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किसानों ने दिया पशु चिकित्सालय पर धरना
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नागल में धरना देते किसान
- फोटो : SAHARANPUR
किसानों ने दिया पशु चिकित्सालय पर धरना
नागल (सहारनपुर)। सोमवार को राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन से जुड़े किसानों ने पशुओं के इलाज के लिए सुविधा शुल्क लेने का आरोप लगाते हुए पशु चिकित्सालय पर धरना दिया। करीब तीन घंटे बाद पहुंचे उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. धीरज शर्मा के आश्वासन के बाद किसानों ने धरना समाप्त करने की घोषणा की।
धरने पर संगठन के जिलाध्यक्ष चौ. सुखबीर सिंह ने कहा कि नागल पशु चिकित्सालय भ्रष्टाचार का अड्डा बन कर रह गया है। बिना सुविधा शुल्क लिए यहां कोई काम नहीं किया जाता। सरकार द्वारा पशुओं को दी जाने वाली निशुल्क वैक्सीन भी प्राइवेट चिकित्सकों को बेच दी जाती है। उन्होंने पशु चिकित्सा अधिकारी पर आरोप लगाते हुए कहा कि सलेमपुर निवासी एक किसान से 50 हजार रुपये नहीं मिलने पर पशु चिकित्साधिकारी ने गलत रिपोर्ट लगा दी, जिसके चलते बीते तीन सालों से उसे सब्सिडी भी नहीं मिल पा रही है।
करीब तीन घंटे तक चले धरना प्रदर्शन के दौरान किसानों के बीच पहुंचे उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ धीरज शर्मा द्वारा जांच कर कार्रवाई के आश्वासन के बाद किसानों ने धरना समाप्त करने की घोषणा की। इस दौरान शेर सिंह मुखिया, नवाब सिंह, संदीप धीमान, विशु त्यागी, सचिन, सुरेश, रविंद्र चौहान, अनार सिंह, अमित कुमार, नाथीराम, प्रिंस चौधरी, अनिल दुगचाड़ा आदि रहे।
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नागल (सहारनपुर)। सोमवार को राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन से जुड़े किसानों ने पशुओं के इलाज के लिए सुविधा शुल्क लेने का आरोप लगाते हुए पशु चिकित्सालय पर धरना दिया। करीब तीन घंटे बाद पहुंचे उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. धीरज शर्मा के आश्वासन के बाद किसानों ने धरना समाप्त करने की घोषणा की।
धरने पर संगठन के जिलाध्यक्ष चौ. सुखबीर सिंह ने कहा कि नागल पशु चिकित्सालय भ्रष्टाचार का अड्डा बन कर रह गया है। बिना सुविधा शुल्क लिए यहां कोई काम नहीं किया जाता। सरकार द्वारा पशुओं को दी जाने वाली निशुल्क वैक्सीन भी प्राइवेट चिकित्सकों को बेच दी जाती है। उन्होंने पशु चिकित्सा अधिकारी पर आरोप लगाते हुए कहा कि सलेमपुर निवासी एक किसान से 50 हजार रुपये नहीं मिलने पर पशु चिकित्साधिकारी ने गलत रिपोर्ट लगा दी, जिसके चलते बीते तीन सालों से उसे सब्सिडी भी नहीं मिल पा रही है।
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करीब तीन घंटे तक चले धरना प्रदर्शन के दौरान किसानों के बीच पहुंचे उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ धीरज शर्मा द्वारा जांच कर कार्रवाई के आश्वासन के बाद किसानों ने धरना समाप्त करने की घोषणा की। इस दौरान शेर सिंह मुखिया, नवाब सिंह, संदीप धीमान, विशु त्यागी, सचिन, सुरेश, रविंद्र चौहान, अनार सिंह, अमित कुमार, नाथीराम, प्रिंस चौधरी, अनिल दुगचाड़ा आदि रहे।
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