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डेंगू के केस न बढ़ें, कम कराई जा रही जांच
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सहारनपुर। जनपद में इस बार बुखार से बड़ी संख्या में मौतें हुई हैं। कई की मौत की वजह डेंगू बताया गया है। देहात में सबसे अधिक प्रकोप बुखार का बना हुआ है। देहात के मरीजों की डेंगू जांच कराने में शिथिलता बरती जा रही है। सीएचसी और पीएचसी से बेहद कम संख्या में नमूने जांच के लिए जिला अस्पताल की लैब भेजे जा रहे हैं। इस कारण मरीजों को प्राइवेट लैब से जांच कराने पड़ रहे हैं।
बीते करीब डेढ़ माह में एक नवंबर तक 340 मरीजों में डेंगू की पुष्टि चिकित्सा विभाग ने की है। जनपद में अभी तक जो भी डेंगू के मरीज मिले हैं उनमें से करीब 80 फीसदी खुद ही एसबीडी जिला अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे हैं। ओपीडी के चिकित्सक के परामर्श पर उनकी डेंगू की जांच की गई है। लैब से जुड़े सूत्र ने बताया कि इस बार सीएचसी और पीएचसी से न के बराबर नमूने भेजे गए हैं। विभाग में चर्चा है कि डेंगू के मरीजों की संख्या कम रहे इसलिए कम जांच कराई जा रही है। इसीलिए सीएचसी और पीएचसी से कम नमूने भेजे जा रहे हैं। सरसावा सीएचसी से इस बार कोई नमूना डेंगू जांच के लिए नहीं भेजा गया है। क्षेत्र के जिस भी मरीज में डेंगू की पुष्टि जिला अस्पताल की लैब में हुई, सीएचसी के द्वारा उक्त गांव में शिविर लगाकर बुखार के मरीजों को राजकीय मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है। यानी कोई नमूना नहीं भेजा जा रहा है। मुजफ्फराबाद सीएचसी के द्वारा नमूने भेजने की बात कही गई है, लेकिन कितने नमूने भेजे यह स्पष्ट नहीं है।
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प्रतिदिन 80 से 90 मरीजों की जांच
एसबीडी जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में प्रतिदिन 80 से 90 मरीजों की डेंगू जांच हो रही है। इनमें 80 फीसदी मरीज एसबीडी जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जो चिकित्सक के परामर्श पर जांच करा रहे हैं। देहात से केवल 20 फीसदी तक ही नमूने भेजे गए हैं।
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मरीजों तक नहीं पहुंचती जांच रिपोर्ट
डेंगू और बुखार के प्रकोप को देखते हुए चिकित्सा विभाग प्रतिदिन 15 से 20 गांवों और कॉलोनियों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर बुखार के मरीजों का इलाज कर रहा है। जांच के लिए नमूने लिए जाते हैं, लेकिन मरीजों तक जांच रिपोर्ट नहीं पहुंचती है। चिकित्सा अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट सीएचसी और पीएचसी पर भेज दी जाती हैं।
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किट से मरीजों का पता लगा रहा विभाग
सरकार और चिकित्सा विभाग किट से होने वाली डेंगू की जांच को नहीं मानता है। यही वजह है कि निजी पैथोलॉजी लैब द्वारा किट से की गई जांच में पॉजिटिव आए डेंगू के मरीजों को नहीं माना गया है। उधर, चिकित्सा विभाग खुद किट का इस्तेमाल कर रहा है। कुछ सीएचसी पर किट दी गई है। किट से डेंगू की जांच की जा रही है। पॉजिटिव आने पर संदिग्ध मानते हुए एलाइजा जांच कराई जा रही है। नेगेटिव आने पर सामान्य बुखार के मरीज माना जा रहा है।
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दस दिन में मिले बुखार और डेंगू के मरीज
तिथि----------बुखार--------डेंगू
एक नवंबर-----40------------20
31 अक्तूबर------75-----------20
30 अक्तूबर------75-----------15
29 अक्तूबर------91-----------19
28 अक्तूबर------148----------20
27 अक्तूबर------132----------20
26 अक्तूबर------216----------11
25 अक्तूबर------161----------12
24 अक्तूबर------67-----------12
23 अक्तूबर------97-----------11
------ वर्जन
देहात के मरीजों की डेंगू जांच के लिए सीएचसी और पीएचसी से नमूने भेजे जा रहे हैं। फिलहाल आंकड़ा देना मुश्किल है। नमूने लिए जा रहे हैं तभी डेंगू के ज्यादातर मरीज देहात में मिले हैं। रही बात शिविरों में लिए जाने वाले नमूनों की जांच रिपोर्ट की तो वह संबंधित सीएचसी और पीएचसी पर भेजी जाती है।
शिवांका गौड़, जिला मलेरिया अधिकारी।
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बीते करीब डेढ़ माह में एक नवंबर तक 340 मरीजों में डेंगू की पुष्टि चिकित्सा विभाग ने की है। जनपद में अभी तक जो भी डेंगू के मरीज मिले हैं उनमें से करीब 80 फीसदी खुद ही एसबीडी जिला अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे हैं। ओपीडी के चिकित्सक के परामर्श पर उनकी डेंगू की जांच की गई है। लैब से जुड़े सूत्र ने बताया कि इस बार सीएचसी और पीएचसी से न के बराबर नमूने भेजे गए हैं। विभाग में चर्चा है कि डेंगू के मरीजों की संख्या कम रहे इसलिए कम जांच कराई जा रही है। इसीलिए सीएचसी और पीएचसी से कम नमूने भेजे जा रहे हैं। सरसावा सीएचसी से इस बार कोई नमूना डेंगू जांच के लिए नहीं भेजा गया है। क्षेत्र के जिस भी मरीज में डेंगू की पुष्टि जिला अस्पताल की लैब में हुई, सीएचसी के द्वारा उक्त गांव में शिविर लगाकर बुखार के मरीजों को राजकीय मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है। यानी कोई नमूना नहीं भेजा जा रहा है। मुजफ्फराबाद सीएचसी के द्वारा नमूने भेजने की बात कही गई है, लेकिन कितने नमूने भेजे यह स्पष्ट नहीं है।
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प्रतिदिन 80 से 90 मरीजों की जांच
एसबीडी जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में प्रतिदिन 80 से 90 मरीजों की डेंगू जांच हो रही है। इनमें 80 फीसदी मरीज एसबीडी जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जो चिकित्सक के परामर्श पर जांच करा रहे हैं। देहात से केवल 20 फीसदी तक ही नमूने भेजे गए हैं।
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मरीजों तक नहीं पहुंचती जांच रिपोर्ट
डेंगू और बुखार के प्रकोप को देखते हुए चिकित्सा विभाग प्रतिदिन 15 से 20 गांवों और कॉलोनियों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर बुखार के मरीजों का इलाज कर रहा है। जांच के लिए नमूने लिए जाते हैं, लेकिन मरीजों तक जांच रिपोर्ट नहीं पहुंचती है। चिकित्सा अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट सीएचसी और पीएचसी पर भेज दी जाती हैं।
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किट से मरीजों का पता लगा रहा विभाग
सरकार और चिकित्सा विभाग किट से होने वाली डेंगू की जांच को नहीं मानता है। यही वजह है कि निजी पैथोलॉजी लैब द्वारा किट से की गई जांच में पॉजिटिव आए डेंगू के मरीजों को नहीं माना गया है। उधर, चिकित्सा विभाग खुद किट का इस्तेमाल कर रहा है। कुछ सीएचसी पर किट दी गई है। किट से डेंगू की जांच की जा रही है। पॉजिटिव आने पर संदिग्ध मानते हुए एलाइजा जांच कराई जा रही है। नेगेटिव आने पर सामान्य बुखार के मरीज माना जा रहा है।
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दस दिन में मिले बुखार और डेंगू के मरीज
तिथि----------बुखार--------डेंगू
एक नवंबर-----40------------20
31 अक्तूबर------75-----------20
30 अक्तूबर------75-----------15
29 अक्तूबर------91-----------19
28 अक्तूबर------148----------20
27 अक्तूबर------132----------20
26 अक्तूबर------216----------11
25 अक्तूबर------161----------12
24 अक्तूबर------67-----------12
23 अक्तूबर------97-----------11
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देहात के मरीजों की डेंगू जांच के लिए सीएचसी और पीएचसी से नमूने भेजे जा रहे हैं। फिलहाल आंकड़ा देना मुश्किल है। नमूने लिए जा रहे हैं तभी डेंगू के ज्यादातर मरीज देहात में मिले हैं। रही बात शिविरों में लिए जाने वाले नमूनों की जांच रिपोर्ट की तो वह संबंधित सीएचसी और पीएचसी पर भेजी जाती है।
शिवांका गौड़, जिला मलेरिया अधिकारी।