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संक्रमण कम होने पर घटा टीकाकरण का उत्साह

Thu, 10 Jun 2021 11:58 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 10 Jun 2021 11:58 PM IST
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Enthusiasm of vaccination decreased when the infection decreased
देवबंद। जब कोरोना संक्रमण बढ़ रहा था तो लोगों में टीकाकरण कराने के प्रति भी उत्साह था, अब संक्रमण की दर कम हुई है तो टीकाकरण भी घट गया है। खासकर मुस्लिम बहुल गांवों में वैक्सीन को लेकर लोगों में ज्यादा भ्रांति फैली हुई है।
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10 हजार की आबादी वाली ग्राम पंचायत तलहेड़ी बुजुर्ग में पीएचसी है, यहां पर 45 से ऊपर की उम्र वाले 2360 लोगों के सापेक्ष 1790 लोगों ने वैक्सीन की पहली डोज लगवा ली है, जबकि गांव नूनाबड़ी, सांपला खत्री, राजूपुर की बात करें तो यहां जब भी कैंप लगता है तो 100 के सापेक्ष 10 और किसी गांव में सिर्फ 20 लोग ही टीका लगवा रहे हैं। इसके पीछे कारण यह है कि गांव के अधिकतर लोगों का मानना है कि टीका लगवाने से बुखार और अन्य तरह की परेशानियां हो रही हैं।
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तलहेड़ी बुजुर्ग निवासी मुकेश कुमार का कहना है कि भ्रांतियों की परवाह नहीं की और वैक्सीन की दोनों डोज लगवाई है। अब वह स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
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तलहेड़ी बुजुर्ग के ही बिजेंद्र शर्मा कहते हैं कि उन्हें वैक्सीन लगवाने के बाद हल्का बुखार आया था, जो अगले दिन ठीक हो गया था। वह अन्य लोगों को भी वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
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अंकुर गुर्जर का कहना है कि कोरोना संक्रमण कम हुआ है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि महामारी खत्म हो गई है। सभी लोगों को वैक्सीन लगवानी चाहिए। इससे उनका परिवार सुरक्षित रहेगा।
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मेनपाल सिंह का कहना है कि लोगों द्वारा अफवाह फैलाई गई कि वैक्सीन लगवाने से शरीर को नुकसान पहुंच सकता है, लेकिन इस पर ध्यान न देते हुए उन्होंने वैक्सीन की दोनों डोज लगवा ली। अब वह पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

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तलहेड़ी बुजुर्ग के ग्राम प्रधान विपिन सैनी का कहना है कि वह घर-घर जाकर लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
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---- वर्जन
- जिस गांव में भी वैक्सीनेशन होना है, उनमें वैक्सीन की 100 डोज भेजी जाती हैं, लेकिन लोगों में उत्साह कम होने के चलते महज 10 से 20 वैक्सीन लगने का औसत आ रहा है। गांवों में लोगों को जागरूक करने के लिए आशा, राशन डीलर और ग्राम प्रधानों को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वह लोगों की भ्रांतियां दूर करके टीकाकरण के लिए प्रेरित करें।
-- डा. इंद्राज सिंह, अधीक्षक, सीएचसी, देवबंद
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