{"_id":"61fabd88a4d3a310297d25c1","slug":"deadly-china-made-manjha-being-sold-indiscriminately-saharanpur-news-mrt5755712152","type":"story","status":"publish","title_hn":"धड़ल्ले से बिक रहा जानलेवा चीन निर्मित मांझा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धड़ल्ले से बिक रहा जानलेवा चीन निर्मित मांझा
विज्ञापन
सहारनपुर। जिले में रोक के बावजूद जानलेवा चीनी निर्मित मांझा बिक रहा है। इनसे एक किशोर व बालक समेत तीन लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इसके बावजूद पुलिस-प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं की जा रही है। ऐसे में जानलेवा मांझा बेचने वालों के हौसले बुलंद हैं।
पांच फरवरी की वसंत पंचमी है। इस दिन पतंगबाजी को लेकर युवाओं में उत्साह है। वहीं, चीनी निर्मित मांझे की बिक्री पर प्रतिबंध है। इसके बाद भी शहर में लक्खीगेट, नुमाइश कैंप, खलासी लाइन, शारदानगर, चकराता मार्ग, पुरानी मंडी, नूरबस्ती, खानआलपुरा, ढोलीखाल, हकीकतनगर, नुमाइश कैंप, खाताखेड़ी, चिलकाना रोड समेत कई इलाकों में पतंग कारोबारी चीन निर्मित मांझा बेच रहे हैं। इसी तरह देवबंद, गंगोह, नागल, छुटमलपुर, बेहट, नकुड़, सरसावा, बिहारीगढ़, रामपुर मनिहारान समेत देहात क्षेत्रों में इस मांझे की खूब बिक्री की जा रही है।
छिपाकर रखते हैं मांझा
पतंग कारोबारी दुकानों में चीन निर्मित मांझा नहीं रखते हैं, लेकिन जब कोई ग्राहक आता है। उसको पैकेट में बंद करके चुपचाप गोदाम से लाकर थमा दिया जाता है। चीन निर्मित मांझे की वजह से जिले में बड़ी संख्या लोग घायल हो चुके हैं। इसके बावजूद चीन निर्मित मांझा बेचने वालों के खिलाफ पुलिस-प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं की जा रही है।
विज्ञापन
ज्यादा मुनाफे के लालच में बेच रहे
सामान्य मांझे की अपेक्षा चीन निर्मित मांझा सस्ता है। इसी लालच में लोग खरीदते हैं और दुकानदारों को अधिक मुनाफा होता है। इसी वजह से दुकानदार रोक के बावजूद इसे बेचते हैं। सूत्र बताते हैं कि पिछले दिनों लक्खी गेट से पुलिस ने कुछ युवकों को चीन निर्मित मांझा बेचते पकड़ा था, लेकिन बिना कार्रवाई किए ही आरोपियों को छोड़ दिया।
चाइनीज मांझे की वजह से हुए हादसे
-दो साल पूर्व जेल चुंगी पर बालक आरिफ की मांझे से गर्दन कटने की वजह से मौत हो गई थी।
-2019 शारदानगर पुल बाइक से जाते समय खलासी लाइन निवासी विशाल की गर्दन कटने से जान गई।
-2020 में चिलकाना रोड निवासी वाजिद चीन निर्मित मांझे से घायल हुआ था। उसकी चंडीगढ़ में उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
-2021 मिशन कंपाउंड निवासी महावीर चीन निर्मित मांझे की चपेट में आकर घायल हुए।
-रामनगर पठानपुरा निवासी आशु चीन निर्मित मांझे से घायल हुए।
-मल्हीपुर निवासी संजीव शर्मा व उनका आठ वर्षीय पुत्र जिला अस्पताल पुल पर चीन निर्मित मांझे से घायल हुए।
-कंबोह का पुल निवासी शाहनवाज भी चीन निर्मित मांझे की चपेट में आकर घायल हुए।
वर्जन
चीन निर्मित मांझा बेचने वालों पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। किसी के जीवन से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। इसको लेकर थाना प्रभारियों को छापा मारने के निर्देश दिए गए हैं।-राजेश कुमार, एसपी सिटी
विज्ञापन
पांच फरवरी की वसंत पंचमी है। इस दिन पतंगबाजी को लेकर युवाओं में उत्साह है। वहीं, चीनी निर्मित मांझे की बिक्री पर प्रतिबंध है। इसके बाद भी शहर में लक्खीगेट, नुमाइश कैंप, खलासी लाइन, शारदानगर, चकराता मार्ग, पुरानी मंडी, नूरबस्ती, खानआलपुरा, ढोलीखाल, हकीकतनगर, नुमाइश कैंप, खाताखेड़ी, चिलकाना रोड समेत कई इलाकों में पतंग कारोबारी चीन निर्मित मांझा बेच रहे हैं। इसी तरह देवबंद, गंगोह, नागल, छुटमलपुर, बेहट, नकुड़, सरसावा, बिहारीगढ़, रामपुर मनिहारान समेत देहात क्षेत्रों में इस मांझे की खूब बिक्री की जा रही है।
विज्ञापन
छिपाकर रखते हैं मांझा
पतंग कारोबारी दुकानों में चीन निर्मित मांझा नहीं रखते हैं, लेकिन जब कोई ग्राहक आता है। उसको पैकेट में बंद करके चुपचाप गोदाम से लाकर थमा दिया जाता है। चीन निर्मित मांझे की वजह से जिले में बड़ी संख्या लोग घायल हो चुके हैं। इसके बावजूद चीन निर्मित मांझा बेचने वालों के खिलाफ पुलिस-प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं की जा रही है।
विज्ञापन
ज्यादा मुनाफे के लालच में बेच रहे
सामान्य मांझे की अपेक्षा चीन निर्मित मांझा सस्ता है। इसी लालच में लोग खरीदते हैं और दुकानदारों को अधिक मुनाफा होता है। इसी वजह से दुकानदार रोक के बावजूद इसे बेचते हैं। सूत्र बताते हैं कि पिछले दिनों लक्खी गेट से पुलिस ने कुछ युवकों को चीन निर्मित मांझा बेचते पकड़ा था, लेकिन बिना कार्रवाई किए ही आरोपियों को छोड़ दिया।
चाइनीज मांझे की वजह से हुए हादसे
-दो साल पूर्व जेल चुंगी पर बालक आरिफ की मांझे से गर्दन कटने की वजह से मौत हो गई थी।
-2019 शारदानगर पुल बाइक से जाते समय खलासी लाइन निवासी विशाल की गर्दन कटने से जान गई।
-2020 में चिलकाना रोड निवासी वाजिद चीन निर्मित मांझे से घायल हुआ था। उसकी चंडीगढ़ में उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
-2021 मिशन कंपाउंड निवासी महावीर चीन निर्मित मांझे की चपेट में आकर घायल हुए।
-रामनगर पठानपुरा निवासी आशु चीन निर्मित मांझे से घायल हुए।
-मल्हीपुर निवासी संजीव शर्मा व उनका आठ वर्षीय पुत्र जिला अस्पताल पुल पर चीन निर्मित मांझे से घायल हुए।
-कंबोह का पुल निवासी शाहनवाज भी चीन निर्मित मांझे की चपेट में आकर घायल हुए।
वर्जन
चीन निर्मित मांझा बेचने वालों पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। किसी के जीवन से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। इसको लेकर थाना प्रभारियों को छापा मारने के निर्देश दिए गए हैं।-राजेश कुमार, एसपी सिटी