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Saharanpur News: पाकिस्तान में परिवार, भारत में संपत्ति पर कब्जा
Sun, 03 Aug 2025 12:33 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 03 Aug 2025 12:33 AM IST
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देवबंद। भारत छोड़कर पाकिस्तान में जाकर बसने वाले एक परिवार की संपत्ति पर अवैध कब्जे का आरोप लगा है। शिकायत मिलने पर मंडलायुक्त की तरफ से डीएम और एसएसपी को जांच के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही जल्द से जल्द रिपोर्ट मांगी गई है।
देवबंद निवासी सैय्यद शारिक की तरफ से प्रार्थना पत्र दिया गया था। इसमें बताया था कि मोहल्ला किला निवासी उनकी रिश्तेदार सालेह खातून वर्ष 1989 में पाकिस्तान चली गई थीं। इसके बाद वह कभी भारत नहीं लौटीं। आरोप लगाया कि इसी का लाभ उठाकर यहीं के रहने वाले एक परिवार ने फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से उक्त संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया। इस दौरान सालेह खातून की बेटी इरम अहसन 11 जून 2012 को कुछ दिनों के वीजा पर भारत आई और उनके यहां पर रुकी। वीजा अवधि खत्म होने पर 2 जुलाई 2012 को वह पाकिस्तान लौट गईं।
आरोप है कि इस दौरान उक्त लोगों ने उससे कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए। उनके जाने के बाद पिता-पुत्र ने 17 जुलाई 2012 को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर न्यायालय में वाद दायर किया। इसके आधार पर 11 सितंबर 2012 को डिक्री पारित कर दी गई, जबकि नगर पालिका में आज भी यह संपत्ति सालेह खातून के नाम पर दर्ज है। शिकायत के बाद मंडलायुक्त ने जांच के आदेश दिए हैं। शारिक हुसैन ने बताया कि यह शत्रु संपत्ति है।
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देवबंद निवासी सैय्यद शारिक की तरफ से प्रार्थना पत्र दिया गया था। इसमें बताया था कि मोहल्ला किला निवासी उनकी रिश्तेदार सालेह खातून वर्ष 1989 में पाकिस्तान चली गई थीं। इसके बाद वह कभी भारत नहीं लौटीं। आरोप लगाया कि इसी का लाभ उठाकर यहीं के रहने वाले एक परिवार ने फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से उक्त संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया। इस दौरान सालेह खातून की बेटी इरम अहसन 11 जून 2012 को कुछ दिनों के वीजा पर भारत आई और उनके यहां पर रुकी। वीजा अवधि खत्म होने पर 2 जुलाई 2012 को वह पाकिस्तान लौट गईं।
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आरोप है कि इस दौरान उक्त लोगों ने उससे कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए। उनके जाने के बाद पिता-पुत्र ने 17 जुलाई 2012 को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर न्यायालय में वाद दायर किया। इसके आधार पर 11 सितंबर 2012 को डिक्री पारित कर दी गई, जबकि नगर पालिका में आज भी यह संपत्ति सालेह खातून के नाम पर दर्ज है। शिकायत के बाद मंडलायुक्त ने जांच के आदेश दिए हैं। शारिक हुसैन ने बताया कि यह शत्रु संपत्ति है।
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