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अपनी पसंद की पार्टी को वोट देने के लिए स्वतंत्र हैं किसान
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नरेश टिकैत को पगड़ी पहना कर सम्मानित करते किसान
- फोटो : SAHARANPUR
नागल (सहारनपुर)। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा भाजपा सरकार में किसानों का सम्मान नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि वह अपने किसी भी किसान को आगामी चुनाव में स्वतंत्र करते हैं जो पार्टी उन्हें पसंद हो उसे वे वोट दे सकते हैं।
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने गांव लखनौर में अमित मुखिया के आवास पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा किसान एक साल से अपनी मांगों को लेकर दिल्ली बार्डर पर धरना प्रदर्शन पर बैठे हैं। धरने के दौरान सैकड़ों किसान धरना स्थल पर शहीद हुए हैं, लेकिन सरकार के किसी भी नेता ने अफसोस जताना भी मुनासिब नहीं समझा। चौधरी नरेश टिकैत ने कहा सरकार ने तीन कृषि कानून वापस लेकर पीछे कदम उठाया है, लेकिन अभी किसान अपनी फसल के मूल्य पर एमएसपी की गारंटी चाहते हैं।
उन्होंने कहा धरने के दौरान करीब 70 हजार लोगों पर मुकदमे कायम हुए हैं। उन्हें सरकार को वापस लेना होगा। उन्होंने कहा किसानों के धरना प्रदर्शन का अब आखिरी पड़ाव पर है। सात दिसंबर को सरकार के प्रतिनिधिमंडल से किसानों की बात होगी। हो सकता है मामला निपट जाए। राष्ट्रीय अध्यक्ष वार्ता के बाद भाकियू प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी विनय कुमार के पिता पूर्व ब्लाक प्रमुख चौधरी कृष्ण कुमार के स्वास्थ्य का हाल जानने उनके गांव आमकी दीपचंदपुर पहुंचे। इस दौरान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मैनपाल चौहान, रेशपाल रघुवंशी, विशाल बालियान, जगदीश चौहान, विवेक चौधरी , रमेश चौहान, कपिल मुखिया, नरेंद्र प्रधान, पोटन, अजनीश, नरेंद्र प्रधान, सोनू प्रधान, संजय, प्रदीप प्रधान, अतुल रहे।
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पिलखनी की पंचायत में किसानों से किया एक होने का आह्वान
रामपुर मनिहारान। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि किसानों को जाति धर्म से ऊपर उठकर आंदोलनों में भाग लेना चाहिए। यदि सरकार तीनों कृषि कानून वापस न लेती तो देश का किसान खत्म हो जाता।
गांव पिलखनी में रविवार को आयोजित पंचायत में चौधरी नरेश टिकैत कहा सरकार ने तीनों कृषि कानून वापस ले लिए हैं, लेकिन तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा, जब तक एमएसपी पर कानून नहीं बनाया जाता। उन्होंने कहा कि यदि किसान आंदोलन नहीं होता तो तीनों कृषि कानून वापस नहीं होते। कहा कि सात दिसंबर को देश के किसानों के भाग्य का फैसला होगा। पंचायत में उपाध्यक्ष चौधरी मेन पाल सिंह चौहान, निवर्तमान मंडल महासचिव चौधरी जगपाल सिंह, शेर पाल राणा, चौधरी तेज सिंह, रविंद्र चौधरी, चौधरी कमलेश ने भी विचार व्यक्त किए। इसकी अध्यक्षता मास्टर सेवाराम ने की। संचालन संगठन के जिला युवा उपाध्यक्ष प्रदीप चौधरी ने किया। इससे पहले पंचायत में पहुंचने पर चौ नरेश टिकैत को पगड़ी पहना कर सम्मानित किया।
इसमें जगपाल सिंह, सेठ पाल सिंह, शिवचरण, अंकुर, देशपाल सिंह, विनय कुमार, महिपाल सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
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भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने गांव लखनौर में अमित मुखिया के आवास पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा किसान एक साल से अपनी मांगों को लेकर दिल्ली बार्डर पर धरना प्रदर्शन पर बैठे हैं। धरने के दौरान सैकड़ों किसान धरना स्थल पर शहीद हुए हैं, लेकिन सरकार के किसी भी नेता ने अफसोस जताना भी मुनासिब नहीं समझा। चौधरी नरेश टिकैत ने कहा सरकार ने तीन कृषि कानून वापस लेकर पीछे कदम उठाया है, लेकिन अभी किसान अपनी फसल के मूल्य पर एमएसपी की गारंटी चाहते हैं।
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उन्होंने कहा धरने के दौरान करीब 70 हजार लोगों पर मुकदमे कायम हुए हैं। उन्हें सरकार को वापस लेना होगा। उन्होंने कहा किसानों के धरना प्रदर्शन का अब आखिरी पड़ाव पर है। सात दिसंबर को सरकार के प्रतिनिधिमंडल से किसानों की बात होगी। हो सकता है मामला निपट जाए। राष्ट्रीय अध्यक्ष वार्ता के बाद भाकियू प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी विनय कुमार के पिता पूर्व ब्लाक प्रमुख चौधरी कृष्ण कुमार के स्वास्थ्य का हाल जानने उनके गांव आमकी दीपचंदपुर पहुंचे। इस दौरान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मैनपाल चौहान, रेशपाल रघुवंशी, विशाल बालियान, जगदीश चौहान, विवेक चौधरी , रमेश चौहान, कपिल मुखिया, नरेंद्र प्रधान, पोटन, अजनीश, नरेंद्र प्रधान, सोनू प्रधान, संजय, प्रदीप प्रधान, अतुल रहे।
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पिलखनी की पंचायत में किसानों से किया एक होने का आह्वान
रामपुर मनिहारान। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि किसानों को जाति धर्म से ऊपर उठकर आंदोलनों में भाग लेना चाहिए। यदि सरकार तीनों कृषि कानून वापस न लेती तो देश का किसान खत्म हो जाता।
गांव पिलखनी में रविवार को आयोजित पंचायत में चौधरी नरेश टिकैत कहा सरकार ने तीनों कृषि कानून वापस ले लिए हैं, लेकिन तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा, जब तक एमएसपी पर कानून नहीं बनाया जाता। उन्होंने कहा कि यदि किसान आंदोलन नहीं होता तो तीनों कृषि कानून वापस नहीं होते। कहा कि सात दिसंबर को देश के किसानों के भाग्य का फैसला होगा। पंचायत में उपाध्यक्ष चौधरी मेन पाल सिंह चौहान, निवर्तमान मंडल महासचिव चौधरी जगपाल सिंह, शेर पाल राणा, चौधरी तेज सिंह, रविंद्र चौधरी, चौधरी कमलेश ने भी विचार व्यक्त किए। इसकी अध्यक्षता मास्टर सेवाराम ने की। संचालन संगठन के जिला युवा उपाध्यक्ष प्रदीप चौधरी ने किया। इससे पहले पंचायत में पहुंचने पर चौ नरेश टिकैत को पगड़ी पहना कर सम्मानित किया।
इसमें जगपाल सिंह, सेठ पाल सिंह, शिवचरण, अंकुर, देशपाल सिंह, विनय कुमार, महिपाल सिंह आदि किसान मौजूद रहे।