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जीत के लिए साधे जा रहे जातीय समीकरण
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सहारनपुर। भाजपा की सक्रियता के चलते इस बार स्नातक और शिक्षक एमएलसी चुनाव में गरमाहट आ गई है। जातीय समीकरण तक साधे जा रहे हैं। हर छोटे छोटे संगठन के पदाधिकारियों से संपर्क बनाकर खुद की जीत का समीकरण तैयार किया जा रहा है। इस कार्य में निर्दलीय प्रत्याशी भी पीछे नहीं हैं और विभिन्न संगठनों से अपने पक्ष में घोषणा तक करा रहे हैं।
इस चुनाव के लिए एक दिसंबर को मतदान होना है। अब सिर्फ 13 दिन ही मतदान होने में शेष रह गए हैं। सहारनपुर जिला मेरठ-सहारनपुर सीट के अंतर्गत आता है। अपने प्रत्याशियों को जीत दिलाने के लिए भाजपा की तरफ से लगातार बैठकें की जा रही हैं तो, कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर जिम्मेदारी दी गई हैं कि वह एमएलसी स्नातक और शिक्षक की सूची में शामिल मतदाताओं से संपर्क बनाएं और पार्टी प्रत्याशी को जिताने में अपना योगदान दें। भाजपा जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह सैनी सहित भाजपा के अन्य नेता भी इस चुनाव की रणनीति बनाने में लगे हैं। ताकि जिले में पार्टी के प्रत्याशी को अधिक से अधिक वोट दिलाए जा सकें। इसी का असर है कि दूसरे दलों के प्रत्याशी और निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी ताकत झोंक रखी है। इस कवायद में कोई कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों से संपर्क साध रहा है तो कोई जातीय संगठनों के पदाधिकारियों से अपने पक्ष में घोषणा करा रहा है। ऐसे संगठन के पदाधिकारी भी मौके की नजाकत को देखते हुए प्रत्याशियों को जीत में सहयोगी बनने का भरोसा दे रहे हैं।
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इस चुनाव के लिए एक दिसंबर को मतदान होना है। अब सिर्फ 13 दिन ही मतदान होने में शेष रह गए हैं। सहारनपुर जिला मेरठ-सहारनपुर सीट के अंतर्गत आता है। अपने प्रत्याशियों को जीत दिलाने के लिए भाजपा की तरफ से लगातार बैठकें की जा रही हैं तो, कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर जिम्मेदारी दी गई हैं कि वह एमएलसी स्नातक और शिक्षक की सूची में शामिल मतदाताओं से संपर्क बनाएं और पार्टी प्रत्याशी को जिताने में अपना योगदान दें। भाजपा जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह सैनी सहित भाजपा के अन्य नेता भी इस चुनाव की रणनीति बनाने में लगे हैं। ताकि जिले में पार्टी के प्रत्याशी को अधिक से अधिक वोट दिलाए जा सकें। इसी का असर है कि दूसरे दलों के प्रत्याशी और निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी ताकत झोंक रखी है। इस कवायद में कोई कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों से संपर्क साध रहा है तो कोई जातीय संगठनों के पदाधिकारियों से अपने पक्ष में घोषणा करा रहा है। ऐसे संगठन के पदाधिकारी भी मौके की नजाकत को देखते हुए प्रत्याशियों को जीत में सहयोगी बनने का भरोसा दे रहे हैं।
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