प्रमुख घटनाएं: आखिर आतंकियों के ठिकाने से क्यों बदनाम है यूपी के ये जिला, एटीएस भी कई बार कर चुकी बड़ी कार्रवाई
आतंकियों के ठिकाने के नाम से यूपी का यह जिला काफी बदनाम है। एटीएस की टीम यहां कई बार बड़ी कार्रवाई कर चुकी है। एटीएस की टीम ने यहां से कई बार आतंकी, संदिग्ध और बांग्लादेशी को पकड़ा है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश में सहारनपुर जनपद आतंकियों और संदिग्धों का सुरक्षित ठिकाना रहा है। क्योंकि, यहां से कई बार आतंकी, बांग्लादेशी और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त आरोपी पकड़े गए हैं। अधिकांश मामलों में एटीएस और बाहर की पुलिस ने ही कार्रवाई की है। पकड़े जाने के बाद ही स्थानीय पुलिस को पता चला है।
सहारनपुर समेत वेस्ट यूपी आतंकियों की शरणस्थली बनी है। जनपद भी आतंकियों का पनाहगाह रहा। देवबंद नाम भी आतंकी गतिविधियों लेकर सुर्खियों में रहा है। यहां पर कई बार एटीएस छापा मार कर चुकी है और कई संदिग्धों को पकड़ चुकी है। इसी तरह शहर सहित जिले में कई इलाकों में आतंकी व बांग्लादेशी छिपकर रहे हैं।
इसके अलावा ब्रिटिश नागरिकों को आतंकियों द्वारा बंधक बनाकर रखने की घटना भी शहर में हुई है, जिसमें एक इंस्पेक्टर ध्रुव्रलाल यादव भी शहीद हुए थे। ऐसे संदिग्ध की निगरानी करने में स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग को कभी भी भनक नहीं लगी है। जब बाहर की पुलिस या एटीएस कार्रवाई करती है, तभी पुलिस को पता चलता है। ऐसे में इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि स्थानीय पुलिस ऐसे मामलों में फेल रही है।
यह भी पढ़ें: खौफनाक थी वारदात: हाथ जोड़ते रहे प्रोफेसर... पर नहीं पसीजा था बदमाशों का दिल, बरसाईं थीं दनादन गोलियां, आखिर कब खुलेगा हमले का राज
सहारनपुर में हुई प्रमुख घटनाएं
- दो वर्ष पूर्व देवबंद से जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शाहनवाज तेली निवासी कुलगाम (जम्मू-कश्मीर) और आकिब अहमद मलिक निवासी पुलवामा की गिरफ्तारी हुई।
- थाना कुतुबशेर क्षेत्र की एकता कॉलोनी में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी पिता-पुत्र फरवरी 2021 में एटीएस ने दबोचा। दोनों आरोपी 20 साल से ठिकाने बदलकर सहारनपुर रहे, जो बांग्लादेशियों को यहां बसाने का काम करते थे।
- 2019 में देवबंद से पांच बांग्लादेशी पकड़े गए। इसके अलावा संदिग्धों को कई बार एटीएस ने पकड़ा है।
- 2016 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीमों ने सहारनपुर रेलवे स्टेशन के बाहर से हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी एजाज शेख को दबोचा।
- 2010 में पाकिस्तानी जासूस शाहिद उर्फ इकबाल भट्टी को पटियाला पुलिस ने हकीकतनगर से गिरफ्तार किया, जो देवराज सहगल के नाम से यहां आठ वर्षों से रहा रहा था। इसने भारतीय नागरिकता भी प्राप्त कर ली थी।
- अयोध्या में हुए बम विस्फोट में तीतरो निवासी डाक्टर इरफान को पकड़ा गया।
- 2001 में आतंकी गतिविधियों के चलते मुफ्ती इसरार को पकड़ा गया।
- 1994 में तीन ब्रिटिश नागरिकों को बंधक बनाकर आतंकियों ने खाताखेड़ी रखा था। इन्हें छुड़ाने के लिए हुई मुठभेड़ में इंस्पेक्टर ध्रुवलाल शहीद हुए थे।
- 1991 में लक्ष्मी सिनेमा में बम फटा था, जिसमें करीब दस लोग मरे थे, उस समय घटना में आतंकियों का हाथ बताया गया था।
- किफायत उल्लाह उर्फ जाफर अहमद उर्फ अताउर्रहमान उर्फ अल उल्लाह मोहल्ला कस्साबान सरसावा का रहने वाला था, जो बाद में जम्मू-कश्मीर चला गया था, फिर आतंकी संगठन हूजी का चीफ बना था।