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फायर हाइड्रेंट प्रोजेक्ट में लाखों का खेल
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 20 May 2016 12:00 AM IST
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आग
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर नगर निगम के भवन को आग से बचाने के लिए शुरू किए गए फायर हाइड्रेंट सिस्टम प्रोजेक्ट में अधिकारी लाखों का खेल कर गए। यहीं नहीं, बजट को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना गहरा गया है कि अब संबंधित अधिकारी एक दूसरे पर टीकरा फोड़ रहे है।
इसी चक्कर में प्रोजेक्ट को अटके दो साल से अधिक हो गए है। हैरत की बात यह है कि आला अधिकारी भी इस मामले में चुप्पी साधे है। आग की घटनाओं को देखते हुए भवनों में अग्निशमन यंत्र लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
सहारनपुर नगर निगम के भवन में भी अग्निशमन यंत्र लगाया जाना था, जिसके लिए मार्च 2014 में करीब साढ़े 16 लाख रुपये का बजट जारी किया गया था। इसमें पूरी बिल्डिंग में वाटर सप्लाई के लिए पाइप लगाने थे। साथ ही छत पर दो वाटर टैंक का निर्माण भी कराया था।
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इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी अलग-अलग विभागों को दी गई थी। जलकल विभाग ने पूरे भवन में पाइपों का जाल बिछा दिया गया। मगर, इन पाइपों में आग बुझाने के लिए पानी कहां से आएगा? यह अभी तक तय नहीं हो सका है।
भवन में पाइप लगे दो साल से अधिक बीत चुके हैं, मगर अभी तक पानी की व्यवस्था नहीं हो सकी है। इसके लिए भवन के ऊपर बनाए जाने वाले दो टैंक लेकर अफसरों के बीच विवाद है। निगम सूत्रों की मानें तो विवाद कमीशन के बंदरबांट को लेकर है। यही वजह है कि वह काम के लटके होने का ठीकरा एक-दूसरे के सिर फोड़ रहे हैं।
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इसी चक्कर में प्रोजेक्ट को अटके दो साल से अधिक हो गए है। हैरत की बात यह है कि आला अधिकारी भी इस मामले में चुप्पी साधे है। आग की घटनाओं को देखते हुए भवनों में अग्निशमन यंत्र लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
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सहारनपुर नगर निगम के भवन में भी अग्निशमन यंत्र लगाया जाना था, जिसके लिए मार्च 2014 में करीब साढ़े 16 लाख रुपये का बजट जारी किया गया था। इसमें पूरी बिल्डिंग में वाटर सप्लाई के लिए पाइप लगाने थे। साथ ही छत पर दो वाटर टैंक का निर्माण भी कराया था।
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इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी अलग-अलग विभागों को दी गई थी। जलकल विभाग ने पूरे भवन में पाइपों का जाल बिछा दिया गया। मगर, इन पाइपों में आग बुझाने के लिए पानी कहां से आएगा? यह अभी तक तय नहीं हो सका है।
भवन में पाइप लगे दो साल से अधिक बीत चुके हैं, मगर अभी तक पानी की व्यवस्था नहीं हो सकी है। इसके लिए भवन के ऊपर बनाए जाने वाले दो टैंक लेकर अफसरों के बीच विवाद है। निगम सूत्रों की मानें तो विवाद कमीशन के बंदरबांट को लेकर है। यही वजह है कि वह काम के लटके होने का ठीकरा एक-दूसरे के सिर फोड़ रहे हैं।