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स्वच्छ सर्वेक्षण में जिले की देश में 49वीं रैंक
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कमिश्नर संजय कुमार
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में सहारनपुर नगर निगम ने राष्ट्रीय स्तर पर 49वीं रैंक प्राप्त की है, जबकि प्रदेश में पांचवां स्थान पाया है। रैंक में आए सुधार को लेकर नगर निगम अधिकारियों में खुशी है।
स्वच्छता सर्वेक्षण में इस बार 4157 शहर शामिल किए गए थे। सर्वेक्षण के दो वर्ग बनाए गए थे। पहले वर्ग में सात से दस लाख की आबादी वाले शहर और दूसरे वर्ग में दस लाख से अधिक की आबादी वाले शहरों को शामिल किया गया था। सहारनपुर शहर सात से दस लाख आबादी वाले शहरों में शामिल रहा। इस वर्ग में प्रदेश के 59 शहर शामिल रहे। सर्वेक्षण के क्वार्टर-1 और क्वार्टर-2 की रैंकिंग जनवरी 2020 में जारी की गई थी। क्वार्टर-1 में सहारनपुर का स्थान 102वां था, जबकि क्वार्टर-2 में 87वां स्थान मिला था। अब सर्वेक्षण का फाइनल परिणाम जारी किया गया है, जिसमें सहारनपुर को देश में 49वां स्थान मिला है। प्रदेश की रैंकिंग में गोरखपुर और अयोध्या भी सहारनपुर से पीछे हैं, जबकि नोएडा, झांसी, अलीगढ़ और मथुरा आगे हैं।
दो वर्ष पहले थी 378वीं रैंक
नगर निगम सहारनपुर स्वच्छ सर्वेक्षण में लगातार चार साल से प्रतिभागी बन रहा है। वर्ष 2017 में 245वें स्थान पर रहा था। 2018 में रैंक में सुधार की बजाय गिरावट आई थी और सहारनपुर को 378वीं रैंक मिली थी। बीते वर्ष 2019 में सहारनपुर ने सुधार करते हुए 92वीं रैंक हासिल हुई। इस बार टॉप-10 शहरों में आने का लक्ष्य रखा गया था।
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नगर पालिका और नगर पंचायतों की स्थिति
स्थानीय निकाय ----------- रैंक
अंबेहटा (नपं) --------------- 390
बेहट (नपं) ------------------ 165
नानौता (नपं) --------------- 269
सरसावा (नपं) -------------- 232
तीतरों (नपं) ---------------- 456
चिलकाना सुल्तानपुर (नपं) - 475
देवबंद (नपा) -------------- 49
गंगोह (नपा) --------------- 54
नकुड़ (नपा) --------------- 219
रामपुर मनिहारान (नपा) --153
निगम ने उठाए यह कदम
- शहर में 15 एमआरएफ सेंटर स्थापित किए।
- 100 से अधिक कूड़ाघरों को खत्म किया।
- डोर टू डोर कचरा लेने की व्यवस्था शुरू की।
- दिन के साथ ही रात में भी सफाई अभियान चलाए।
- शहर में कूड़ेदान रखवाए गए।
स्वच्छ सर्वेक्षण में सहारनपुर नगर निगम ने राष्ट्रीय स्तर पर 49वीं रैंक हासिल की है। बीते वर्षों की तुलना में यह रैंक सफाई व्यवस्था में सुधार को दर्शाती है। अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। बेहट रोड के डंपिंग ग्राउंड का कार्य पूर्ण होने पर सफाई व्यवस्था में और सुधार होगा। -- ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।
स्वच्छ सर्वेक्षण में सुधार सभी की मेहनत का नतीजा है। सफाई व्यवस्था में अभी कई योजनाएं हैं, जिन पर कार्य चल रहा है। शहरवासियों से अपील है कि शहर को साफ सुथरा बनाने में नगर निगम को सहयोग करें। -- संजीव वालिया, महापौर।
राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर सहारनपुर नगर निगम की रैंकिंग बेहतर हुई है। यह सामूहिक प्रयास का फल है। अभी और कार्य करना है, ताकि अगले साल सहारनपुर को राष्ट्रीय स्तर पर भी टॉप -10 में शामिल किया जा सके। - संजय कुमार, मंडलायुक्त
रैंक सुधरने का जश्न, शहर में कूड़े के ढेर
सहारनपुर। एक तरफ स्वच्छ सर्वेक्षण में 49वीं रैंक मिलने पर नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों में खुशी की लहर है। सभी ने एक दूसरे को इसके लिए बधाई दी, मगर शहर भर में बीते चार दिन से कचरा उठान नहीं होने से ऊंचे ढेर लगे हैं। बारिश के बीच दुर्गंध छोड़ रहे कूड़े के ढेर से लोगों को परेशानी हो रही है। परेशानी की सबसे बड़ी वजह यह भी है कि कूड़ाघर सड़क किनारे पर हैं, जहां कचरा सड़क तक फैल जाता है।
स्वच्छता में सुधार को यह जरूरी
- नगर निगम का स्थाई डंपिंग ग्राउंड हो।
- कूड़े का प्रतिदिन और समय से उठान हो।
- सफाईकर्मियों के रिक्त पद भरे जाएं।
- बाहरी कॉलोनियों में शहर की तरह पूर्ण रूप से सफाई कार्य हो।
- बाहरी कॉलोनियों में कूड़ेदान रखे जाएं कुरड़ी खत्म हो।
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स्वच्छता सर्वेक्षण में इस बार 4157 शहर शामिल किए गए थे। सर्वेक्षण के दो वर्ग बनाए गए थे। पहले वर्ग में सात से दस लाख की आबादी वाले शहर और दूसरे वर्ग में दस लाख से अधिक की आबादी वाले शहरों को शामिल किया गया था। सहारनपुर शहर सात से दस लाख आबादी वाले शहरों में शामिल रहा। इस वर्ग में प्रदेश के 59 शहर शामिल रहे। सर्वेक्षण के क्वार्टर-1 और क्वार्टर-2 की रैंकिंग जनवरी 2020 में जारी की गई थी। क्वार्टर-1 में सहारनपुर का स्थान 102वां था, जबकि क्वार्टर-2 में 87वां स्थान मिला था। अब सर्वेक्षण का फाइनल परिणाम जारी किया गया है, जिसमें सहारनपुर को देश में 49वां स्थान मिला है। प्रदेश की रैंकिंग में गोरखपुर और अयोध्या भी सहारनपुर से पीछे हैं, जबकि नोएडा, झांसी, अलीगढ़ और मथुरा आगे हैं।
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दो वर्ष पहले थी 378वीं रैंक
नगर निगम सहारनपुर स्वच्छ सर्वेक्षण में लगातार चार साल से प्रतिभागी बन रहा है। वर्ष 2017 में 245वें स्थान पर रहा था। 2018 में रैंक में सुधार की बजाय गिरावट आई थी और सहारनपुर को 378वीं रैंक मिली थी। बीते वर्ष 2019 में सहारनपुर ने सुधार करते हुए 92वीं रैंक हासिल हुई। इस बार टॉप-10 शहरों में आने का लक्ष्य रखा गया था।
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नगर पालिका और नगर पंचायतों की स्थिति
स्थानीय निकाय ----------- रैंक
अंबेहटा (नपं) --------------- 390
बेहट (नपं) ------------------ 165
नानौता (नपं) --------------- 269
सरसावा (नपं) -------------- 232
तीतरों (नपं) ---------------- 456
चिलकाना सुल्तानपुर (नपं) - 475
देवबंद (नपा) -------------- 49
गंगोह (नपा) --------------- 54
नकुड़ (नपा) --------------- 219
रामपुर मनिहारान (नपा) --153
निगम ने उठाए यह कदम
- शहर में 15 एमआरएफ सेंटर स्थापित किए।
- 100 से अधिक कूड़ाघरों को खत्म किया।
- डोर टू डोर कचरा लेने की व्यवस्था शुरू की।
- दिन के साथ ही रात में भी सफाई अभियान चलाए।
- शहर में कूड़ेदान रखवाए गए।
स्वच्छ सर्वेक्षण में सहारनपुर नगर निगम ने राष्ट्रीय स्तर पर 49वीं रैंक हासिल की है। बीते वर्षों की तुलना में यह रैंक सफाई व्यवस्था में सुधार को दर्शाती है। अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। बेहट रोड के डंपिंग ग्राउंड का कार्य पूर्ण होने पर सफाई व्यवस्था में और सुधार होगा। -- ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।
स्वच्छ सर्वेक्षण में सुधार सभी की मेहनत का नतीजा है। सफाई व्यवस्था में अभी कई योजनाएं हैं, जिन पर कार्य चल रहा है। शहरवासियों से अपील है कि शहर को साफ सुथरा बनाने में नगर निगम को सहयोग करें। -- संजीव वालिया, महापौर।
राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर सहारनपुर नगर निगम की रैंकिंग बेहतर हुई है। यह सामूहिक प्रयास का फल है। अभी और कार्य करना है, ताकि अगले साल सहारनपुर को राष्ट्रीय स्तर पर भी टॉप -10 में शामिल किया जा सके। - संजय कुमार, मंडलायुक्त
रैंक सुधरने का जश्न, शहर में कूड़े के ढेर
सहारनपुर। एक तरफ स्वच्छ सर्वेक्षण में 49वीं रैंक मिलने पर नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों में खुशी की लहर है। सभी ने एक दूसरे को इसके लिए बधाई दी, मगर शहर भर में बीते चार दिन से कचरा उठान नहीं होने से ऊंचे ढेर लगे हैं। बारिश के बीच दुर्गंध छोड़ रहे कूड़े के ढेर से लोगों को परेशानी हो रही है। परेशानी की सबसे बड़ी वजह यह भी है कि कूड़ाघर सड़क किनारे पर हैं, जहां कचरा सड़क तक फैल जाता है।
स्वच्छता में सुधार को यह जरूरी
- नगर निगम का स्थाई डंपिंग ग्राउंड हो।
- कूड़े का प्रतिदिन और समय से उठान हो।
- सफाईकर्मियों के रिक्त पद भरे जाएं।
- बाहरी कॉलोनियों में शहर की तरह पूर्ण रूप से सफाई कार्य हो।
- बाहरी कॉलोनियों में कूड़ेदान रखे जाएं कुरड़ी खत्म हो।

सहारनपुर के बोमनजी रोड पर लगा कूड़े का ढेर- फोटो : SAHARANPUR