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धान की जलमग्न फसलों को देख किसानों की चिंता बढ़ी
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साढौली कदीम के गांव तिडफुआ में जलमग्न हुई धान की फसल
- फोटो : SAHARANPUR
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साढ़ौली कदीम (सहारनपुर)। असमय बारिश होने से किसानों की धान की फसलें जलमग्न हो गई। जलमग्न फसलों को देख किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें देखने को मिल रही है।
विकास खंड साढ़ौली कदीम के अंतर्गत मंगलवार को बेमौसम हुई बारिश ने किसानों को चिंता में डाल दिया है। किसानों का कहना है कि पहले कर्ज उठा उन्होंने सूखे में सिंचित कर अपनी फसलों को तैयार किया अब फसल कटाई के समय बे मौसमी बारिश के कहर ने उन्हें बर्बाद कर दिया है। क्षेत्र के गांव रसूलपुर, चकखीजरपुर, कवादपुर, कांसेपुर, तिड़कुआ, नुनयारी, मीरपुर ठसका आदि कई गांवों में धान की फसल कटाई का कार्य तेजी से चल रहा है। अचानक हुई बारिश से फसल कटाई तो बाधित हुई है साथ ही खड़ी हुई एवं कटाई की गई फसलें भी जलमग्न हो गई है।
किसान बिशंबर सिंह, केहर सिंह, अरविंद, बिजेंद्र सिंह, सर्वेश कुमार, राजेश पंवार, खालिद, इमरान, मन्नान रावत आदि का कहना है कि बेमौसम बारिश से उनकी धान, मक्का, उड़द, चारा एवं सब्जी की फसलें बर्बाद हो गई हैं। पीड़ित किसानों का कहना है कि सरकार को चाहिए कि वे किसान हित में उन्हें आवश्यक मुआवजा प्रदान करें। संवाद
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विकास खंड साढ़ौली कदीम के अंतर्गत मंगलवार को बेमौसम हुई बारिश ने किसानों को चिंता में डाल दिया है। किसानों का कहना है कि पहले कर्ज उठा उन्होंने सूखे में सिंचित कर अपनी फसलों को तैयार किया अब फसल कटाई के समय बे मौसमी बारिश के कहर ने उन्हें बर्बाद कर दिया है। क्षेत्र के गांव रसूलपुर, चकखीजरपुर, कवादपुर, कांसेपुर, तिड़कुआ, नुनयारी, मीरपुर ठसका आदि कई गांवों में धान की फसल कटाई का कार्य तेजी से चल रहा है। अचानक हुई बारिश से फसल कटाई तो बाधित हुई है साथ ही खड़ी हुई एवं कटाई की गई फसलें भी जलमग्न हो गई है।
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किसान बिशंबर सिंह, केहर सिंह, अरविंद, बिजेंद्र सिंह, सर्वेश कुमार, राजेश पंवार, खालिद, इमरान, मन्नान रावत आदि का कहना है कि बेमौसम बारिश से उनकी धान, मक्का, उड़द, चारा एवं सब्जी की फसलें बर्बाद हो गई हैं। पीड़ित किसानों का कहना है कि सरकार को चाहिए कि वे किसान हित में उन्हें आवश्यक मुआवजा प्रदान करें। संवाद
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