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रचनाकारों से रूबरू हुए बच्चे
बागपत/ब्यूरो/ सहारनपुर
Updated Sun, 06 Dec 2015 02:23 AM IST
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प्रशासन द्वारा गांधी पार्क मैदान में आयोजित सहारनपुर पुस्तक मेला 2015 में भी हिंसा पर अहिंसा भारी पड़ रही है। जी हां! मेले में लगे 50 से अधिक स्टॉल्स पर अनेक भाषाओं में साहित्य उपलब्ध हैं। इनमें सत्य और अहिंसा के पुजारी कहे जाने वाले महात्मा गांधी से लेकर अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम तक का इतिहास और जीवन की कहानी उपलब्ध हैं।
खास बात यह है कि पिछले तीन दिन के मेले में गांधी के जीवन पर आधारित दर्जनों किताबें खरीदी गई, मगर दाऊद इब्राहिम पर आधारित पुस्तक को देखने वाला भी कोई नहीं मिला है। यानी पाठक अच्छे लोगों पर आधारित साहित्य और उनके जीवन को जानना चाहता है, न कि दहशत फैलाने वालों को।
गांधी पार्क मैदान में आयोजित पुस्तक मेला में देश के अनेक महापुरुषों जैसे महात्मा गांधी, डॉ. अंबेडकर, सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद भगत सिंह आदि के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, राजीव गांधी, वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत अनेक लोगों के जीवन से जुड़ी किताबों की भरमार है।
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हिन्दी के अलावा उर्दू और अंग्रेजी भाषा की अनेक किताबें उपलब्ध हैं। एक स्टॉल पर अष्टावक गीता, धर्मेरक्षति, भारत का संपूर्ण इतिहास, शरतचंद्र की सर्वश्रेष्ठ कहानियां और विश्वविख्यात अमर साहित्य मां की पुस्तक के बीच एस हुसैन जैदी द्वारा लिखी गई पुस्तक डोंगरी से दुबई तक रखी हुई है, जिसमें दाऊद इब्राहिम के मुंबई के छह दशक की पूरी जीवनी लिखी है, जिसकी प्रस्तावना विक्रम चंद्रा ने लिखी है।
इस किताब में दाऊद इब्राहिम का संपूर्ण इतिहास दर्ज है। हैरत की बात यह है कि तीन दिन में अनेक लोग स्टॉल पर पहुंचकर गांधी और अंबेडकर समेत अन्य महापुरुषों पर आधारित साहित्य खरीद रहे हैं, मगर दाऊद इब्राहिम पर लिखी किताब को एक नजर देखकर दरकिनार कर रहे हैं। पाठक अच्छे लोगों पर आधारित प्रेरणादाई किताबों को पसंद करते हैं।
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खास बात यह है कि पिछले तीन दिन के मेले में गांधी के जीवन पर आधारित दर्जनों किताबें खरीदी गई, मगर दाऊद इब्राहिम पर आधारित पुस्तक को देखने वाला भी कोई नहीं मिला है। यानी पाठक अच्छे लोगों पर आधारित साहित्य और उनके जीवन को जानना चाहता है, न कि दहशत फैलाने वालों को।
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गांधी पार्क मैदान में आयोजित पुस्तक मेला में देश के अनेक महापुरुषों जैसे महात्मा गांधी, डॉ. अंबेडकर, सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद भगत सिंह आदि के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, राजीव गांधी, वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत अनेक लोगों के जीवन से जुड़ी किताबों की भरमार है।
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हिन्दी के अलावा उर्दू और अंग्रेजी भाषा की अनेक किताबें उपलब्ध हैं। एक स्टॉल पर अष्टावक गीता, धर्मेरक्षति, भारत का संपूर्ण इतिहास, शरतचंद्र की सर्वश्रेष्ठ कहानियां और विश्वविख्यात अमर साहित्य मां की पुस्तक के बीच एस हुसैन जैदी द्वारा लिखी गई पुस्तक डोंगरी से दुबई तक रखी हुई है, जिसमें दाऊद इब्राहिम के मुंबई के छह दशक की पूरी जीवनी लिखी है, जिसकी प्रस्तावना विक्रम चंद्रा ने लिखी है।
इस किताब में दाऊद इब्राहिम का संपूर्ण इतिहास दर्ज है। हैरत की बात यह है कि तीन दिन में अनेक लोग स्टॉल पर पहुंचकर गांधी और अंबेडकर समेत अन्य महापुरुषों पर आधारित साहित्य खरीद रहे हैं, मगर दाऊद इब्राहिम पर लिखी किताब को एक नजर देखकर दरकिनार कर रहे हैं। पाठक अच्छे लोगों पर आधारित प्रेरणादाई किताबों को पसंद करते हैं।