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महिलाओं का प्रदर्शन, बौद्ध धर्म अपनाने का एलान
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 17 Jun 2017 12:35 AM IST
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ज्ञापन सौंपती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के रामपुर मनिहारान में जातीय हिंसा के बवाल में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी और नामजद आरोपियों की तलाश में दबिश से खफा दलित महिलाओं ने शुक्रवार को तहसील पहुंचकर हंगामा किया।
करीब डेढ़ घंटा तक प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बवाल काटा। ये गिरफ्तार किए गए युवकों की रिहाई की मांग कर रही थीं। इसके बाद महिलाएं जुलूस के रूप में दिल्ली रोड हाईवे घसौती चौक पहुंची जहां उन्होंने देवी देवताओं की मूर्तियों और चित्रों का रजवाहे में प्रवाहित कर बौद्ध धर्म अपनाने का एलान किया।
रामपुर मनिहारान तहसील के गांव शब्बीरपुर में हुई जातीय हिंसा के बाद 11 मई को रामपुर मनिहारान में भीम आर्मी कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस पर किए गए पथराव में मौके से एक दर्जन भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जबकि 12 अन्य के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
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नामजद युवकों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस द्वारा दबिश दी जा रही है। जिससे नाराज दलित महिलाएं शुक्रवार की सुबह साढ़े 11 बजे नारेबाजी करती हुई तहसील में पिछले गेट से दाखिल हुई। वहां महिलाओं ने जमकर हंगामा किया।
उनका कहना था कि पुलिस ने उनके समाज के निर्दोष युवकों को जेल भेजा है और अन्य फर्जी नामजदगी कर युवकों के घरों पर दबिश दी जा रही है। उनके समाज को रविदास मंदिर तक में बैठने से रोका जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सहारनपुर में आरएसएस के कार्यक्रम चल रहे हैं और दलित समाज की शांति पूर्ण बैठकों पर रोक लगाई जा रही है। इसे बरदाश्त नहीं किया जाएगा।
बाद में महिलाओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम राकेश कुमार व सीओ अब्दुल कादिर को सौंपा। इसमें मांग की गई कि जेल में बंद निर्दोष युवकों को रिहा किया जाए और पुलिस की दबिश पर रोक लगाई जाए। साथ ही रविदास मंदिर में बैठने से न रोका जाए।
सीओ अब्दुल कादिर ने महिलाओं को आश्वस्त किया कि वह किसी निर्दोष को नहीं छेड़ेंगे और दोषी को छोड़ेंगे नहीं। इस पर जांच की जा रही है। बाद में तहसील से महिलाएं एक जुलूस के रूप में हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर दिल्ली रोड घसौती चौक रजवाहे की पुलिया पर पहुंचीं।
जहां उन्होंने देवी देवताओं के चित्रों का रजवाहे में प्रवाहित करते हुए बौद्ध धर्म अपनाने का एलान किया। इसके बाद पुलिस ने सभी महिलाओं को बड़ी मुश्किल से समझा बुझाकर लौटाया। इस दौरान तहसील, दिल्ली रोड, ब्लाक कलौनी, दिल्ली रोड घसौती चौक छावनी में तब्दील रहा।
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करीब डेढ़ घंटा तक प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बवाल काटा। ये गिरफ्तार किए गए युवकों की रिहाई की मांग कर रही थीं। इसके बाद महिलाएं जुलूस के रूप में दिल्ली रोड हाईवे घसौती चौक पहुंची जहां उन्होंने देवी देवताओं की मूर्तियों और चित्रों का रजवाहे में प्रवाहित कर बौद्ध धर्म अपनाने का एलान किया।
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रामपुर मनिहारान तहसील के गांव शब्बीरपुर में हुई जातीय हिंसा के बाद 11 मई को रामपुर मनिहारान में भीम आर्मी कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस पर किए गए पथराव में मौके से एक दर्जन भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जबकि 12 अन्य के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
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नामजद युवकों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस द्वारा दबिश दी जा रही है। जिससे नाराज दलित महिलाएं शुक्रवार की सुबह साढ़े 11 बजे नारेबाजी करती हुई तहसील में पिछले गेट से दाखिल हुई। वहां महिलाओं ने जमकर हंगामा किया।
उनका कहना था कि पुलिस ने उनके समाज के निर्दोष युवकों को जेल भेजा है और अन्य फर्जी नामजदगी कर युवकों के घरों पर दबिश दी जा रही है। उनके समाज को रविदास मंदिर तक में बैठने से रोका जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सहारनपुर में आरएसएस के कार्यक्रम चल रहे हैं और दलित समाज की शांति पूर्ण बैठकों पर रोक लगाई जा रही है। इसे बरदाश्त नहीं किया जाएगा।
बाद में महिलाओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम राकेश कुमार व सीओ अब्दुल कादिर को सौंपा। इसमें मांग की गई कि जेल में बंद निर्दोष युवकों को रिहा किया जाए और पुलिस की दबिश पर रोक लगाई जाए। साथ ही रविदास मंदिर में बैठने से न रोका जाए।
सीओ अब्दुल कादिर ने महिलाओं को आश्वस्त किया कि वह किसी निर्दोष को नहीं छेड़ेंगे और दोषी को छोड़ेंगे नहीं। इस पर जांच की जा रही है। बाद में तहसील से महिलाएं एक जुलूस के रूप में हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर दिल्ली रोड घसौती चौक रजवाहे की पुलिया पर पहुंचीं।
जहां उन्होंने देवी देवताओं के चित्रों का रजवाहे में प्रवाहित करते हुए बौद्ध धर्म अपनाने का एलान किया। इसके बाद पुलिस ने सभी महिलाओं को बड़ी मुश्किल से समझा बुझाकर लौटाया। इस दौरान तहसील, दिल्ली रोड, ब्लाक कलौनी, दिल्ली रोड घसौती चौक छावनी में तब्दील रहा।