फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Dengue in the investigation report, but officers believe it is not acceptable

जांच रिपोर्ट में डेंगू, पर अफसर हैं कि मान ही नहीं रहे

Sat, 28 Sep 2019 12:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 28 Sep 2019 12:03 AM IST
विज्ञापन
Dengue in the investigation report, but officers believe it is not acceptable
चकदेवली में पहुंचे नगर स्वस्थ्य अधिकारी - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। नगर निगम के वार्ड संख्या आठ में डेंगू का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अभी तक कई लोग डेंगू के कारण मौत का शिकार हो चुके हैं। हैरत की बात यह है कि रिपोर्ट में डेंगू आने के बावजूद चिकित्सा विभाग के अधिकारी मौतों की वजह डेंगू नहीं मान रहे हैं। बृहस्पतिवार को भाजपा के अनुसूचित मोर्चा के महानगर मीडिया प्रभारी की डेंगू से हुई मौत को भी अधिकारी टाइफाइड बता रहे हैं, जबकि जौलीग्रांट से हुई जांच में डेंगू आया है।
विज्ञापन

सप्ताह भर पहले नगर क्षेत्र के गांव मढ़ में समजीदा और इलियास के साथ ही चकदेवली में मुनेश की मौत बुखार से हुई थी। डॉक्टरों ने परिजनों को मौत की वजह डेंगू बताया था, मगर चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने मौत की वजह डेंगू मानने से इंकार कर दिया था। अब गांव चकदेवली में बृहस्पतिवार को दो और मौतें हुई हैं। मरने वालों में भाजपा के अनुसूचित मोर्चा के महानगर मीडिया प्रभारी प्रवीण और सुखदेई थीं। दोनों एक ही गली में रहते हैं और जौलीग्रांट देहरादून में भर्ती थे।
विज्ञापन

चकदेवली की ही पूजा पत्नी सुंदर में भी डेंगू के लक्षण पाए गए हैं, जो देहरादून में भर्ती हैं। लीला को भी डेंगू है, जो सहारनपुर में भर्ती है। आठ वर्षीय आदिराज भी डेंगू से ग्रसित हैं, जिनका इलाज सहारनपुर में ही चल रहा है। गांव ज्ञानागढ़ निवासी अजब सिंह बुखार के कारण देहरादून में भर्ती हैं। खास बात यह है कि चिकित्सा विभाग डेंगू से हो रही मौतों को झुठला रहा है। चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने प्रवीण की मौत की वजह टाइफाइड बताया है। अधिकारियों के इस तर्क से पीड़ित परिवारों के साथ ही ग्रामीणों में रोष है, क्योंकि जौली ग्रांट से प्रवीण की जांच रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्रामीणों ने किया निगम की टीम का विरोध
गांव चकदेवली में दो लोगों की मौत का समाचार अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद शुक्रवार सुबह नगर निगम के सफाईकर्मियों की टीम सफाई करने के लिए पहुंची। प्रवीण के घर के ठीक सामने जलभराव है। पानी की निकासी के लिए नाली नहीं से होने से प्रवीण के घर के पीछे प्लॉट तालाब के रूप लिए हुए हैं। नगर निगम के कर्मचारी जैसे ही सड़क पर जमा पानी को निकालने पहुंचे तो ग्रामीणों ने विरोध किया। ग्रामीणों का आरोप है कि सफाईकर्मी केवल गांव के बाहर की सड़क पर झाडू लगाकर चले जाते हैं। जलभराव की समस्या कई बार निगम अधिकारियों से की जा चुकी है, मगर न तो जलभराव की समस्या दूर हुई है और ना ही सफाई होती है। मौके पर पहुंचे नगर स्वास्थ्य अधिकारी को भी घेरकर लोगों ने विरोध दर्ज कराया।
- पांच दिन में नहीं आई रिपोर्ट
गांव मढ़ और चकदेवली में सप्ताहभर पहले हुई तीन मौतों की सूचना के बाद चिकित्सा विभाग की टीम ने दोनों गांवों में कैंप लगाकर बुखार से ग्रसित मरीजों के नमूने लिए थे। खास बात यह है कि इतने दिन पहले लिए गए नमूनों की रिपोर्ट मरीजों को नहीं मिल पाई। बृहस्पतिवार को चकदेवली में हुई दो और मौतों के बाद विभाग की टीम शुक्रवार को फिर से कैंप लगाने पहुंची है। लगातार हो रही मौतों के बावजूद चिकित्सा विभाग के किसी बड़े अधिकारी द्वारा गांव में नहीं पहुंचने से लोगों में रोष है। वर्तमान में एक-एक परिवार से दो-दो लोग भर्ती हैं।
- मौत के खौफ से गांव छोड़ने को मजबूर गांव चकदेवली में डेंगू महामारी का रूप लेता जा रहा है। ऐसे में लोग डरे हुए हैं। डर की वजह से कई परिवार गांव से शहर या रिश्तेदारियों में चले गए हैं, जबकि अब भी कई परिवार गांव छोड़ने की तैयारी में हैं। ग्रामीण प्रदीप, पंकज कुमार, सीताराम, पिंकू आदि ने बताया कि धर्मेंद्र अपने बच्चों को लेकर शहर चले गए हैं। धर्म सिंह और सीताराम ने भी अपने परिवार के बच्चों को रिश्तेदारियों में सुरक्षित जगह भेज दिया है। सुशील अपने परिवार को लेकर स्थिति सामान्य होने तक गंगोह चले गए हैं।
- चकदेवली के यह लोग हैं भर्ती
वर्तमान में गांव चकदेवली की रचना पुत्री देशराज, अंकित पुत्र देशराज, आशा पुत्री यादराम, मुनेेश पुत्र यादराम, सागर पुत्र शेर सिंह, गौतम पुत्र महीपाल, मोती पुत्र फुलवा, लीला पुत्री फूल सिंह, सोनिया पुत्री फूल सिंह, मुनेश पुत्र श्यामलाल, उपदेश पुत्र श्यामलाल, रीना पुत्री महेंद्र, निखिल पुत्र कल्लू, प्रीति, शगुन पुत्री दर्शन, गंगादेवी, संतोश पुत्री ज्ञासन आदि देहरादून, सहारनपुर और बराड़ा के अस्पतालों में भर्ती हैं।

चकदेवली में प्रवीण की रिपोर्ट प्राप्त हुई है, जो जौलीग्रांट देहरादून की है। उसमें डेंगू पॉजिटिव आया है, मगर हम यह जांच करा रहे हैं कि यह जांच रिपोर्ट कार्ड टेस्ट की है या एलाइजा टेस्ट की। कार्ड टेस्ट की रिपोर्ट को सरकार नहीं मानती है। यदि एलाइजा टेस्ट की रिपोर्ट होगी तो ही डेंगू का मामला माना जाएगा। अन्य किसी मरीज के रिपोर्ट में यदि डेंगू आया है, तो उसकी भी जांच कराई जाएगी। -- डॉक्टर बीएस सोढ़ी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी।

चकदेवली में जिला अस्पताल के द्वारा लगाया गया मेडिकल कैंप

चकदेवली में जिला अस्पताल के द्वारा लगाया गया मेडिकल कैंप- फोटो : SAHARANPUR

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed