गजवा ए हिंद विवाद: NCPCR ने फिर मांगी रिपोर्ट, अधिकारियों को 11 तक देना होगा जवाब, 10 वर्ष पुराना है मामला
Darul Uloom News: गजवा-ए-हिंद का महिमामंडन करने के मामले ने 10 वर्ष बाद तूल पकड़ लिया है। अब दारुल उलूम ने इस मामले को लेकर एसएसपी को लिखित में जवाब दिया है। मामले में दोबारा रिपोर्ट मांगी गई है।
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सहारनपुर जनपद में गजवा-ए-हिंद को लेकर विवादों में फंसा दारुल उलूम प्रकरण एक बार फिर से सुर्खियों में आया है। दारुल उलूम के फतवे गजवा-ए-हिंद को लेकर पुलिस-प्रशासन दी गई रिपोर्ट पर राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने आपत्ति जताई है।
भेजी गई रिपोर्ट के बाद आयोग की तरफ से दोबारा जिला प्रशासन को आदेश जारी किया गया है कि पुराने आदेशों की अनुपालना की जाए। जिसकी 11 मार्च तक रिपोर्ट दें। इस अवधि तक रिपोर्ट नहीं देने पर पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों को पेश होने के लिए कहा गया है।
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यह था मामला
दरअसल, वर्ष 2015 में दारुल उलूम की वेबसाइट पर किसी व्यक्ति ने गजवा-ए-हिंद को लेकर जानकारी मांगी थी। जिस पर दारुल उलूम ने अपने जवाब में पुस्तक सुन्नत-अल-नसाई का हवाला दिया था। कहा था कि गजवा-ए-हिंद को लेकर इसमें पूरा एक अध्याय है। बाल संरक्षण आयोग ने कहा था कि यह देश विरोधी है, क्योंकि इसमें गजवा-ए-हिंद को इस्लाम के नजरिए से जायज बताया गया है।
मामले में आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने डीएम और एसएसपी को पत्र लिखकर कार्रवाई करने को कहा था और जांच रिपोर्ट भी मांगी थी। पुलिस-प्रशासन की संयुक्त जांच कमेटी ने दारुल उलूम मे जाकर पूरे मामले की जानकारी जुटाई।
दारुल उलूम की तरफ से लिखित में जवाब दिया गया था कि यह पुराना फतवा है। इसका वर्तमान से कोई संबंध नहीं है। जांच रिपोर्ट पुलिस-प्रशासन की तरफ से आयोग को भेज दी गई थी, जिस पर अब आयोग ने आपत्ति जताई है।
आयोग की ओर से पत्र मिला है, जिसमें मामले को लेकर दोबारा रिपोर्ट मांगी गई है। जांच कराकर जल्द रिपोर्ट भेजी जाएगी। -डॉ. दिनेश चंद्र, डीएम
आयोग का पत्र आया है। जो भी निर्देश दिए गए हैं उनका पालन किया जाएगा। - डाॅ. विपिन ताडा, एसएसपी