{"_id":"61eef3bdbaf8a11a253590b4","slug":"health-services-affected-by-doctors-getting-corona-infected-saharanpur-news-mrt574602654","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिकित्सकों के कोरोना संक्रमित होने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिकित्सकों के कोरोना संक्रमित होने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
विज्ञापन
सहारनपुर। कोरोना की तीसरी लहर के शुरुआत में ही बड़ी संख्या में सरकारी चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित हो रहे हैं। एसबीडी जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, राजकीय मेडिकल कॉलेज और कई सीएचसी पर अभी तक करीब 44 चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित हो चुके हैं। इसकी वजह से सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
एसबीडी जिला अस्पताल में कई सर्जन, ईएनटी चिकित्सक, फिजीशियन और स्वास्थ्यकर्मियों सहित करीब एक दर्जन लोग संक्रमित आए हैं। इसकी वजह से बीते करीब 13 दिन से सामान्य ऑपरेशन थिएटर पर ताला पड़ा है। नाक, कान और गले का ऑपरेशन थिएटर भी करीब पांच दिन से बंद है। इन दोनों ओटी में हर माह करीब 300 ऑपरेशन होते हैं। दोनों ऑपरेशन थिएटर के बंद होने से अंदाजा लगाया जा सकता है कि 15 दिन में कितने मरीजों को परेशानी हो रही होगी। इसी प्रकार जिला महिला अस्पताल में पांच चिकित्सक और कई स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित हो चुके हैं। जिनकी वजह से प्रसव भी प्रभावित हुए हैं। कई दिन तक तीन ही महिला चिकित्सकों ने गर्भवतियों के प्रसव और ऑपरेशन कराए हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी कई चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित आए हैं। इसके अलावा सात सीएचसी पर भी कई चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी कोरोना पॉजिटिव आए हैं।
लैब में भी काम प्रभावित
सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज में बनी पैथोलॉजी लैब, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर भी स्टाफ कोरोना संक्रमित आया है। इसकी वजह से जांच सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। तीसरी लहर में कई बार ऐसा हुआ है कि मेडिकल कॉलेज की कोरोना जांच लैब बंद रखनी पड़ी है। ऐसे में कोरोना जांच के लिए नमूने लखनऊ और अन्य जगहों पर भेजने पड़े हैं।
विज्ञापन
कोरोना काल में भी हमारे चिकित्सक और अन्य स्वास्थ्यकर्मी पूरी लगन के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को जारी रखे हुए हैं। यह सही है कि तीसरी लहर में कई चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों के संक्रमित आने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं, लेकिन संक्रमित आने के बाद ज्यादातर चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी फिर से काम पर लौट रहे हैं। प्रयास यही है कि आम आदमी को सही इलाज मिले।
डॉ. संजीव मांगलिक, सीएमओ।
विज्ञापन
एसबीडी जिला अस्पताल में कई सर्जन, ईएनटी चिकित्सक, फिजीशियन और स्वास्थ्यकर्मियों सहित करीब एक दर्जन लोग संक्रमित आए हैं। इसकी वजह से बीते करीब 13 दिन से सामान्य ऑपरेशन थिएटर पर ताला पड़ा है। नाक, कान और गले का ऑपरेशन थिएटर भी करीब पांच दिन से बंद है। इन दोनों ओटी में हर माह करीब 300 ऑपरेशन होते हैं। दोनों ऑपरेशन थिएटर के बंद होने से अंदाजा लगाया जा सकता है कि 15 दिन में कितने मरीजों को परेशानी हो रही होगी। इसी प्रकार जिला महिला अस्पताल में पांच चिकित्सक और कई स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित हो चुके हैं। जिनकी वजह से प्रसव भी प्रभावित हुए हैं। कई दिन तक तीन ही महिला चिकित्सकों ने गर्भवतियों के प्रसव और ऑपरेशन कराए हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी कई चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित आए हैं। इसके अलावा सात सीएचसी पर भी कई चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी कोरोना पॉजिटिव आए हैं।
विज्ञापन
लैब में भी काम प्रभावित
सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज में बनी पैथोलॉजी लैब, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर भी स्टाफ कोरोना संक्रमित आया है। इसकी वजह से जांच सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। तीसरी लहर में कई बार ऐसा हुआ है कि मेडिकल कॉलेज की कोरोना जांच लैब बंद रखनी पड़ी है। ऐसे में कोरोना जांच के लिए नमूने लखनऊ और अन्य जगहों पर भेजने पड़े हैं।
विज्ञापन
कोरोना काल में भी हमारे चिकित्सक और अन्य स्वास्थ्यकर्मी पूरी लगन के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को जारी रखे हुए हैं। यह सही है कि तीसरी लहर में कई चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों के संक्रमित आने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं, लेकिन संक्रमित आने के बाद ज्यादातर चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी फिर से काम पर लौट रहे हैं। प्रयास यही है कि आम आदमी को सही इलाज मिले।
डॉ. संजीव मांगलिक, सीएमओ।