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प्रयास तो हुए, पर निजी मंडी के लिए कोई तैयार नहीं हो पाए

Thu, 09 Sep 2021 11:26 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 09 Sep 2021 11:26 PM IST
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Efforts were made, but traders are not ready to open private market
सहारनपुर। तमाम कवायद के बावजूद जिले में निजी मंडी स्थापित करने में सफलता नहीं मिल सकी है। मंडी विपणन के अधिकारियों ने कुछ व्यापारियों और एफपीओ से संपर्क भी साधा। सरसावा क्षेत्र में कुछ व्यापारी निजी मंडी खोलने को तैयार भी हुए, लेकिन फिर उन्होंने हाथ पीछे खींच लिए।
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उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन मंडी नियमावली में संशोधन में प्रदेश में निजी क्षेत्र में मंडियां स्थापित करने को स्वीकृति दी थी। इस संशोधन के तहत किसी भी कारोबारी या संस्था को निजी मंडी, उप मंडी स्थल और सीधी खरीद करने की अनुमति दी गई थी। इनकी स्थापना प्रधान मंडी स्थल से पांच किलोमीटर, उप मंडी स्थल के लिए तीन किलोमीटर की परिधि से बाहर की जा सकती है।
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जनपद में मंडी विपणन विभाग के अधिकारियों ने कई कारोबारियों और फारमर्स प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (एफपीओ) से संपर्क किया। कुछ कारोबारी मिलकर जनपद के सरसावा में निजी मंडी बनाने पर सहमत हुए थे। लेकिन बाद में उन्होंने मना कर दिया। जिस जमीन पर मंडी बनाने की बात थी, उस पर प्लाटिंग कर दी गई।
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निजी मंडी स्थापित करने के मानक
निजी मंडी स्थापित करने के लिए निगम क्षेत्र में दो हेक्टेयर भूमि और बाहरी क्षेत्र में तीन हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होती है। इसमें दुकानें, नीलामी हॉल, शेड्स, कैंटीन, भंडारण की उचित व्यवस्था और क्वालिटी चेक करने के लिए प्रयोगशाला होनी आवश्यक है। उप मंडी स्थल के लिए भंडारण, शीतगृह, नीलामी स्थल सहित अन्य व्यवस्थाओं को होना अनिवार्य है। सीधी खरीद के लिए भी कारोबारी या एफपीओ के पास शेड, भंडारण आदि की व्यवस्था होनी चाहिए। इनकी स्थापना के लिए मंडी समिति से लाइसेंस लेना होता है। शहर में निजी मंडी का प्रोजेक्ट लागत दस और बाहरी क्षेत्र में पांच करोड़ रुपये का रखी गई है। निजी मंडी में व्यापारी द्वारा एक प्रतिशत मंडी शुल्क वसूला जाएगा, जिसमें से 25 प्रतिशत मंडी को जाएंगे और बाकी व्यापारी का होगा।

जनपद में निजी मंडी एवं उप मंडी स्थल स्थापित करने और सीधी खरीद के लिए अभी तक कोई भी कारोबारी और एफपीओ आगे नहीं आया है। इसके लिए कई संस्थाओं से संपर्क किया जा रहा है। कुछ लोग सरसावा में निजी मंडी खोलना चाहते थे, लेेकिन किसी वजह से वे भी पीछे हट गए। इस दिशा में प्रयास जारी है। - सुनील सोम, ज्येष्ठ विपणन निरीक्षक मंडी।
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