{"_id":"61b3971fcb6d4f13b8170f63","slug":"girls-learned-handicrafts-under-skill-development-saharanpur-news-mrt568385778","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्किल डवलपमेंट के तहत छात्राओं ने सीखा हस्तशिल्प","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्किल डवलपमेंट के तहत छात्राओं ने सीखा हस्तशिल्प
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। नई शिक्षा नीति के तहत स्नातक कक्षाओं में शुरू हुए स्किल डवलपमेंट पाठ्यक्रम के तहत छात्राओं को रोजगारपरक नई-नई चीजें सीखने केे लिए मिल रही हैं। इसी क्रम में मुन्नालाल गर्ल्स पीजी कॉलेज में शुक्रवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें विशेषज्ञ द्वारा छात्राओं को हस्तशिल्प के टिप्स दिए गए।
हस्तशिल्प विशेषज्ञ पिंकी ने छात्राओं को कई प्रकार के बैग बनाना सिखाया। उन्होंने बैग बनाने के लिए कपड़ा कटिंग और सिलाई से लेकर उनको अलग-अलग डिजाइन देने की बारीकियां समझाई। साथ ही कुछ छात्राओं को मंच पर बुलाकर उनसे भी कटिंग और अन्य कार्य कराकर देखे गए। काअर्डिनेटर डॉ. विनीता दुबे ने बताया कि स्किल डवलपमेंट पाठ्यक्रम से शिक्षा का पूरा पैटर्न बदला है। अब छात्राएं थ्योरी के साथ ही प्रेक्टिकल कर चीजों को सीख रही हैं। जिनके जरिए छात्राएं भविष्य में अपनी आजीविका भी चला सकती हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले फूड प्रोसेसिंग की कार्यशाला कराई जा चुकी है, जिसमें छात्राओं को अनेक तरह के उत्पाद बनाना सिखाया गया था। खास बात यह है कि छात्राएं इस प्रकार के आयोजनों में रूचि ले रही हैं। बीए और बीकॉम की करीब 300 छात्राएं कार्यशाला से जुड़ी हैं।
वर्तमान में रोजगार परक शिक्षा का दौर है। युवा पढ़ाई खत्म करते ही नौकरी चाहता है। मगर नौकरी से बेहतर है कि युवा ऐसी पढ़ाई करें, जिसके बाद अपना बिजनेस खड़ा कर अन्य लोगों को भी रोजगार दे सकें। स्किल डवलेपमेंट पाठ्यक्रम इसी की नींव रख रहा है।
विज्ञापन
- प्रोफेसर पंकज छाबड़ा, प्राचार्य, मुन्नालाल गर्ल्स कॉलेज
विज्ञापन
हस्तशिल्प विशेषज्ञ पिंकी ने छात्राओं को कई प्रकार के बैग बनाना सिखाया। उन्होंने बैग बनाने के लिए कपड़ा कटिंग और सिलाई से लेकर उनको अलग-अलग डिजाइन देने की बारीकियां समझाई। साथ ही कुछ छात्राओं को मंच पर बुलाकर उनसे भी कटिंग और अन्य कार्य कराकर देखे गए। काअर्डिनेटर डॉ. विनीता दुबे ने बताया कि स्किल डवलपमेंट पाठ्यक्रम से शिक्षा का पूरा पैटर्न बदला है। अब छात्राएं थ्योरी के साथ ही प्रेक्टिकल कर चीजों को सीख रही हैं। जिनके जरिए छात्राएं भविष्य में अपनी आजीविका भी चला सकती हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले फूड प्रोसेसिंग की कार्यशाला कराई जा चुकी है, जिसमें छात्राओं को अनेक तरह के उत्पाद बनाना सिखाया गया था। खास बात यह है कि छात्राएं इस प्रकार के आयोजनों में रूचि ले रही हैं। बीए और बीकॉम की करीब 300 छात्राएं कार्यशाला से जुड़ी हैं।
विज्ञापन
वर्तमान में रोजगार परक शिक्षा का दौर है। युवा पढ़ाई खत्म करते ही नौकरी चाहता है। मगर नौकरी से बेहतर है कि युवा ऐसी पढ़ाई करें, जिसके बाद अपना बिजनेस खड़ा कर अन्य लोगों को भी रोजगार दे सकें। स्किल डवलेपमेंट पाठ्यक्रम इसी की नींव रख रहा है।
विज्ञापन
- प्रोफेसर पंकज छाबड़ा, प्राचार्य, मुन्नालाल गर्ल्स कॉलेज