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घबराएं नहीं शतप्रतिशत संभव है क्षय रोग का उपचार
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क्षय रोगियों को पुष्टाहार वितरित करते राजकीय मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक
- फोटो : SAHARANPUR
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सरसावा (सहारनपुर)। राजकीय मेडिकल कॉलेज में विश्व क्षय रोग दिवस पर क्षय रोगियों को पुष्टाहार वितरित किया गया। प्राचार्य ने कहा कि क्षय रोग का शत-प्रतिशत इलाज संभव है। क्षय रोगी को चिकित्सक की सलाह के अनुसार नियमित दवा का सेवन करना चाहिए। क्षय रोग का इलाज पूरी तरह से नि:शुल्क है।
कॉलेज सभागार में आयोजित कार्यक्रम में प्राचार्य अरविंद त्रिवेदी के निर्देशन में चिकित्सकों ने क्षय रोग मुक्त उत्तर प्रदेश की शपथ भी ली। डॉ. अरविंद त्रिवेदी ने क्षय रोगियों को समझाया कि टीबी (क्षय रोग) का इलाज पूरी तरह संभव है। मरीज को केवल चिकित्सक के पास जाकर अपनी जांच करवानी है और चिकित्सक की सलाह के अनुसार नियमित रूप से दवा का सेवन करना है। यदि मरीज क्षय रोग के निदान में लापरवाही बरतता है तो ये रोग परिवार के अन्य सदस्यों को भी लग सकता है क्योंकि ये एक संक्रामक रोग है। प्राचार्य ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों तथा अस्पतालों में क्षय रोग का इलाज पूरी तरह से नि:शुल्क है। मरीज को दवा, जांच आदि किसी प्रकार का भी खर्च नहीं देना पड़ता है।
सहायक आचार्य डॉ. गगन गर्ग, ईमओ डॉ. नितिन जैन ने मरीजों को पोषाहार वितरित किया। डॉ. सुशील शर्मा, डॉ. भावना जैन, डॉ. दिव्यता सचान, डॉ. अमरदीप सिंह, डॉ. कुणाल आदि चिकित्सक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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कॉलेज सभागार में आयोजित कार्यक्रम में प्राचार्य अरविंद त्रिवेदी के निर्देशन में चिकित्सकों ने क्षय रोग मुक्त उत्तर प्रदेश की शपथ भी ली। डॉ. अरविंद त्रिवेदी ने क्षय रोगियों को समझाया कि टीबी (क्षय रोग) का इलाज पूरी तरह संभव है। मरीज को केवल चिकित्सक के पास जाकर अपनी जांच करवानी है और चिकित्सक की सलाह के अनुसार नियमित रूप से दवा का सेवन करना है। यदि मरीज क्षय रोग के निदान में लापरवाही बरतता है तो ये रोग परिवार के अन्य सदस्यों को भी लग सकता है क्योंकि ये एक संक्रामक रोग है। प्राचार्य ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों तथा अस्पतालों में क्षय रोग का इलाज पूरी तरह से नि:शुल्क है। मरीज को दवा, जांच आदि किसी प्रकार का भी खर्च नहीं देना पड़ता है।
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सहायक आचार्य डॉ. गगन गर्ग, ईमओ डॉ. नितिन जैन ने मरीजों को पोषाहार वितरित किया। डॉ. सुशील शर्मा, डॉ. भावना जैन, डॉ. दिव्यता सचान, डॉ. अमरदीप सिंह, डॉ. कुणाल आदि चिकित्सक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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