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किसानों को दिए फसल अवशेष प्रबंधन के टिप्स
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सहारनपुर। कृषि विज्ञान केंद्र सभागार में आयोजित कार्यक्रम में किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के टिप्स दिए गए। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन से मृदा में जीवांश कार्बन की मात्रा बढती है।
शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में सरदार पटेल विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार डॉक्टर पीके सिंह ने किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन में काम आने वाले कृषि यंत्रों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हैप्पी सीडर, रोटरी सीडड्रिल, जीरो टिलेज मशीन, मल्चर आदि के प्रयोग के फायदों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि एक टन फसल अवशेष जलाने से 5.5 किलो नत्रजन, 2.3 किलो फॉस्फोरस, 2.5 किलो पोटाश और 1.2 किलो गंधक का नुकसान होता है। इसलिए किसानों को किसी भी सूरत में फसल अवशेष को जलाना नहीं चाहिए। फसल अवशेष को यत्रों की सहायता से मृदा में मिला देना चाहिए। डॉक्टर केजी यादव, डॉक्टर प्रवीन कुमार, केवीके प्रभारी डॉक्टर आईके कुशवाहा, डॉक्टर जय सिंह, डॉक्टर सुखदेव सिंह, डॉक्टर विरेंद्र कुमार, डॉक्टर अमरजीत राठी आदि ने भी विचार रखे।
चीनी मिलों ने किया 51.38 करोड़ का भुगतान
सहारनपुर। जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि शुक्रवार को दो चीनी मिलों ने 51.38 करोड रुपये का गन्ना मूल्य का भुगतान किया है।
इनमें गांगनौली चीनी मिल ने पेराई सत्र 2020-21 का 32.26 करोड और शेरमऊ चीनी मिल ने मौजूदा पेराई सत्र में खरीदे गए गन्ने का 19.12 करोड रुपये का भुगतान कर दिया है।
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शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में सरदार पटेल विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार डॉक्टर पीके सिंह ने किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन में काम आने वाले कृषि यंत्रों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हैप्पी सीडर, रोटरी सीडड्रिल, जीरो टिलेज मशीन, मल्चर आदि के प्रयोग के फायदों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि एक टन फसल अवशेष जलाने से 5.5 किलो नत्रजन, 2.3 किलो फॉस्फोरस, 2.5 किलो पोटाश और 1.2 किलो गंधक का नुकसान होता है। इसलिए किसानों को किसी भी सूरत में फसल अवशेष को जलाना नहीं चाहिए। फसल अवशेष को यत्रों की सहायता से मृदा में मिला देना चाहिए। डॉक्टर केजी यादव, डॉक्टर प्रवीन कुमार, केवीके प्रभारी डॉक्टर आईके कुशवाहा, डॉक्टर जय सिंह, डॉक्टर सुखदेव सिंह, डॉक्टर विरेंद्र कुमार, डॉक्टर अमरजीत राठी आदि ने भी विचार रखे।
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चीनी मिलों ने किया 51.38 करोड़ का भुगतान
सहारनपुर। जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि शुक्रवार को दो चीनी मिलों ने 51.38 करोड रुपये का गन्ना मूल्य का भुगतान किया है।
इनमें गांगनौली चीनी मिल ने पेराई सत्र 2020-21 का 32.26 करोड और शेरमऊ चीनी मिल ने मौजूदा पेराई सत्र में खरीदे गए गन्ने का 19.12 करोड रुपये का भुगतान कर दिया है।
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