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मुजफ्फरनगर: लखीमपुर हिंसा को लेकर नरेश टिकैत के आवास पर हुई पंचायत, किसान बोले- सरकार ने दिखाया अमानवीय चेहरा

Sun, 03 Oct 2021 11:01 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर Published by: सुशील कुमार कुमार Updated Sun, 03 Oct 2021 11:01 PM IST
सार

पंचायत को संबोधित करते हुए चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि लखीमपुर वाली घटना में सरकार ने अपना अमानवीय चेहरा दर्शा दिया है। जब सरकार किसान आंदोलन को नहीं कुचल पाई तो अब सरकार ने किसानों को ही गाड़ी के नीचे कुचलना शुरू कर दिया।

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farmers said government showed inhuman face In  panchayat held at residence of Naresh Tikait regarding Lakhimpur ruckus 
लखीमपुर हिंसा: घरने पर बैठे किसान। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुजफ्फरनगर के सिसौली में रविवार देर रात को चौधरी नरेश टिकैत के आवास पर एक पंचायत की गई। जिसमें सैकड़ों किसानों ने भाग लिए। पंचायत में लखीमपुर वाली घटना को लेकर किसानों में काफी आक्रोश व गुस्सा था। किसान इस घटना को लेकर बहुत गुस्से और दुखी दिखाई दे रहे थे। किसान इस घटना पर सरकार से निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की मांग कर रहे थे। 

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पंचायत को संबोधित करते हुए चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि लखीमपुर वाली घटना में सरकार ने अपना अमानवीय चेहरा दर्शा दिया है। जब सरकार किसान आंदोलन को नहीं कुचल पाई तो अब सरकार ने किसानों को ही गाड़ी के नीचे कुचलना शुरू कर दिया। सरकार ने यह घटना करके अपनी ताबूत में आखिरी कील ठोक दिया है। 
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सरकार और उसके नुमाइंदे होंगे जिम्मेदार 
नरेश टिकैत ने कहा कि हम पहले भी कई बार बता चुके हैं कि जब तक किसान आंदोलन चल रहा है भाजपा का कोई मंत्री व विधायक किसी भी गांव में कोई भी सभा करने से परहेज रखें, क्योंकि भाजपा सरकार के प्रति किसानों को इतना गुस्सा है कि कहीं भी किसी भी प्रकार की कोई भी घटना उनके साथ घट सकती है। भविष्य में कोई घटना घटती है तो यह सरकार और उसके नुमाइंदे स्वयं जिम्मेदार होंगे। 
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आंदोलन बदनाम न हो पाए
चौधरी नरेश टिकैत ने किसानों व युवाओं को समझाते हुए कहा कि हमें यह आंदोलन आगे भी शांतिपूर्वक चलाना है, हमें यह ध्यान रखना है कि यह आंदोलन किसी भी प्रकार से भी हिंसात्मक न होने पाए, इसलिए जो भी निर्णय संयुक्त मोर्चा लेगा हम उसी निर्णय पर आगे की कार्रवाई करेंगे। इसलिए कोई भी किसान या संगठन किसी भी प्रकार की सड़क जाम वह कोई अप्रिय घटना न करें, जिससे कि यह आंदोलन बदनाम हो जाए। 

किसानों से शांति बनाए रखने की अपील
सरकार के पतन के दिन नजदीक आ चुके हैं, यह सरकार इस किसान आंदोलन से बौखलाई हुई है। इसे वापसी का कोई भी रास्ता नजर नहीं आ रहा है। सरकार के सभी हथकंडे फेल हो चुके हैं, इसीलिए वह अब इस आंदोलन को किसी भी प्रकार से कुचलना चाहती है। लेकिन हमलोग ऐसा होने नहीं देंगे, इसलिए सभी भाई शांति बनाए रखें और इस आंदोलन को भटकने न दें।

नेशनल हाईवे किया जाम
पानीपत खटीमा राजमार्ग पर शहर कोतवाली क्षेत्र में गांव पीनना में आक्रोशित किसान सड़क पर उतर आए हैं। देर रात बीच सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया है। बागपत में किसानों ने किशनपर बराल में नेशनल हाईवे जाम कर हंगामा कर रहे हैं। 


जिलाधिकारी कार्यालय का किया जाएगा घेराव  
भाकियू नेता धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि कल सोमवार 10 बजे से जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया जाएगा। सभी किसान जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचकर केंद्रीय मंत्री अजय टेनी को बर्खास्त करते हुए मंत्री सहित दोषियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन देंगे। संगठन के अग्रिम आदेश तक धरना जारी रहेगा।

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