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अब नहीं हो पाएगी बसों में डीजल की चोरी
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रोडवेज वर्कशॉप पर बंसो में लगाये जा सेंसर रिंग के बारे में जानकारी देते एआरएम जगदीश सिंह
- फोटो : SAHARANPUR
अब परिवहन निगम की बसों में नहीं हो पाएगी डीजल की हेराफेरी
सहारनपुर। अब उत्तरप्रदेश परिवहन निगम की बसों में डीजल की हेराफेरी नहीं हो पाएगी। निगम ने इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान ऑयल कारपोरेशन से करार करने के बाद डीजल चोरी की संभावनाओं को खत्म कर दिया है। सहारनपुर मंडल अंतर्गत वर्कशाप में लगे डीजल के पंपों पर अब सेंसर युक्त मशीन लगा दिए गए हैं। जो बसों की मशीन में फीड और कोड के अनुसार ही तेल देंगे। इससे न केवल डीजल की हेराफेरी, चोरी बचेगी बल्कि सरकार के राजस्व की भी बड़ी बचत होगी। अहम ये भी है कि ये तकनीक केवल उत्तरप्रदेश परिवहन निगम अपना रहा है। प्राइवेट में कहीं भी ये तकनीक अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तरप्रदेश परिवहन निगम ने इंडियन ऑयल कारपोरेशन और हिंदुस्तान ऑयल कारपोरेशन से डीजल ऑटोमेशन मशीन को लेकर करार किया है। सहारनपुर मंडल अंतर्गत आने वाले वर्कशॉप को डीजल ऑटोमेशन मशीन से लैस कर दिया गया है। मशीन की खासियत यह है कि तेल निकलने वाले नोब में सेंसर लगा है और बसों के टैंक में भी सेंसर लगाया गया है। मशीन में बसों का पूरा खाका भरा गया है। जैसे ही बस डीजल लेने के लिए वर्कशाप में लगी मशीन पर पहुंचेगी और उसका डॉटा सही होगा तो उसके रूट के अनुसार तेल डीजल टैंक में जाएगा और ऑटो कट हो जाएगा। डीजल ऑटोमेशन मशीन की खासियत यह है कि यह डीजल की खपत को अपने डॉटा यानि लेजर में खुद बखुद मेंटेन कर देगा। जिसकी वजह से शाम को कितने डीजल की खपत एक दिन में किस रूट पर किस बसों में हुई, यह सारी जानकारी पल भर में आ जाएगी।
सहारनपुर मंडल अंतर्गत सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, खतौली में ऑटोमेशन मशीन लगाई गई है। जो आईओसीलएल कंपनी की है, जबकि सहारनपुर जनपद के छुटमलपुर में भी ये मशीन लगाई गई है। जिसे हिंदुस्तान ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड ने लगाया है। यह मशीनें पूरी तरह से ऑटोमेटिंग और कंप्यूटराइज सिस्टम से लैस है। उत्तरप्रदेश परिवहन निगम के अलावा कहीं भी प्राइवेट में इस तकनीक का इस्तेमाल अब तक नहीं किया जा रहा है।
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मनोज कुमार पुंडीर
क्षेत्रीय प्रबंधक, सहारनपुर मंडल।
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सहारनपुर। अब उत्तरप्रदेश परिवहन निगम की बसों में डीजल की हेराफेरी नहीं हो पाएगी। निगम ने इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान ऑयल कारपोरेशन से करार करने के बाद डीजल चोरी की संभावनाओं को खत्म कर दिया है। सहारनपुर मंडल अंतर्गत वर्कशाप में लगे डीजल के पंपों पर अब सेंसर युक्त मशीन लगा दिए गए हैं। जो बसों की मशीन में फीड और कोड के अनुसार ही तेल देंगे। इससे न केवल डीजल की हेराफेरी, चोरी बचेगी बल्कि सरकार के राजस्व की भी बड़ी बचत होगी। अहम ये भी है कि ये तकनीक केवल उत्तरप्रदेश परिवहन निगम अपना रहा है। प्राइवेट में कहीं भी ये तकनीक अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तरप्रदेश परिवहन निगम ने इंडियन ऑयल कारपोरेशन और हिंदुस्तान ऑयल कारपोरेशन से डीजल ऑटोमेशन मशीन को लेकर करार किया है। सहारनपुर मंडल अंतर्गत आने वाले वर्कशॉप को डीजल ऑटोमेशन मशीन से लैस कर दिया गया है। मशीन की खासियत यह है कि तेल निकलने वाले नोब में सेंसर लगा है और बसों के टैंक में भी सेंसर लगाया गया है। मशीन में बसों का पूरा खाका भरा गया है। जैसे ही बस डीजल लेने के लिए वर्कशाप में लगी मशीन पर पहुंचेगी और उसका डॉटा सही होगा तो उसके रूट के अनुसार तेल डीजल टैंक में जाएगा और ऑटो कट हो जाएगा। डीजल ऑटोमेशन मशीन की खासियत यह है कि यह डीजल की खपत को अपने डॉटा यानि लेजर में खुद बखुद मेंटेन कर देगा। जिसकी वजह से शाम को कितने डीजल की खपत एक दिन में किस रूट पर किस बसों में हुई, यह सारी जानकारी पल भर में आ जाएगी।
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सहारनपुर मंडल अंतर्गत सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, खतौली में ऑटोमेशन मशीन लगाई गई है। जो आईओसीलएल कंपनी की है, जबकि सहारनपुर जनपद के छुटमलपुर में भी ये मशीन लगाई गई है। जिसे हिंदुस्तान ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड ने लगाया है। यह मशीनें पूरी तरह से ऑटोमेटिंग और कंप्यूटराइज सिस्टम से लैस है। उत्तरप्रदेश परिवहन निगम के अलावा कहीं भी प्राइवेट में इस तकनीक का इस्तेमाल अब तक नहीं किया जा रहा है।
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मनोज कुमार पुंडीर
क्षेत्रीय प्रबंधक, सहारनपुर मंडल।

रोडवेज वर्कशॉप पर बंसो में लगा सेंसर रिंग- फोटो : SAHARANPUR