फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Hundreds of farmers upset due to not getting sugarcane slip

गन्ना पर्ची नहीं मिलने से सैकड़ों किसान परेशान

Sun, 15 Dec 2019 12:57 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 15 Dec 2019 12:57 AM IST
विज्ञापन
Hundreds of farmers upset due to not getting sugarcane slip
बड़गांव (सहारनपुर)। देवबंद गन्ना समिति के गन्ना सुपरवाइजरों की लापरवाही का खामियाजा क्षेत्र के सैकड़ों किसानों को भुगतना पड़ रहा है। क्षेत्र के सैकड़ों किसानों को अभी तक गन्ने की एक पर्ची भी नहीं मिली है, इससे किसानों की गेहूं की बुवाई के कार्य में देरी हो रही है। गन्ना समिति देवबंद की शिकायत पीड़ित किसानों ने जिलाधिकारी और जिला गन्ना अधिकारी से की। साथ ही गन्ने की पर्ची जारी कराने की मांग की।
विज्ञापन

गांव सहजी निवासी किसान मोहम्मद लियाकत व जुबैदा ने बताया कि वे मृतक की जगह मां, बेटा वारिस सदस्य बने हैं। पिछले पेराई सत्र में उन्हें पर्ची भी जारी की गई, लेकिन अबकी बार उनका बेसिक कोटा जीरो बैलेंस दर्शाया गया है। इस कारण उन्हें आज तक एक भी पर्ची नहीं मिली। इस कारण उनके खेत खाली नहीं हुए। इस कारण परिवार के सदस्य गेहूं की फसल अभी तक नहीं बो पाए हैं। चंदपुर निवासी दीपक पुत्र नकली सिंह ने बताया कि नानौता चीनी मिल के सुपरवाइजर ने खेत पर जाकर सर्वे किया। इसके बाद भी उसका बेसिक कोटा कंप्यूटर में जीरो बैलेंस दर्शाया गया है। इस कारण उन्हें गन्ने की पर्ची नहीं मिली। इस कारण वह गेहूं की बुवाई करने से वंचित हैं। इससे अलावा क्षेत्र में सैकड़ों किसान हैं, जिनकी आज तक गन्ने की एक भी पर्ची जारी नहीं हुई है। किसानों को मजबूर होकर कोल्हू पर गन्ना डालना पड़ रहा है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। गन्ना सुपरवाइजरों की लापरवाही पूर्ण कार्यशैली के कारण स्थानीय किसानों में सरकार के खिलाफ गुस्सा पनप रहा है। दूसरी तरफ किसानों ने जिला गन्ना अधिकारी और डीएम से हस्तक्षेप कर किसानों को गन्ने की पर्ची जारी कराने की मांग की, ताकि किसान गेहूं की बुवाई कर सके।
विज्ञापन

उल्लेखनीय है कि गन्ना विभाग के आदेशानुसार छोटे किसानों को अमूमन पहले दो पखवाड़ा में पर्ची जारी करनी होती हैं, लेकिन तीन से पांच पर्ची होने के बाद भी अभी तक उन्हें पर्ची जारी नहीं हो सकी। गन्ना समिति देवबंद के सचिव ने बताया कि जो सदस्य देरी से बने हैं या जिन किसानों का जीरो बैलेंस है उन्हें जनवरी माह में पर्ची जारी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed