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Saharanpur News: कुत्ते बेलगाम, व्यवस्था नाकाम, जा रही मासूमों की जान
Tue, 28 Apr 2026 01:25 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 28 Apr 2026 01:25 AM IST
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लविश का फाइल फोटो
मुजफ्फराबाद/सहारनपुर। फतेहपुर थाना क्षेत्र के चाऊपुरा गांव में कुत्तों के हमले की यह पहली घटना नहीं है। लविश के चाचा सुमित व अन्य ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कुत्तों का आतंक है, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।
प्रधान मोहतसीन के ईंट भट्ठे पर बाहर से लेबर आई हुई थी। करीब 20 दिन पहले उनके पांच साल के बच्चे पर भी कुत्तों ने हमला किया था। उसे अस्पताल लेकर गए, जहां पर बच्चे ने दम तोड़ दिया था। हालांकि इस घटना के बाद पीड़ित परिवार ईंट भट्ठे से चला गया था।
20 दिन में कुत्तों के हमले की दूसरी घटना से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे अब बच्चों को बाहर भेजने में भी डर लगता है।
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जिले में रोजाना करीब 100 लोगों को काट रहे कुत्ते : जिले में कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ रही हैं। गली-मोहल्ले तक सुरक्षित नहीं हैं। रात के समय बाइक या फिर अन्य वाहन पर जाते हैं तो गली-मोहल्ले के कुत्ते पीछे भागते हैं। इसके अलावा कमेला बंद होने से भी कुत्ते खूंखार हो रहे हैं। कुत्तों का झुंड सबसे ज्यादा छोटे बच्चों को शिकार बनाता है।
एसबीडी जिला अस्पताल में हर रोज एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने वालों की कतार लगी रहती है। जिले में रोजाना 100 से अधिक लोगों पर कुत्ते हमला कर रहे हैं। इसकी तस्दीक एसबीडी जिला अस्पताल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के आंकड़े कर रहे हैं।
इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी कुत्ता काटने के पीड़ित पहुंच रहे हैं। वहीं, शहर से लेकर देहात में कुत्ते पकड़ने के इंतजाम भी नाकाफी हैं। शहर में नगर निगम की टीम कुत्तों को पकड़कर नसबंदी करती है।
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प्रधान मोहतसीन के ईंट भट्ठे पर बाहर से लेबर आई हुई थी। करीब 20 दिन पहले उनके पांच साल के बच्चे पर भी कुत्तों ने हमला किया था। उसे अस्पताल लेकर गए, जहां पर बच्चे ने दम तोड़ दिया था। हालांकि इस घटना के बाद पीड़ित परिवार ईंट भट्ठे से चला गया था।
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20 दिन में कुत्तों के हमले की दूसरी घटना से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे अब बच्चों को बाहर भेजने में भी डर लगता है।
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जिले में रोजाना करीब 100 लोगों को काट रहे कुत्ते : जिले में कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ रही हैं। गली-मोहल्ले तक सुरक्षित नहीं हैं। रात के समय बाइक या फिर अन्य वाहन पर जाते हैं तो गली-मोहल्ले के कुत्ते पीछे भागते हैं। इसके अलावा कमेला बंद होने से भी कुत्ते खूंखार हो रहे हैं। कुत्तों का झुंड सबसे ज्यादा छोटे बच्चों को शिकार बनाता है।
एसबीडी जिला अस्पताल में हर रोज एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने वालों की कतार लगी रहती है। जिले में रोजाना 100 से अधिक लोगों पर कुत्ते हमला कर रहे हैं। इसकी तस्दीक एसबीडी जिला अस्पताल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के आंकड़े कर रहे हैं।
इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी कुत्ता काटने के पीड़ित पहुंच रहे हैं। वहीं, शहर से लेकर देहात में कुत्ते पकड़ने के इंतजाम भी नाकाफी हैं। शहर में नगर निगम की टीम कुत्तों को पकड़कर नसबंदी करती है।

लविश का फाइल फोटो