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अरे ये तो स्टेचू ही बन गई छात्रा

Mon, 05 Feb 2018 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Mon, 05 Feb 2018 12:01 AM IST
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Hey, he became a stachu schoolboy.
स्टेचू बनी छात्रा। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर के देवबंद में नवाज गर्ल्स पब्लिक स्कूल में वार्षिकोत्सव परवाज 2018 धूमधाम के साथ मनाया गया। इसमें छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति देकर सभी का मनमोह लिया। इसके साथ ही छात्राओं ने स्टेचू बनकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। 
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रविवार को तालीमाबाद में स्थित नवाज गर्ल्स पब्लिक स्कूल में आयोजित हुए वार्षिकोत्सव में छात्राओं ने यह हिंदुस्तान हमारा के माध्यम से जहां देशभक्ति की भावना का प्रचार प्रसार किया। वहीं मां मेरी मां और पापा मेरे पापा जैसे गीतों के माध्यम से बच्चों की मां और बाप के साथ बॉडिंग को दर्शाया।
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साथ ही एक ओर चाइल्ड लेबर को दिखाया तो दूसरी ओर महिला सशक्तिकरण पर नाटक प्रस्तुत किया। छात्राओं ने मैंने कहा फूलों से, आज की पार्टी मेरी तरफ से, मुर्गा बोले कुकडू-कू, दर्पण बता बचपन कहां, चले जैसे हवाएं सनन-सनन, गोलमाल, लव यू जिंदगी और आशाएं-आशाएं आदि कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी और बहुत ही स्टेचू बनकर श्रोताओं को आश्चर्यचकित कर दिया।
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इस अवसर पर मुख्य अतिथि सुमैरा खान ने कहा कि यहां की बच्चियों का उत्साह प्रदर्शन काफी प्रभावशाली है। इसलिए बच्चियां को पत्रकारिता के मैदान में भी अपनी पहचान बनानी चाहिए। 

 आईएएस गजल भारद्वाज ने कहा कि आज का युग प्रतिस्पर्धा का युग है। सभी बेटियों को जमाने की रफ्तार के साथ साथ आगे बढ़ना चाहिए। सहारनपुर के एसपी देहात विद्या सागर मिश्र की पत्नी पूनम मिश्र ने कहा कि आज जमाना बदल चुका है।

आज की बेटियों को केवल गृहिणी ही नहीं बल्कि एक अच्छी अधिकारी बनकर समाजसेवा करनी चाहिए। उनके लिए हमारी बेटियों को आईएएस, आईपीएस, डीएम, एसडीएम और जज आदि बनकर समाज व मानवता की सेवा करनी चाहिए।

ब्राउन वुड पब्लिक स्कूल सहारनपुर की डायरेक्टर सुबूही इफ्तेखार ने क्वालिटी एजूकेशन पर जोर देते हुए कहा कि कक्षा में बच्चे का सीखना सबसे ज्यादा मायने रखता है। उसे अपनी बात को आत्मविश्वास के साथ बेझिझक और नि:संकोच होकर रहने का अवसर मिलता है।


एसडी पब्लिक स्कूल मुजफ्फरनगर की प्रधानाचार्य चंचल सक्सेना ने कहा कि केवल पढ़ना ही उद्देश्य नहीं बल्कि समाज को पढ़ाना भी हमारा उद्देश्य होना चाहिए। स्कूल प्रबंधक और प्रसिद्ध शायर डॉ. नवाज देवबंदी ने कहा कि बेटियों की शिक्षा शिक्षित समाज की आधारशिला है। इस पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान देने और इस पर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बेटियां हमारा उज्जवल भविष्य हैं। कार्यक्रम का समापन देशभक्ति गीत यह हिंदुस्तान हमारा है से किया गया।
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