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कई साल से चल रही मांग, बदले देवबंद और मेडिकल कॉलेज का नाम

Thu, 19 Aug 2021 11:33 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 19 Aug 2021 11:33 PM IST
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Demand going on for many years, changed the name of Deoband and Medical College
- देवबंद स्थित ठाकुर श्री राधानवरंगी लाल मंदिर के द्वार पर लगे बोर्ड पर लिखा देववृंद - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। अलीगढ़ का नाम हरिगढ़ किए जाने की चर्चा के बीच सहारनपुर जनपद में भी इसकी सरगर्मी है। क्योंकि सहारनपुर में देवबंद के साथ ही राजकीय मेडिकल कॉलेज के नाम को बदलने की मांग कई साल से उठती आई है। एक तरफ भाजपा और हिंदू संगठन के पदाधिकारी देवबंद का नाम देववृंद कराने की मांग कर रहे हैं तो दूसरी तरफ राजकीय मेडिकल कॉलेज का नाम फिर से मान्यवर कांशीराम के नाम पर रखे जाने की मांग उठती रही है। अब देखना यह है कि प्रदेश सरकार नाम परिवर्तन को लेकर क्या फैसला करती है।
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दरअसल, इलाहाबाद का प्रयागराज और फैजाबाद का नाम अयोध्या रखने के बाद हाल ही में अलीगढ़ का नाम हरिगढ़ करने की चर्चाएं जोरों पर हैं। यह बात अलग है कि अभी शासन ने इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया है। इसी बीच देवबंद के नाम को लेकर भी कयासबाजी चल रही हैं।
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गौरतलब है कि देवबंद का नाम देववृंद कराने के लिए भाजपा के देवबंद विधायक कुंवर बृजेश सिंह और बजरंग दल के प्रांत संयोजक विकास त्यागी कई बार मांग उठा चुके हैं। विधायक ने 2017 में यह मांग सदन में भी उठाई थी तो, विकास त्यागी ने 2018 में तत्कालीन नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना को ज्ञापन दिया और दो महीना पहले ही वर्तमान नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन के नाम इसी संबंध में ज्ञापन भेजा।
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ये है देवबंद का नाम देववृंद किए जाने का तर्क
भाजपा विधायक कुंवर बृजेश सिंह और बजरंग दल के प्रांत संयोजक विकास त्यागी का कहना है कि यह स्थान पूर्व में द्वैतवन, उसके बाद देवीवन और फिर देववृंद के बाद अब देवबंद के नाम से जाना जाता है। देवबंद से पहले इसका नाम देववृंद, जिसके प्रमाण आज भी कस्बे में मौजूद हैं। कस्बा के मोहल्ला कायस्थवाड़ा स्थित श्री राधा नवरंगीलाल मंदिर के गेट पर और देवी मंदिर परिसर स्थित संस्कृति विद्यालय की दीवार पर लगे शिलालेख पर देववृंद ही लिखा हुआ है। विकास त्यागी ने का कहना है कि देवबंद की पहचान माता बाला सुंदरी देवी मंदिर से है। मुगलकाल में बदलकर नाम देवबंद हुआ था। जैसे अन्य शहरों के मुगलकालीन नामों को बदलकर महापुरुषों के नाम पर किया जा रहा है, वैसे ही देवबंद का नाम देववृंद किया जाना चाहिए।

सपा सरकार में बदला था मेडिकल कॉलेज का नाम
पिलखनी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज का नाम बसपा सरकार के दौरान बसपा संस्थापक मान्यवर कांशीराम राजकीय मेडिकल कॉलेज रखा गया था। बाद में जब 2012 में समाजवादी पार्टी की सरकार आई तो इसका नाम शेखुल हिंद मौलाना महमूद उल हसन राजकीय मेडिकल कॉलेज कर दिया गया। अखिल भारतीय युवा गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय महासचिव लोकेश गुर्जर सहित अन्य संगठनों द्वारा भी यह मांग होती रही है कि मेडिकल कॉलेज का नाम फिर से मान्यवर कांशीराम के नाम पर ही रखा जाए।

- पिलखनी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज

- पिलखनी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज- फोटो : SAHARANPUR

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