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मासूमों की जिंदगी के दुश्मन बन गए खूंखार कुत्ते
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सहारनपुर। जिले में एक सप्ताह में दो मासूम बच्चों को कुत्ते अपना निवाला बना चुके हैं। इससे पूर्व भी कई घटनाएं हो चुकी हैं। इन खूंखार कुत्तों की वजह से लोगों में दहशत है। वहीं, आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा है।
पांच दिन पूर्व ही रविवार को चिलकाना के गांव बुड्ढाखेड़ा में आवारा कुत्तों ने पांच वर्षीय शिफा पुत्री जावेद को अपना निवाला बनाया था। बृहस्पतिवार की सुबह तीतरो के गांव झाड़वन में आवारा कुत्तों ने दो वर्षीय कोयल को नोचकर खा लिया।
इसी तरह जिले में पहले भी दर्दनाक घटनाएं हो चुकी हैं। शहर सहित जिले भर में आवारा कुत्तों का आतंक है। एक वर्ष पूर्व नगर निगम ने कुत्तों को पकड़ने का अभियान चलाया था, लेकिन उसके बाद यह अभियान बंद हो गया है। ऐसे में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही और आए दिन घटनाएं हो रही हैं। वहीं, नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि नगर निगम में पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी की तैनाती हो गई है। इसके अलावा एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर भी बन चुका है। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार आवारा कुत्तों को पकड़ने को अभियान चलाया जाएगा।
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सामने आ चुकी ये दर्दनाक घटनाएं
- थाना मिर्जापुर के गांव पाडली में 12 वर्ष के एक बच्चे को कुत्तों के झुंड में नोचकर खा लिया था।
- गंगोह क्षेत्र के गांव कुतुबखेडी में कूड़ा डालने जा रही महिला तथा एक बच्ची को आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया था।
- गांव लखनौती में सफाई कर्मचारी महिला पर कुत्तों ने हमला कर गंभीर घायल कर दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी।
- मल्हीपुर रोड पर घर के बाहर खेल रही दो साल की बच्चों को कुत्तों ने मौत के घाट उतार दिया था।
- मोहल्ला नूरबस्ती निवासी दस वर्षीय इशा को भी आवारा कुत्तों ने अपना निवाला बना लिया था।
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पांच दिन पूर्व ही रविवार को चिलकाना के गांव बुड्ढाखेड़ा में आवारा कुत्तों ने पांच वर्षीय शिफा पुत्री जावेद को अपना निवाला बनाया था। बृहस्पतिवार की सुबह तीतरो के गांव झाड़वन में आवारा कुत्तों ने दो वर्षीय कोयल को नोचकर खा लिया।
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इसी तरह जिले में पहले भी दर्दनाक घटनाएं हो चुकी हैं। शहर सहित जिले भर में आवारा कुत्तों का आतंक है। एक वर्ष पूर्व नगर निगम ने कुत्तों को पकड़ने का अभियान चलाया था, लेकिन उसके बाद यह अभियान बंद हो गया है। ऐसे में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही और आए दिन घटनाएं हो रही हैं। वहीं, नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि नगर निगम में पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी की तैनाती हो गई है। इसके अलावा एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर भी बन चुका है। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार आवारा कुत्तों को पकड़ने को अभियान चलाया जाएगा।
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सामने आ चुकी ये दर्दनाक घटनाएं
- थाना मिर्जापुर के गांव पाडली में 12 वर्ष के एक बच्चे को कुत्तों के झुंड में नोचकर खा लिया था।
- गंगोह क्षेत्र के गांव कुतुबखेडी में कूड़ा डालने जा रही महिला तथा एक बच्ची को आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया था।
- गांव लखनौती में सफाई कर्मचारी महिला पर कुत्तों ने हमला कर गंभीर घायल कर दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी।
- मल्हीपुर रोड पर घर के बाहर खेल रही दो साल की बच्चों को कुत्तों ने मौत के घाट उतार दिया था।
- मोहल्ला नूरबस्ती निवासी दस वर्षीय इशा को भी आवारा कुत्तों ने अपना निवाला बना लिया था।