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बाईपास बने तो जाम से मिले निजात
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सहारनपुर का घंटाघर
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। महानगर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए यातायात पुलिस ने घंटाघर पर 24 घंटे निगरानी कर ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होने के कारणों की तलाश की, जिसमें सामने आया कि घंटाघर से हर एक मिनट में तीन बसों का आवागमन होता है। 24 घंटे में सात राज्यों से 3000 कारें, दिन में दो बार शहर में चल रही 3500 ई रिक्शा और 3300 थ्री व्हीलरों सहित अन्य छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। फिलहाल यहां बाईपास बनाया जा रहा है और यह जून तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद शहर के लोगों को काफी हद जाम से निजात मिल जाएगी।
स्मार्ट सिटी सहारनपुर का दिल कहे जाने वाले घंटाघर पर वाहनों का दबाव अधिक है। घंटाघर से एक मार्ग कोर्ट रोड, दिल्ली रोड, दूसरा रेलवे रोड, तीसरा अंबाला रोड, चौथा नेहरू मार्केट होते हुए पुराने शहर और पांचवां देहरादून व हरिद्वार की तरफ जाता है। घंटाघर से रोजाना जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल और राजस्थान प्रदेश के छोटे-बड़े वाहनों का संचालन होता है। दो दशकों से सहारनपुर जाम की समस्या से जूझ रहा है, जो नागरिकों के साथ पुलिस-प्रशासन के लिए भी सिरदर्द बना है। इन दिनों यातायात माह चल रहा है, जिसको देेखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने जाम के कारणों की तलाश की है, जिसमें सामने आया कि घंटाघर से हर एक मिनट में उत्तराखंड, हरियाणा और पंजाब की तरफ तीन बसों का संचालन होता है। बाईपास बनने के बाद ही शहर को जाम से निजात मिलेगी। बाईपास जब शुरू हो जाएगा तो जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, पंजाब की ओर से उत्तराखंड और दिल्ली की तरफ जाने वाले छोटे-बड़े सभी वाहन बाहर से निकल जाएंगे। इसी तरह उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली की ओर से जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल जाने वाले वाहन भी शहर के अंदर नहीं आएंगे, जिससे शहर में जाम नहीं लगेगा।
बसों अड्डों का बाहर होना भी जरूरी
सहारनपुर। यातायात पुलिस के मुताबिक शहर में स्थित दोनों बस अड्डों को शहर से बाहर किया जाना भी जरूरी है। रेलवे स्टेशन के पास अग्रसेन चौक पर रोडवेज बस अड्डा है। अंबाला रोड पर दिल्ली व गंगोह बस अड्डा है। इसी वजह से शहर के विभिन्न इलाकों से ई-रिक्शा और थ्री व्हीलर सवारी लेकर घंटाघर को होते हुए बस अड्डों पर पहुंचते हैं, जब बस अड्डे शहर से बाहर हो जाएंगे तो ई-रिक्शा और थ्रीव्हीलरों के संचालन का बड़ा मार्ग उपलब्ध हो जाएगा, जो घंटाघर की तरफ नहीं आएंगे और विभिन्न रास्तों के माध्यम से होकर बस अड्डों की तरफ पहुंचेंगे। इस कारण शहर में जाम नहीं लगेगा।
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घंटाघर पर जाम लगते ही प्रभावित होती है पूरे शहर की यातायात व्यवस्था
सहारनपुर। यातायात पुलिस की निगरानी में सामने आया है कि घंटाघर पर एक अगर एक घंटा जाम लग जाए तो पूरे शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। घंटाघर पर जाम लगने से सबसे पहले देहरादून हाईवे और अंबाला रोड पर वाहनों की कतार लग जाती है, जिससे देहरादून चौक तक जाम लग जाता है। अगर एक घंटे में जाम न खुले तो बाजोरिया मार्ग, जिला अस्पताल पुल पर भी जाम लग जाता है। इसी तरह कोर्ट रोड स्थित कचहरी पुल, दीवानी तिराहा, कलक्ट्रेट तिराहे पर भी जाम लग जाता है। इनके अलावा नेहरू मार्केट, राकेश सिनेमा पटरी, जोगियान पुल, दालमंडी पुल, सब्जी मंडी पुल पर भी जाम लगता है।
महानगर में लगने वाले जाम के कारणों को जानने के लिए 24 घंटे लगातार घंटाघर पर निगरानी की गई, जिसमें सामने आया कि हर एक मिनट में घंटाघर से तीन बसें निकलती हैं। इसके अलावा छह राज्यों की 3000 कारें, महानगर में संचालित 3500 ई रिक्शा और 3300 थ्री व्हीलरों दो बार घंटाघर से होकर जाते हैं। इसके अलावा अन्य वाहन भी बड़ी संख्या में यहां से निकलते हैं। बाईपास शुरू होने पर ही शहर की यातायात व्यवस्था सुचारु हो सकेगी।----------तेज प्रताप सिंह, यातायात प्रभारी, सहारनपुर
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स्मार्ट सिटी सहारनपुर का दिल कहे जाने वाले घंटाघर पर वाहनों का दबाव अधिक है। घंटाघर से एक मार्ग कोर्ट रोड, दिल्ली रोड, दूसरा रेलवे रोड, तीसरा अंबाला रोड, चौथा नेहरू मार्केट होते हुए पुराने शहर और पांचवां देहरादून व हरिद्वार की तरफ जाता है। घंटाघर से रोजाना जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल और राजस्थान प्रदेश के छोटे-बड़े वाहनों का संचालन होता है। दो दशकों से सहारनपुर जाम की समस्या से जूझ रहा है, जो नागरिकों के साथ पुलिस-प्रशासन के लिए भी सिरदर्द बना है। इन दिनों यातायात माह चल रहा है, जिसको देेखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने जाम के कारणों की तलाश की है, जिसमें सामने आया कि घंटाघर से हर एक मिनट में उत्तराखंड, हरियाणा और पंजाब की तरफ तीन बसों का संचालन होता है। बाईपास बनने के बाद ही शहर को जाम से निजात मिलेगी। बाईपास जब शुरू हो जाएगा तो जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, पंजाब की ओर से उत्तराखंड और दिल्ली की तरफ जाने वाले छोटे-बड़े सभी वाहन बाहर से निकल जाएंगे। इसी तरह उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली की ओर से जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल जाने वाले वाहन भी शहर के अंदर नहीं आएंगे, जिससे शहर में जाम नहीं लगेगा।
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बसों अड्डों का बाहर होना भी जरूरी
सहारनपुर। यातायात पुलिस के मुताबिक शहर में स्थित दोनों बस अड्डों को शहर से बाहर किया जाना भी जरूरी है। रेलवे स्टेशन के पास अग्रसेन चौक पर रोडवेज बस अड्डा है। अंबाला रोड पर दिल्ली व गंगोह बस अड्डा है। इसी वजह से शहर के विभिन्न इलाकों से ई-रिक्शा और थ्री व्हीलर सवारी लेकर घंटाघर को होते हुए बस अड्डों पर पहुंचते हैं, जब बस अड्डे शहर से बाहर हो जाएंगे तो ई-रिक्शा और थ्रीव्हीलरों के संचालन का बड़ा मार्ग उपलब्ध हो जाएगा, जो घंटाघर की तरफ नहीं आएंगे और विभिन्न रास्तों के माध्यम से होकर बस अड्डों की तरफ पहुंचेंगे। इस कारण शहर में जाम नहीं लगेगा।
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घंटाघर पर जाम लगते ही प्रभावित होती है पूरे शहर की यातायात व्यवस्था
सहारनपुर। यातायात पुलिस की निगरानी में सामने आया है कि घंटाघर पर एक अगर एक घंटा जाम लग जाए तो पूरे शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। घंटाघर पर जाम लगने से सबसे पहले देहरादून हाईवे और अंबाला रोड पर वाहनों की कतार लग जाती है, जिससे देहरादून चौक तक जाम लग जाता है। अगर एक घंटे में जाम न खुले तो बाजोरिया मार्ग, जिला अस्पताल पुल पर भी जाम लग जाता है। इसी तरह कोर्ट रोड स्थित कचहरी पुल, दीवानी तिराहा, कलक्ट्रेट तिराहे पर भी जाम लग जाता है। इनके अलावा नेहरू मार्केट, राकेश सिनेमा पटरी, जोगियान पुल, दालमंडी पुल, सब्जी मंडी पुल पर भी जाम लगता है।
महानगर में लगने वाले जाम के कारणों को जानने के लिए 24 घंटे लगातार घंटाघर पर निगरानी की गई, जिसमें सामने आया कि हर एक मिनट में घंटाघर से तीन बसें निकलती हैं। इसके अलावा छह राज्यों की 3000 कारें, महानगर में संचालित 3500 ई रिक्शा और 3300 थ्री व्हीलरों दो बार घंटाघर से होकर जाते हैं। इसके अलावा अन्य वाहन भी बड़ी संख्या में यहां से निकलते हैं। बाईपास शुरू होने पर ही शहर की यातायात व्यवस्था सुचारु हो सकेगी।----------तेज प्रताप सिंह, यातायात प्रभारी, सहारनपुर