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बकाया भुगतान में फिसड्डी पांच चीनी मिलें
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सहारनपुर। शुगर मिलों ने नए पेराई सत्र के लिए मेंटीनेंस सहित अन्य तैयारियां शुरू कर दी है। देवबंद शुगर मिल ने तो पूरा भुगतान कर दिया है, लेकिन पांच चीनी मिलें भुगतान में फिसड्डी है। इन पांच मिलों पर किसानों का करीब 390 करोड़ रुपये से अधिक गन्ना मूल्य बकाया है। बकाया गन्ना मूल्य पर करीब 29 करोड़ रुपये ब्याज भी हो गया है।
जिले की अधिकांश शुगर मिलों ने आगामी पेराई सत्र के लिए 29 से 50 प्रतिशत तक मेंटीनेंस कार्य पूरा करा दिया है। किसान अतुल फंदपुरी, प्रदीप नंबरदार, महक सिंह चौरा खुर्द आदि का कहना है कि समय पर गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं होने से किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। किसानों को गन्ना क्रय अधिनियम के तहत 14 दिनों के अंदर गन्ना मूल्य का भुगतान हो जाना चाहिए। निर्धारित समयावधि में भुगतान नहीं करने पर नियमानुसार बकाया मूल्य पर 15 प्रतिशत की दर से ब्याज देना चाहिए। लेकिन किसानों को ना तो समय पर गन्ना मूल्य मिल रहा है और ना ही ब्याज।
जिले में देवबंद चीनी मिल ने गन्ना मूल्य का पूरा भुगतान कर दिया है। पिछले पेराई सत्र में खरीदे गए गन्ने का 75.80 प्रतिशत भुगतान हो गया है। शेष गन्ना मूल्य भुगतान कराने के लिए चीनी मिलों पर दबाव बनाया गया है। बकाया भुगतान में कोताही बरतने वाली मिलों के विरुद्घ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी।
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जिले में बकाया गन्ना मूल्य की स्थिति
मिल ----------------- बकाया
गांगनौली ------------- 188.12 करोड़
शेरमऊ ---------------- 43.13 करोड़
गागलहेडी ------------- 42.00 करोड़
नानौता ---------------- 72.95 करोड़
सरसावा ----------------44.75 करोड़
नोट: गन्ना विभाग के 13 अगस्त के आंकड़ों के अनुसार।
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जिले की अधिकांश शुगर मिलों ने आगामी पेराई सत्र के लिए 29 से 50 प्रतिशत तक मेंटीनेंस कार्य पूरा करा दिया है। किसान अतुल फंदपुरी, प्रदीप नंबरदार, महक सिंह चौरा खुर्द आदि का कहना है कि समय पर गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं होने से किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। किसानों को गन्ना क्रय अधिनियम के तहत 14 दिनों के अंदर गन्ना मूल्य का भुगतान हो जाना चाहिए। निर्धारित समयावधि में भुगतान नहीं करने पर नियमानुसार बकाया मूल्य पर 15 प्रतिशत की दर से ब्याज देना चाहिए। लेकिन किसानों को ना तो समय पर गन्ना मूल्य मिल रहा है और ना ही ब्याज।
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जिले में देवबंद चीनी मिल ने गन्ना मूल्य का पूरा भुगतान कर दिया है। पिछले पेराई सत्र में खरीदे गए गन्ने का 75.80 प्रतिशत भुगतान हो गया है। शेष गन्ना मूल्य भुगतान कराने के लिए चीनी मिलों पर दबाव बनाया गया है। बकाया भुगतान में कोताही बरतने वाली मिलों के विरुद्घ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी।
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जिले में बकाया गन्ना मूल्य की स्थिति
मिल ----------------- बकाया
गांगनौली ------------- 188.12 करोड़
शेरमऊ ---------------- 43.13 करोड़
गागलहेडी ------------- 42.00 करोड़
नानौता ---------------- 72.95 करोड़
सरसावा ----------------44.75 करोड़
नोट: गन्ना विभाग के 13 अगस्त के आंकड़ों के अनुसार।