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किसानों ने लखनऊ पहुंच एमडी और गन्ना आयुक्त से की समस्याओं के निदान की मांग
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चीनी मिल के एमडी से भेंट करता किसानों का प्रतिनिधिमंडल
- फोटो : SAHARANPUR
ऩानौता (सहारनपुर)। किसान सहकारी चीनी मिल व गन्ना किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर पूर्व उपसभापति चौ. कंवर सिंह के नेतृत्व में क्षेत्र के गन्ना किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल चीनी मिल फेडरेशन के एमडी व गन्ना आयुक्त से मिला।
सत्यपाल सिंह, हरेंद्र सिंह, विरेंद्र सिंह, सुनील कुमार त्यागी, ब्रह्मदत्त त्यागी आदि किसानों ने लखनऊ में अपर मुख्य सचिव व गन्ना आयुक्त चीनी उद्योग से भेंट की। किसानों ने अफसरों को अवगत कराया कि किसान सहकारी चीनी मिल नानौता पर लगभग पांच अरब रुपये का कर्जा हो चुका है, जिससे चीनी मिल की आर्थिक स्थिति खराब होती जा रही है। मिल की चीनी बाहर के गोदाम में रखी हुई है, जिसका किराया व ट्रांसपोर्ट का खर्चा बहुत महंगा पड़ रहा है। गत वर्षों की चीनी बिक्री करने का आदेश तुरंत जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि मिल में जो कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं, उनकी जगह नई नियुक्तियां नहीं हो रही है।
सरकारी सुपरवाइजर नहीं होने के कारण गन्ना किसानों के खाद-बीज और दवाई आदि के वितरण में भारी परेशानियां हो रही हैं। चीनी मिल के गन्ना क्रय केंद्रों पर कच्चा प्लॉट है, जिससे बरसात के होने पर चीनी मिल में गन्ने के साथ-साथ मिट्टी भी चली जाती है जिससे रिकवरी पर प्रभाव पड़ता है। अत: गन्ना क्रय केंद्रों के प्लाटों को ईंटों से पक्का कराए जाए।
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सत्यपाल सिंह, हरेंद्र सिंह, विरेंद्र सिंह, सुनील कुमार त्यागी, ब्रह्मदत्त त्यागी आदि किसानों ने लखनऊ में अपर मुख्य सचिव व गन्ना आयुक्त चीनी उद्योग से भेंट की। किसानों ने अफसरों को अवगत कराया कि किसान सहकारी चीनी मिल नानौता पर लगभग पांच अरब रुपये का कर्जा हो चुका है, जिससे चीनी मिल की आर्थिक स्थिति खराब होती जा रही है। मिल की चीनी बाहर के गोदाम में रखी हुई है, जिसका किराया व ट्रांसपोर्ट का खर्चा बहुत महंगा पड़ रहा है। गत वर्षों की चीनी बिक्री करने का आदेश तुरंत जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि मिल में जो कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं, उनकी जगह नई नियुक्तियां नहीं हो रही है।
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सरकारी सुपरवाइजर नहीं होने के कारण गन्ना किसानों के खाद-बीज और दवाई आदि के वितरण में भारी परेशानियां हो रही हैं। चीनी मिल के गन्ना क्रय केंद्रों पर कच्चा प्लॉट है, जिससे बरसात के होने पर चीनी मिल में गन्ने के साथ-साथ मिट्टी भी चली जाती है जिससे रिकवरी पर प्रभाव पड़ता है। अत: गन्ना क्रय केंद्रों के प्लाटों को ईंटों से पक्का कराए जाए।
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