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मेटाडोर चालक को एक साल का कारावास
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 07 Jan 2016 11:44 PM IST
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सहारनपुर में करीब 18 साल पहले सड़क हादसे में पांच साल के बच्चे की मौत के मामले में अदालत ने आरोपी मेटाडोर चालक को दोषी मानते हुए एक साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
19 जनवरी 1998 को बृजेश नगर निवासी शिव कुमार का भतीजा रजत दुकान पर सामान लेने जा रहा था। इसी दौरान तेज गति से आ रही मेटाडोर ने उसे कुचल दिया था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे के वक्त भीड़ ने मेटाडोर चालक सुशील कुमार पुत्र चेतराम को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया था।
शिव कुमार की ओर से अधिवक्ता आरएस सैनी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। यह मामला पीठासीन अधिकारी (विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट) भारत भूषण गर्ग के यहां चल रहा था। अदालत ने अभियुक्त सुशील कुमार को धारा 279 और धारा 304-ए भारतीय दंड संहिता के तहत दोषी पाया। उन्होंने अभियुक्त को धारा 304-ए आईपीसी के तहत एक साल के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थ दंड लगाया है।
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अर्थ दंड अदा न करने की दशा में अभियुक्त को तीन महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास होगा। इसके अलावा धारा 279 आईपीसी के तहत तीन महीने का कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया है। एक हजार रुपये न चुकाने पर एक महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। अर्थ दंड की राशि में से चार हजार रुपये मृतक के आश्रित को देने के आदेश दिए गए हैं।
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19 जनवरी 1998 को बृजेश नगर निवासी शिव कुमार का भतीजा रजत दुकान पर सामान लेने जा रहा था। इसी दौरान तेज गति से आ रही मेटाडोर ने उसे कुचल दिया था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे के वक्त भीड़ ने मेटाडोर चालक सुशील कुमार पुत्र चेतराम को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया था।
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शिव कुमार की ओर से अधिवक्ता आरएस सैनी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। यह मामला पीठासीन अधिकारी (विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट) भारत भूषण गर्ग के यहां चल रहा था। अदालत ने अभियुक्त सुशील कुमार को धारा 279 और धारा 304-ए भारतीय दंड संहिता के तहत दोषी पाया। उन्होंने अभियुक्त को धारा 304-ए आईपीसी के तहत एक साल के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थ दंड लगाया है।
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अर्थ दंड अदा न करने की दशा में अभियुक्त को तीन महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास होगा। इसके अलावा धारा 279 आईपीसी के तहत तीन महीने का कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया है। एक हजार रुपये न चुकाने पर एक महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। अर्थ दंड की राशि में से चार हजार रुपये मृतक के आश्रित को देने के आदेश दिए गए हैं।