में दर्ज कराई थी। जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव गुप्ता ने बताया कि पुलिस ने विवेचना उपरांत पति मोनू उर्फ नीरज, ससुर मांगेराम, सास कुसुमलता के खिलाफ धारा 498ए, 304 बी में चार्जशीट दाखिल की। मामले की सुनवाई के उपरांत साक्षी और गवाहों के आधार पर जनपद न्यायाधीश अश्वनी कुमार त्रिपाठी ने पति नीरज उर्फ मोनू को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व 15 हजार का अर्थदंड लगाया है। ससुर मांगेराम, सास कुसुमलता को दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 के अंतर्गत एक-एक साल की सजा व पांच-पांच सौ रुपये के अर्थदंड लगाया है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार देवबंद कोतवाली के गांव साखन कलां निवासी मोनिका की शादी ग्राम महंगी थाना तीतरो निवासी नीरज उर्फ मोनू के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले कम दहेज लाने के कारण मोनिका के साथ मारपीट किया करते थे। मोनिका के पिता समय-समय पर ससुराल वालों की दहेज की मांग पूरी करते थे। इसके बाद ससुराल वाले ऑल्टो कार की मांग कर रहे थे, जब उन्होंने ना कर दी तो ससुराल वालों ने मोनिका को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। 27 मई 2015 को मोनिका के पिता मुकेश कुमार शर्मा को किसी ने बताया कि ससुराल वालों ने मोनिका की हत्या कर दी है। मायके वाले जब मौके पर पहुंचे तो मोनिका को मृत पाया। घटना की रिपोर्ट मोनिका के पिता मुकेश कुमार शर्मा ने उसी दिन थाना तीतरो में दर्ज कराई थी। जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव गुप्ता ने बताया कि पुलिस ने विवेचना उपरांत पति मोनू उर्फ नीरज, ससुर मांगेराम, सास कुसुमलता के खिलाफ धारा 498ए, 304 बी में चार्जशीट दाखिल की। मामले की सुनवाई के उपरांत साक्षी और गवाहों के आधार पर जनपद न्यायाधीश अश्वनी कुमार त्रिपाठी ने पति नीरज उर्फ मोनू को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व 15 हजार का अर्थदंड लगाया है। ससुर मांगेराम, सास कुसुमलता को दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 के अंतर्गत एक-एक साल की सजा व पांच-पांच सौ रुपये के अर्थदंड लगाया है।
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