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निर्माणाधीन स्पोटर्स के कैंपस में खैर के पेड़ काटे
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स्पोर्ट्स कॉलेज की बाउंड्री वॉल के अंदर से काटे गए खैर के पेड़ ठूठ
- फोटो : SAHARANPUR
बेहट (सहारनपुर)। शुक्रवार की रात में फतेहउल्लापुर में निर्माणाधीन स्पोर्ट्स कॉलेज के कैंपस में खड़े बेशकीमती खैर के पेड़ काट रहे तस्कर पुलिस के पहुंचने पर भाग खड़े हुए। चौकीदार भी गायब मिले। पुलिस को मौके से दो बाइकें बरामद हुई, जिन्हें कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
थाना मिर्जापुर क्षेत्र के फतेहउल्लापुर में ग्राम समाज की भूमि पर निर्माणाधीन स्पोर्ट्स कॉलेज के कैंपस में खैर के पेड़ खड़े हैं। शुक्रवार की रात में किसी ने पुलिस को सूचना दी कुछ तस्कर चौकीदारों के साथ मिलकर कैंपस में खड़े खैर के बेशकीमती पेड़ों को काट रहे हैं। पुलिस के मौके पर पहुंचने पर तस्कर कॉलेज की बाउंड्री वॉल फांदकर जंगल की तरफ भाग निकले। अंधेरा होने के कारण पुलिस उनका पीछा नहीं कर पाई। यहां ड्यूटी पर मौजूद दोनों चौकीदार भी गायब मिले। पुलिस मौके से मिली दो बाइकों को कब्जे में लेकर थाने ले आई। सुबह होने पर पुलिस को कैंपस में काटे पेड़ों की लकड़ी मिली। बाउंड्री वॉल के पार जंगल की तरफ तलाश किए जाने पर काटे गए पेड़ों की लकड़ियां घास में पड़ी मिली। इन लकड़ियों को छिपा कर रखा गया था। पुलिस ने लकड़ियों को भी कब्जे में ले लिया है। थाना प्रभारी निरीक्षक विरेश पाल गिरि ने बताया कि महमूदपुर के प्रधान इश्तयाक अहमद की तरफ से अज्ञात तस्करों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच की जा रही है।
संदिग्ध मानी जा रही है चौकीदारों की भूमिका
स्पोर्ट्स कॉलेज के कैंपस से शुक्रवार की रात में तस्करों द्वारा काटे गए खैर के पेड़ों के मामले में यहां रहने वाले दोनों चौकीदारों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। ग्रामीणों ने कहा बाउंड्रीवॉल के अंदर चौकीदारों की मौजूदगी के बीच तस्करों द्वारा पेड़ों को काटा जाना उनकी भूमिका को संदिग्ध कर रहा है। दूसरे पुलिस के पहुंचने पर चौकीदार यहां से गायब मिले। पुलिस यदि चौकीदारों को हिरासत में लेकर उनसे सख्ती से पूछताछ करें तो पेड़ों के कटान के पीछे किसका हाथ है, यह साफ हो जाएगा। गौर करने लायक बात यह भी है कि इनमें से एक चौकीदार को पुलिस पूर्व में भी स्पोर्ट्स कॉलेज से लोहे के सामान को चोरी करते हुए पकड़ कर जेल भेज चुकी है। बावजूद इसके इन चौकीदार को दोबारा स्पोर्ट्स कॉलेज में पड़े निर्माण संबंधी सामान और पेड़ों की रखवाली की जिम्मेदारी सौंप दी गई।
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ऐसे ही बर्बाद हो गई करोड़ों की संपत्ति
सिस्टम की लापरवाही से स्पोर्ट्स कॉलेज के निर्माण के लिए आवंटित ग्राम समाज की भूमि से करोड़ों रुपये की कीमत के खैर के पेड़ धीरे - धीरे तस्कर काट रहे हैं। वर्ष 2012 में इस भूमि में करीब 4500 पेड़ खड़े थे, इनमें से 2693 पेड़ों की नीलामी उस समय ग्राम पंचायत ने 43.25 लाख रुपये में की, लेकिन यह नीलामी निरस्त कर दी थी। तब से धीरे धीरे यहां से पेड़ काटे जा रहे हैं। अब स्पोर्ट्स कॉलेज के परिसर में मुश्किल से 200 से 300 पेड़ बचे हैं। इन पर भी तस्करों की नजर है। यदि सरकारी तंत्र सजग रहता, तो सरकार को इतने बड़े राजस्व का नुकसान नहीं होता।
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थाना मिर्जापुर क्षेत्र के फतेहउल्लापुर में ग्राम समाज की भूमि पर निर्माणाधीन स्पोर्ट्स कॉलेज के कैंपस में खैर के पेड़ खड़े हैं। शुक्रवार की रात में किसी ने पुलिस को सूचना दी कुछ तस्कर चौकीदारों के साथ मिलकर कैंपस में खड़े खैर के बेशकीमती पेड़ों को काट रहे हैं। पुलिस के मौके पर पहुंचने पर तस्कर कॉलेज की बाउंड्री वॉल फांदकर जंगल की तरफ भाग निकले। अंधेरा होने के कारण पुलिस उनका पीछा नहीं कर पाई। यहां ड्यूटी पर मौजूद दोनों चौकीदार भी गायब मिले। पुलिस मौके से मिली दो बाइकों को कब्जे में लेकर थाने ले आई। सुबह होने पर पुलिस को कैंपस में काटे पेड़ों की लकड़ी मिली। बाउंड्री वॉल के पार जंगल की तरफ तलाश किए जाने पर काटे गए पेड़ों की लकड़ियां घास में पड़ी मिली। इन लकड़ियों को छिपा कर रखा गया था। पुलिस ने लकड़ियों को भी कब्जे में ले लिया है। थाना प्रभारी निरीक्षक विरेश पाल गिरि ने बताया कि महमूदपुर के प्रधान इश्तयाक अहमद की तरफ से अज्ञात तस्करों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच की जा रही है।
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संदिग्ध मानी जा रही है चौकीदारों की भूमिका
स्पोर्ट्स कॉलेज के कैंपस से शुक्रवार की रात में तस्करों द्वारा काटे गए खैर के पेड़ों के मामले में यहां रहने वाले दोनों चौकीदारों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। ग्रामीणों ने कहा बाउंड्रीवॉल के अंदर चौकीदारों की मौजूदगी के बीच तस्करों द्वारा पेड़ों को काटा जाना उनकी भूमिका को संदिग्ध कर रहा है। दूसरे पुलिस के पहुंचने पर चौकीदार यहां से गायब मिले। पुलिस यदि चौकीदारों को हिरासत में लेकर उनसे सख्ती से पूछताछ करें तो पेड़ों के कटान के पीछे किसका हाथ है, यह साफ हो जाएगा। गौर करने लायक बात यह भी है कि इनमें से एक चौकीदार को पुलिस पूर्व में भी स्पोर्ट्स कॉलेज से लोहे के सामान को चोरी करते हुए पकड़ कर जेल भेज चुकी है। बावजूद इसके इन चौकीदार को दोबारा स्पोर्ट्स कॉलेज में पड़े निर्माण संबंधी सामान और पेड़ों की रखवाली की जिम्मेदारी सौंप दी गई।
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ऐसे ही बर्बाद हो गई करोड़ों की संपत्ति
सिस्टम की लापरवाही से स्पोर्ट्स कॉलेज के निर्माण के लिए आवंटित ग्राम समाज की भूमि से करोड़ों रुपये की कीमत के खैर के पेड़ धीरे - धीरे तस्कर काट रहे हैं। वर्ष 2012 में इस भूमि में करीब 4500 पेड़ खड़े थे, इनमें से 2693 पेड़ों की नीलामी उस समय ग्राम पंचायत ने 43.25 लाख रुपये में की, लेकिन यह नीलामी निरस्त कर दी थी। तब से धीरे धीरे यहां से पेड़ काटे जा रहे हैं। अब स्पोर्ट्स कॉलेज के परिसर में मुश्किल से 200 से 300 पेड़ बचे हैं। इन पर भी तस्करों की नजर है। यदि सरकारी तंत्र सजग रहता, तो सरकार को इतने बड़े राजस्व का नुकसान नहीं होता।

स्पोर्ट्स कॉलेज की बाउंड्री वॉल के अंदर से काटे गए खैर के पेड़- फोटो : SAHARANPUR