फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   How to eliminate malnutrition, employees in department

कैसे हो कुपोषण का खात्मा, विभाग में कर्मचारियों का टोटा

Wed, 20 Nov 2019 12:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 20 Nov 2019 12:21 AM IST
विज्ञापन
How to eliminate malnutrition, employees in department
सहारनपुर। कुपोषण को खत्म करने के लिए तमाम प्रयास हुए, लेकिन उसके बाद भी कुपोषण पूरी तरह खत्म नहीं हो सका। इसकी एक वजह यह भी है कि वर्ष 2012 से बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग में कई अहम पद खाली चल रहे हैं, जिसकी वजह से योजनाएं प्रभावित होती हैं।
विज्ञापन

जिले के 11 विकासखंड और शहरी क्षेत्र में 3410 आंगनबाड़ी हैं, लेकिन 199 आंगनबाड़ियों और 531 सहायिकाओं के पद खाली पड़ हैं। इसके अलावा 12 सीडीपीओ की आवश्यकता है, मगर मात्र चार ही सीडीपीओ हैं। इसके अलावा 50 सुपरवाइजर के पद खाली चल रहे हैं। इस वजह से 25 केंद्रों पर एक सुपरवाइजर से काम चलाना पड़ता है, जबकि 89 सुपरवाइजरों की आवश्यकता है। इनके अलावा 15 लिपिकों के पद भी रिक्त हैं। हर माह अन्नप्राशन और गोद भराई कार्यक्रम होता है, जिसमें बच्चों को पुष्टाहार दिया जाता है और गर्भवती महिलाओं को आयरन की गोलियों सहित पौष्टिक आहार के रूप में फल, सब्जी एवं अन्य खाद्य पदार्थ दिए जाते हैं, लेकिन कर्मचारियों की कमी होने की वजह से कई आंगनबाड़ी केंद्रों पर अन्नप्राशन और गोद भराई दिवस आयोजित नहीं करने में दिक्कत आती है, जिससे पूरी तरह कुपोषण का खात्मा करने में विभाग को परेशानी उठानी पड़ रही है।
विज्ञापन

वर्ष----कुपोषित बच्चों की संख्या----------अति कुपोषित बच्चों की संख्या
2017------52410 -------------------------18105
2018------41869--------------------------12547
2019------33825--------------------------6910
---------------------------
विकासखंड़------------------आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या
सरसावा----------------------281
नकुड़-------------------------253
मुजफ्फराबाद----------------355
नागल-----------------------303
बलियाखेड़ी------------------293
देवबंद-----------------------238
रामपुर मनिहारान----------232
पुवांरका--------------------285
नानौता--------------------201
साढ़ौली कदीम-------------249
गंगोह---------------------320
शहरी क्षेत्र------------------615
----------------------------
कर्मचारियों की कमी होने की वजह से योजनाओं के संचालन में दिक्कत आती है, लेकिन फिर भी विभाग का प्रयास रहता है, लेकिन सभी कार्यक्रम पूरी सफलता से संचालित हों। तीन वर्षों में कुपोषित बच्चों की संख्या में कमी आई है, जो पद रिक्त चल रहे हैं, उन केंद्रों पर भी तालमेल बनाकर अन्नप्राशन और गोद भराई दिवस आयोजित किया जाता है। -आशा त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed