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भीषण गर्मी में बच्चों में बढ़ी डायरिया की समस्या
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जिला अस्पताल में बच्चो के उपचार के लिये पहुंचे परिवार
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। भीषण गर्मी में गलत खानपान या कम मात्रा में पानी पीने की वजह से बच्चों में डायरिया की समस्या बढ़ रही है। एसबीडी जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में बाल मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें 30 फीसदी से अधिक डायरिया की समस्या से जुड़े हैं। जिनमें गंभीर रोगियों को भर्ती भी किया जा रहा है।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. बिरेंद्र भट्ट ने बताया कि मौसम बदलने, ज्यादा भोजन कर लेने, दूषित फल और दूषित पानी पीने, अधिक ठंडा पानी पीने, बर्फ आदि खाने से पेट खराब रहने की आशंका रहती है। गर्मियों में दूषित पानी पीने से पानी के साथ पेट में कईं अशुद्धियां चली जाती हैं, जो डायरिया, उल्टी और अन्य बीमारियों की वजह बनती हैं। फूड प्वाइजनिंग और तेज मिर्च मसाले वाला भोजन खाने से भी डायरिया होने की आशंका रहती है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 150 से 200 बच्चे पहुंच रहे हैं, जिनमें 40 से 45 बच्चे डायरिया की समस्या से जुड़े हैं। 10 से 15 बच्चों को गंभीर स्थिति में प्रतिदिन भर्ती किया जा रहा है।
डायरिया के लक्षण
- दस्त आने से पहले पेट में हल्का और मीठा दर्द होना।
- कभी टाइट तो कभी पानी की तरह दस्त होना।
- शरीर में तेजी से गिरावट आना, पेट के दबाने पर दर्द होना।
- जीभ सूखना तथा हाथ और पैरों का ठंडा पड़ना।
- शरीर में बेचैनी और चलने में थकान महसूस होना आदि।
डायरिया यानी दस्त होनेे पर यह करें
- ओआरएस का घोल या एक गिलास पानी में एक चम्मच चीनी और चुटकी भर नमक मिलाकर थोड़ी-थोड़ी देर बाद पिलाएं।
- भोजन के रूप में दही-चावल या खिचड़ी खाएं।
- चावल का धोवन (चावल उबलने के बाद बचा हुआ गाढ़ा सूप), मूंग या मसूर की दाल का पानी पीएं।
- साबूदाना की खीर, छाछ या दही इच्छानुसार सेवन करें।
- सेब का मुरब्बा या केले और चावल खाएं।
- दोपहर के भोजन में लौकी का रायता, दही या लस्सी लें आदि।
- पीने का पानी उबालकर, ठंडा करके पिएं।
- भोजन करने के पहले हाथों को अच्छे से धुलें।
- हाथों के नाखून काट कर रखें।
यह न करें
- बासी, तली, मिर्च-मसालेदार चीजों का सेवन न करें।
- बासी, खट्टी महक वाला दूध न पीएं।
- भोजन को ढककर रखें, जिससे उस पर मक्खियां न बैठ पाएं।
- फ्रीज में रखे पदार्थों को निकालने के तुरंत बाद न खाएं पहले कुछ देर बाहर रखा रहने दें।
- आलू, इमली, बैंगन, गोभी, अचार का सेवन न करें।
- फास्ट फूड को खाने से बचें।
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जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. बिरेंद्र भट्ट ने बताया कि मौसम बदलने, ज्यादा भोजन कर लेने, दूषित फल और दूषित पानी पीने, अधिक ठंडा पानी पीने, बर्फ आदि खाने से पेट खराब रहने की आशंका रहती है। गर्मियों में दूषित पानी पीने से पानी के साथ पेट में कईं अशुद्धियां चली जाती हैं, जो डायरिया, उल्टी और अन्य बीमारियों की वजह बनती हैं। फूड प्वाइजनिंग और तेज मिर्च मसाले वाला भोजन खाने से भी डायरिया होने की आशंका रहती है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 150 से 200 बच्चे पहुंच रहे हैं, जिनमें 40 से 45 बच्चे डायरिया की समस्या से जुड़े हैं। 10 से 15 बच्चों को गंभीर स्थिति में प्रतिदिन भर्ती किया जा रहा है।
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डायरिया के लक्षण
- दस्त आने से पहले पेट में हल्का और मीठा दर्द होना।
- कभी टाइट तो कभी पानी की तरह दस्त होना।
- शरीर में तेजी से गिरावट आना, पेट के दबाने पर दर्द होना।
- जीभ सूखना तथा हाथ और पैरों का ठंडा पड़ना।
- शरीर में बेचैनी और चलने में थकान महसूस होना आदि।
डायरिया यानी दस्त होनेे पर यह करें
- ओआरएस का घोल या एक गिलास पानी में एक चम्मच चीनी और चुटकी भर नमक मिलाकर थोड़ी-थोड़ी देर बाद पिलाएं।
- भोजन के रूप में दही-चावल या खिचड़ी खाएं।
- चावल का धोवन (चावल उबलने के बाद बचा हुआ गाढ़ा सूप), मूंग या मसूर की दाल का पानी पीएं।
- साबूदाना की खीर, छाछ या दही इच्छानुसार सेवन करें।
- सेब का मुरब्बा या केले और चावल खाएं।
- दोपहर के भोजन में लौकी का रायता, दही या लस्सी लें आदि।
- पीने का पानी उबालकर, ठंडा करके पिएं।
- भोजन करने के पहले हाथों को अच्छे से धुलें।
- हाथों के नाखून काट कर रखें।
यह न करें
- बासी, तली, मिर्च-मसालेदार चीजों का सेवन न करें।
- बासी, खट्टी महक वाला दूध न पीएं।
- भोजन को ढककर रखें, जिससे उस पर मक्खियां न बैठ पाएं।
- फ्रीज में रखे पदार्थों को निकालने के तुरंत बाद न खाएं पहले कुछ देर बाहर रखा रहने दें।
- आलू, इमली, बैंगन, गोभी, अचार का सेवन न करें।
- फास्ट फूड को खाने से बचें।

जिला अस्पताल में बच्चो वार्ड में भर्ती बच्चे- फोटो : SAHARANPUR
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