{"_id":"6a189039668ed96e570b4498","slug":"government-schemes-stalled-due-to-land-shortage-development-comes-to-a-halt-saharanpur-news-c-30-1-sha1004-176379-2026-05-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: जमीन के अभाव में अटक रही सरकारी योजनाएं, विकास पर लगा ब्रेक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: जमीन के अभाव में अटक रही सरकारी योजनाएं, विकास पर लगा ब्रेक
Fri, 29 May 2026 12:28 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 29 May 2026 12:28 AM IST
विज्ञापन
सहारनपुर। जिले में करीब 20 से अधिक परियोजनाएं जमीन न मिलने के कारण अटकती दिखाई दे रही है। इनमें वृद्धाश्रम, भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) का मंडल कार्यालय, श्रमजीवी महिला छात्रावास, बचपन डे केयर सेंटर और लेबर अड्डा जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। प्रशासन इन योजनाओं के लिए जमीन तलाशने में जुटा है।
जिले के पांचों तहसील में विभिन्न योजनाओं के लिए जमीन को चयनित करने की प्रक्रिया जारी है, लेकिन कई योजनाएं ऐसी है, जिनके लिए उपर्युक्त भूमि का चयन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में कहीं न कहीं इनका असर जिले की विकास की रफ्तार पर भी पड़ रहा है। संबंधित तहसीलों के एसडीएम से जल्द से जल्द जमीन की तलाश को पूरा करने के लिए कहा गया है। इसमें कई योजनाएं काफी पुरानी है। तहसील नकुड़ क्षेत्र के अंतर्गत फायर स्टेशन की स्थापना की जानी है। इसके लिए करीब तीन एकड़ जमीन की आवश्यकता है। यह योजना भी काफी समय से लंबित है। इसी तरह भारतीय खाद्य निगम के मंडल कार्यालय के लिए भी 875 वर्गमीटर भूमि की आवश्यकता है।
मां शाकंभरी पर्यटन विकास के लिए हेलीपोर्ट की सेवाएं शुरू की जाने की योजना है। इसके लिए करीब पांच एकड़ जमीन की आवश्यकता है। बेहट तहसील द्वारा पूर्व में दो से तीन जमीन का प्रस्ताव भी भेजा गया। इस पर भी अभी तक निर्णय नहीं हो पाया है। इसी तरह बचपन डे केयर, वृद्धाश्रम भवन, सखी वन स्टॉप सेंटर, नवसृजित रीजन व जोनल कार्यालय, पुलिस विभाग के लैंड बैंक की व्यवस्था के लिए, व्हीकल डिटेंशन यार्ड की स्थापना समेत कई योजनाएं हैं। इसी तरह महिला सशक्तीकरण के लिए मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास के लिए भी जमीन देखी जा रही है। इसके लिए करीब 6664 वर्गमीटर जमीन की आवश्यकता है।
विज्ञापन
- प्रमुख योजनाएं
विवरण-- -- -- -- -- -आवश्यक भूमि
भारतीय खाद्य निगम मंडल कार्यालय हेतु-- 875 वर्गमीटर
वृद्धाश्रम हेतु भवन-- -- -- -- 1800 वर्गमीटर
कार्य मानक प्रयोगशाला-- 150 वर्गमीटर
शक्तिपीठ मंदिर के पास पार्क-- 5 से दस एकड़
समेकित विद्यालय स्थापना-- 0.4100 हेक्टेयर
टेक्सटाइल पार्क-- -- -01 हजार हेक्टेयर
मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास के लिए भूमि चिह्नांकन-- 6664 वर्गमीटर
जिले में कई योजनाओं के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। कुछ परियोजनाएं ऐसी है, जहां पर मानक आड़े आ रहे हैं। उसी हिसाब से जमीन की तलाश जारी है। योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने के लिए कार्य किया जा रहा है।
- अरविंद कुमार चौहान, जिलाधिकारी
विज्ञापन
जिले के पांचों तहसील में विभिन्न योजनाओं के लिए जमीन को चयनित करने की प्रक्रिया जारी है, लेकिन कई योजनाएं ऐसी है, जिनके लिए उपर्युक्त भूमि का चयन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में कहीं न कहीं इनका असर जिले की विकास की रफ्तार पर भी पड़ रहा है। संबंधित तहसीलों के एसडीएम से जल्द से जल्द जमीन की तलाश को पूरा करने के लिए कहा गया है। इसमें कई योजनाएं काफी पुरानी है। तहसील नकुड़ क्षेत्र के अंतर्गत फायर स्टेशन की स्थापना की जानी है। इसके लिए करीब तीन एकड़ जमीन की आवश्यकता है। यह योजना भी काफी समय से लंबित है। इसी तरह भारतीय खाद्य निगम के मंडल कार्यालय के लिए भी 875 वर्गमीटर भूमि की आवश्यकता है।
विज्ञापन
मां शाकंभरी पर्यटन विकास के लिए हेलीपोर्ट की सेवाएं शुरू की जाने की योजना है। इसके लिए करीब पांच एकड़ जमीन की आवश्यकता है। बेहट तहसील द्वारा पूर्व में दो से तीन जमीन का प्रस्ताव भी भेजा गया। इस पर भी अभी तक निर्णय नहीं हो पाया है। इसी तरह बचपन डे केयर, वृद्धाश्रम भवन, सखी वन स्टॉप सेंटर, नवसृजित रीजन व जोनल कार्यालय, पुलिस विभाग के लैंड बैंक की व्यवस्था के लिए, व्हीकल डिटेंशन यार्ड की स्थापना समेत कई योजनाएं हैं। इसी तरह महिला सशक्तीकरण के लिए मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास के लिए भी जमीन देखी जा रही है। इसके लिए करीब 6664 वर्गमीटर जमीन की आवश्यकता है।
विज्ञापन
- प्रमुख योजनाएं
विवरण
भारतीय खाद्य निगम मंडल कार्यालय हेतु
वृद्धाश्रम हेतु भवन
कार्य मानक प्रयोगशाला
शक्तिपीठ मंदिर के पास पार्क
समेकित विद्यालय स्थापना
टेक्सटाइल पार्क
मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास के लिए भूमि चिह्नांकन
जिले में कई योजनाओं के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। कुछ परियोजनाएं ऐसी है, जहां पर मानक आड़े आ रहे हैं। उसी हिसाब से जमीन की तलाश जारी है। योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने के लिए कार्य किया जा रहा है।
- अरविंद कुमार चौहान, जिलाधिकारी