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जिले से बाहर नहीं जाएगा उर्वरक, होगी निगरानी
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सहारनपुर। प्रदेश के कई जनपदों और पड़ोसी राज्य हरियाणा में डीएपी और एनपीके की कमी के चलते रबी फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही है। हरियाणा और उत्तराखंड का सीमावर्ती जनपद होने के कारण सहारनपुर में उर्वरकों पर शासन ने कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए उपजिलाधिकारी, कृषि विभाग के अधिकारियों और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाई।
जिले में 116852 हेक्टेयर में विभिन्न रबी फसलों की बुवाई का लक्ष्य रखा है। रबी फसलों की बुआई शुरू हो गई है। अभी सरसों, मसूर आदि फसलों की बुवाई हो रही है। एक सप्ताह में गेहूं आदि फसलों की बुवाई भी जोर पकड़ लेगी। इसके चलते डीएपी और एनपीके उर्वरकों की आवश्यकता रहती है। वहीं, प्रदेश के कई जनपदों में कमी के चलते इन उवर्रकों पर नजर रखी जा रही है। जिससे उर्वरक दूसरे राज्यों में ना ले जाया जा सके।
निगरानी को बनाई टीम
जिला कृषि अधिकारी ने बताया हरियाणा और उत्तराखंड का सीमावर्ती जनपद होने के चलते सहारनपुर में डीएपी, एनपीके और यूरिया की आवाजाही पर नजर रखी जाएगी। जिलाधिकारी ने इसके लिए टीम का गठन किया। इसमें उपजिलाधिकारी, उप निदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी और सहायक निबंधक सहकारिता को शामिल किया।
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रबी फसलों की बुवाई के लिए पर्याप्त मात्रा में उर्वरक हैं। यूरिया करीब 9000 मीट्रिक टन, 1000 मीट्रिक टन डीएपी और एनपीके 4000 मीट्रिक टन उपलब्ध है। इसके अलावा उर्वरकों की लगातार आपूर्ति भी जारी रहेगी। किसानों को जोत के आधार पर डीएपी और एनपीके दिया जाएगा। - धीरज कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी।
जनपद में रबी फसलों की बुआई का लक्ष्य
फसल ----------- रकबा
गेहूं ------------ 112868 हेक्टेयर
जौ --------------- 66 हेक्टेयर
चना ------------- 03 हेक्टेयर
मटर ------------ 26 हेक्टेयर
मसूर ----------- 2498 हेक्टेयर
सरसों ---------- 1098 हेक्टेयर
तोरिया ---------- 293 हेक्टेयर
नोट: कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार।
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जिले में 116852 हेक्टेयर में विभिन्न रबी फसलों की बुवाई का लक्ष्य रखा है। रबी फसलों की बुआई शुरू हो गई है। अभी सरसों, मसूर आदि फसलों की बुवाई हो रही है। एक सप्ताह में गेहूं आदि फसलों की बुवाई भी जोर पकड़ लेगी। इसके चलते डीएपी और एनपीके उर्वरकों की आवश्यकता रहती है। वहीं, प्रदेश के कई जनपदों में कमी के चलते इन उवर्रकों पर नजर रखी जा रही है। जिससे उर्वरक दूसरे राज्यों में ना ले जाया जा सके।
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निगरानी को बनाई टीम
जिला कृषि अधिकारी ने बताया हरियाणा और उत्तराखंड का सीमावर्ती जनपद होने के चलते सहारनपुर में डीएपी, एनपीके और यूरिया की आवाजाही पर नजर रखी जाएगी। जिलाधिकारी ने इसके लिए टीम का गठन किया। इसमें उपजिलाधिकारी, उप निदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी और सहायक निबंधक सहकारिता को शामिल किया।
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रबी फसलों की बुवाई के लिए पर्याप्त मात्रा में उर्वरक हैं। यूरिया करीब 9000 मीट्रिक टन, 1000 मीट्रिक टन डीएपी और एनपीके 4000 मीट्रिक टन उपलब्ध है। इसके अलावा उर्वरकों की लगातार आपूर्ति भी जारी रहेगी। किसानों को जोत के आधार पर डीएपी और एनपीके दिया जाएगा। - धीरज कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी।
जनपद में रबी फसलों की बुआई का लक्ष्य
फसल ----------- रकबा
गेहूं ------------ 112868 हेक्टेयर
जौ --------------- 66 हेक्टेयर
चना ------------- 03 हेक्टेयर
मटर ------------ 26 हेक्टेयर
मसूर ----------- 2498 हेक्टेयर
सरसों ---------- 1098 हेक्टेयर
तोरिया ---------- 293 हेक्टेयर
नोट: कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार।