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Saharanpur News: सीएमओ कार्यालय परिसर में बनी ई-कोर्ट, मिली राहत
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सहारनपुर। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े चिकित्सकों को गवाही देने के लिए अब हाईकोर्ट या दूसरे जिलों की कोर्ट में नहीं जाना पड़ेगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के एक कक्ष को ई-कोर्ट (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम) बनाई गई है। इसके लिए हाईकोर्ट से कंप्यूटर व अन्य जरूरी उपकरण आ गए हैं।
जिले के स्वास्थ्य विभाग में तैनात चिकित्सक या अधिकारी समय-समय पर किसी न किसी मामले की गवाही के लिए हाईकोर्ट व अन्य जिलों में जाना पड़ता है। इसमें चिकित्सकों का समय तो बर्बाद होता ही है, साथ ही चिकित्सक के जाने से अस्पतालों में मरीजों को परेशानी होती है। पिछले दिनों शासन ने पत्र भेजकर ई-कोर्ट (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम) बनाने के निर्देश दिए थे।
हाईकोर्ट से कंप्यूटर और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया गया। अब सीएमओ कार्यालय के कक्ष नंबर 11 को ई-कोर्ट (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम) में तब्दील किया है। इसमें अब तक पांच से छह चिकित्सकों की ऑनलाइन गवाही हो चुकी है। डिप्टी सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि जिले से प्रतिमाह हाईकोर्ट या अन्य जिले की कोर्ट में 20 से 25 चिकित्सक जाते-आते रहते हैं।
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जिले के स्वास्थ्य विभाग में तैनात चिकित्सक या अधिकारी समय-समय पर किसी न किसी मामले की गवाही के लिए हाईकोर्ट व अन्य जिलों में जाना पड़ता है। इसमें चिकित्सकों का समय तो बर्बाद होता ही है, साथ ही चिकित्सक के जाने से अस्पतालों में मरीजों को परेशानी होती है। पिछले दिनों शासन ने पत्र भेजकर ई-कोर्ट (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम) बनाने के निर्देश दिए थे।
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हाईकोर्ट से कंप्यूटर और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया गया। अब सीएमओ कार्यालय के कक्ष नंबर 11 को ई-कोर्ट (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम) में तब्दील किया है। इसमें अब तक पांच से छह चिकित्सकों की ऑनलाइन गवाही हो चुकी है। डिप्टी सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि जिले से प्रतिमाह हाईकोर्ट या अन्य जिले की कोर्ट में 20 से 25 चिकित्सक जाते-आते रहते हैं।
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