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रमजन माह का हर लम्हा कीमती
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सहारनपुर। जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने शुक्रवार को भी हेल्पलाइन के जरिए रोजेदारों के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि रोजा रमजान माह की अहम इबादत है। रमजान माह का हर लम्हा कीमती है। इसलिए हमें ज्यादा से ज्यादा समय खुदा की इबादत में बिताना चाहिए।
सवाल- देहरादून निवासी आदिल हुसैन ने पूछा कि सोशल मीडिया का जमाना है। हर व्यक्ति के पास स्मार्ट मोबाइल फोन है। ज्यादातर लोग रोजे की हालत में मोबाइल पर गेम खेलते हैं या सोशल मीडिया पर रहते हैं। यहां तक हमारी पड़ोस की मस्जिद में नमाज के बाद और नमाज से पहले भी लोग मोबाइल फोन का प्रयोग करते देखे जाते हैं, जो अपना ज्यादा समय मोबाइल फोन इस्तेमाल करने में बिताते हैं।
जवाब- जो लोग रमजान का ऐहतराम नहीं करते, वो इसकी फजीलत से मेहरूम हो जाते हैं। शरीयत में आया है कि रमजान पवित्र महीना है और इसका एक-एक मिनट बहुत कीमती है। इस समय को दूसरी चीजों में जाया नहीं करना चाहिए, जो लोग मस्जिद में मोबाइल फोन प्रयोग करते नजर आते हैं, उनको यह बात अच्छे से समझ लेनी चाहिए कि मस्जिद अल्लाह का घर है, इबादत की जगह है। इसका ऐहतराम करना हर व्यक्ति पर वाजिब है।
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सवाल- मोहल्ला खजूरतला निवासी इमरान मंसूरी ने पूछा कि गर्मी की वजह से उनके होठ फट रहे हैं। क्या रोजे की हालत में वह क्रीम लगा सकते हैं। इससे रोजा तो नहीं टूटेगा।
जवाब- जी हां, रोजे की हालत में होठों पर क्रीम या वैसलीन लगाई जा सकती है, लेकिन इस बात का ख्याल रहे कि उसका अंश हलक के अंदर ना जाए।
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सवाल- देहरादून निवासी आदिल हुसैन ने पूछा कि सोशल मीडिया का जमाना है। हर व्यक्ति के पास स्मार्ट मोबाइल फोन है। ज्यादातर लोग रोजे की हालत में मोबाइल पर गेम खेलते हैं या सोशल मीडिया पर रहते हैं। यहां तक हमारी पड़ोस की मस्जिद में नमाज के बाद और नमाज से पहले भी लोग मोबाइल फोन का प्रयोग करते देखे जाते हैं, जो अपना ज्यादा समय मोबाइल फोन इस्तेमाल करने में बिताते हैं।
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जवाब- जो लोग रमजान का ऐहतराम नहीं करते, वो इसकी फजीलत से मेहरूम हो जाते हैं। शरीयत में आया है कि रमजान पवित्र महीना है और इसका एक-एक मिनट बहुत कीमती है। इस समय को दूसरी चीजों में जाया नहीं करना चाहिए, जो लोग मस्जिद में मोबाइल फोन प्रयोग करते नजर आते हैं, उनको यह बात अच्छे से समझ लेनी चाहिए कि मस्जिद अल्लाह का घर है, इबादत की जगह है। इसका ऐहतराम करना हर व्यक्ति पर वाजिब है।
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सवाल- मोहल्ला खजूरतला निवासी इमरान मंसूरी ने पूछा कि गर्मी की वजह से उनके होठ फट रहे हैं। क्या रोजे की हालत में वह क्रीम लगा सकते हैं। इससे रोजा तो नहीं टूटेगा।
जवाब- जी हां, रोजे की हालत में होठों पर क्रीम या वैसलीन लगाई जा सकती है, लेकिन इस बात का ख्याल रहे कि उसका अंश हलक के अंदर ना जाए।