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भुगतान में सबसे पीछे गांगनौली शुगर मिल
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सहारनपुर। तमाम प्रयासों के बावजूद किसानों को समय पर गन्ना मूल्य भुगतान नहीं हो पा रहा है। भुगतान करने में जनपद में गांगनौली शुगर मिल पीछे चल रही है। आठ नवंबर को पेराई सत्र प्रारंभ करने वाली गांगनौली शुगर मिल ने अब तक सिर्फ नौ नवंबर तक खरीदे गए गन्ने का भुगतान ही किया है। इसका भुगतान प्रतिशत 2.38 है।
गन्ना विभाग समय से किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान कराने में विफल साबित हो रहा है। जनपद की छह शुगर मिलों में से सिर्फ देवबंद चीनी मिल ही 14 दिन के दायरे में भुगतान कर रही है, जबकि अन्य पांच चीनी मिलों पर 390.48 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य के बकाया हैं। गन्ना क्रय अधिनियम के तहत मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिनों के अंदर गन्ना मूल्य भुगतान करने का नियम है। इसके बाद भुगतान करने पर मिल को 15 फीसदी की दर से बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज देने का प्रावधान है, लेकिन किसानों को न तो समय पर गन्ना मूल्य ही प्राप्त होता है और न ही बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज ही मिल रहा है। समय से गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों के सामने भी आर्थिक संकट पैदा हो गया है।
जनपद में गन्ना मूल्य भुगतान में सबसे पीछे गांगनौली शुगर मिल चल रही है। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करने में तेजी लाने के लिए चीनी मिलों को विभाग की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। भुगतान में कोताही बरतने वाली चीनी मिलों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। --- कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी।
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जनपद की मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य
मिल ------------------ बकाया
गांगनौली ------- 198.37 करोड़ रुपये
शेरमऊ ----------- 24.26 करोड़ रुपये
गागलहेड़ी -------- 68.34 करोड़ रुपये
नानौता ----------- 61.11 करोड़ रुपये
सरसावा ---------- 42.14 करोड़ रुपये
नोट: गन्ना विभाग के 26 फरवरी के आंकड़ों के अनुसार।
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गन्ना विभाग समय से किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान कराने में विफल साबित हो रहा है। जनपद की छह शुगर मिलों में से सिर्फ देवबंद चीनी मिल ही 14 दिन के दायरे में भुगतान कर रही है, जबकि अन्य पांच चीनी मिलों पर 390.48 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य के बकाया हैं। गन्ना क्रय अधिनियम के तहत मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिनों के अंदर गन्ना मूल्य भुगतान करने का नियम है। इसके बाद भुगतान करने पर मिल को 15 फीसदी की दर से बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज देने का प्रावधान है, लेकिन किसानों को न तो समय पर गन्ना मूल्य ही प्राप्त होता है और न ही बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज ही मिल रहा है। समय से गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों के सामने भी आर्थिक संकट पैदा हो गया है।
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जनपद में गन्ना मूल्य भुगतान में सबसे पीछे गांगनौली शुगर मिल चल रही है। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करने में तेजी लाने के लिए चीनी मिलों को विभाग की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। भुगतान में कोताही बरतने वाली चीनी मिलों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। --- कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी।
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जनपद की मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य
मिल ------------------ बकाया
गांगनौली ------- 198.37 करोड़ रुपये
शेरमऊ ----------- 24.26 करोड़ रुपये
गागलहेड़ी -------- 68.34 करोड़ रुपये
नानौता ----------- 61.11 करोड़ रुपये
सरसावा ---------- 42.14 करोड़ रुपये
नोट: गन्ना विभाग के 26 फरवरी के आंकड़ों के अनुसार।